15 की पानी की बोतल के देने होंगे 15 हजार, कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया जुर्माना

Ashish Bhardwaj | Aug 10, 2026, 19:31 IST
Share
कोर्ट ने लगाया जुर्माना
कोर्ट ने लगाया जुर्माना

राजस्थान के बीकानेर में रेस्टोरेंट ने 20 रुपए की पानी की बोतल 35 रुपए में बेची। कंज्यूमर कोर्ट ने इसे अनुचित व्यापार माना और संचालक पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बीकानेर रेस्टोरेंट को पानी की बोतल महंगी बेचना पड़ा भारी।
  • 20 रुपए की बोतल 35 रुपए में बेचने पर लगा 15 हजार जुर्माना।
  • कंज्यूमर कोर्ट ने ग्राहक के पक्ष में सुनाया फैसला।
  • अतिरिक्त वसूले 15 रुपए ब्याज सहित लौटाने के आदेश।
  • रेस्टोरेंट को मानसिक क्षति और केस खर्च भी देना होगा।
राजस्थान के बीकानेर में रेस्टोरेंट संचालक को 20 रुपए की बोतल 35 रुपए में बेचनी भारी पड़ गई। अब उसे इसके एवज में 15 हजार रुपए चुकाने होंगे। कंज्यूमर कोर्ट ने ग्राहक की अपील पर यह फैसला सुनाया। साथ ही अतिरिक्त वसूले गए 15 रुपए भी 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने होंगे। मामला पंचशती सर्किल स्थित एक रेस्टोरेंट का है।

बोतल पर वसूले 15 रुपए ज्यादा

हिमांशु गौतम ने बताया कि वे 28 जून 2025 की शाम अपनी पत्नी के साथ फरिश्ता गार्डन रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचे थे। उन्हें टेबल नंबर 6 पर सर्विस दी गई थी और उन्होंने कुल 840 रुपए चुकाए।

बिल देखने पर पता चला कि पानी की बोतल के 35 रुपए वसूले गए हैं, जबकि बोतल पर एमआरपी (MRP – Maximum Retail Price) सिर्फ 20 रुपए अंकित था।

जब उन्होंने 15 रुपए ज्यादा वसूलने पर आपत्ति जताई, तो रेस्टोरेंट स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की। इसके बाद हिमांशु ने अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस लेने के लिए संचालक को कानूनी नोटिस भेजा। लेकिन न तो राशि लौटाई गई और न ही कोई जवाब दिया गया।

संचालक कोर्ट में नहीं हुआ पेश

राशि वापस न मिलने पर हिमांशु गौतम ने अपने अधिवक्ता अनिल सोनी और शिव कुमार के जरिए जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। आयोग ने रेस्टोरेंट पक्ष को नोटिस जारी किया।

नोटिस तामील होने के बावजूद रेस्टोरेंट संचालक आयोग के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद 20 नवंबर 2025 को एकतरफा कार्रवाई शुरू की गई। परिवादी ने अपना शपथ-पत्र और जरूरी दस्तावेज आयोग के सामने पेश किए।

आयोग ने माना अनुचित व्यापार

आयोग ने 28 जून 2025 को रेस्टोरेंट की ओर से जारी बिल की जांच की। बिल में पानी की बोतल के लिए 35 रुपए वसूले गए थे, जबकि सबूतों से यह साबित हुआ कि बोतल का वास्तविक मूल्य 20 रुपए ही था।

आयोग ने इसे सर्विस फॉल्ट और अनुचित व्यापार की श्रेणी में माना। आयोग ने आदेश दिया कि रेस्टोरेंट संचालक परिवादी को अतिरिक्त वसूली गई 15 रुपए की राशि लौटाए।

इस राशि पर 28 जून 2025 से 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 10 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अलग से चुकाने होंगे।

ये खबर भी पढे़:-

राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव का प्लान तैयार, जानें कितने चरणों में वोटिंग?

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस, 600 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी

जयपुर में कांग्रेस रैली के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की, महिला कार्यकर्ता बेहोश

लोहावट हत्याकांड में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, पांच दिन से भूख हड़ताल जारी

Tags:
  • राजस्थान
  • कंज्यूमर कोर्ट
  • रेस्टोरेंट
  • बीकानेर
  • ब्याज
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा