नसबंदी के बाद संतान, अस्पताल पर गंभीर आरोप, महिला ने कोर्ट में किया केस
Ashish Bhardwaj | Mar 19, 2026, 14:17 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के बीकानेर में एक महिला की नसबंदी फेल हो गई। इसके बाद उसे पांचवी संतान हुई। कोर्ट ने अस्पताल को दोषी नहीं ठहराया, लेकिन सरकार को महिला को सहायता राशि देने का आदेश दिया।
News In Short
- बीकानेर में नसबंदी के बाद पैदा हुई पांचवी संतान का मामला आया सामने।
- अस्पताल ने जांच में किया जुड़वां बच्चों का झूठा दावा।
- महिला ने कानूनी कार्रवाई कर कोर्ट से की मुआवजे की मांग।
- कोर्ट ने अस्पताल को दोषी ठहराने से किया मना।
- महिला को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार को दिए निर्देश।
News In Detail
राजस्थान के बीकानेर में एक महिला की नसबंदी फेल होने का मामला कानूनी गलियारों तक पहुंच गया है। चार बच्चों की मां ने आर्थिक तंगी के चलते परिवार नियोजन अपनाया था, लेकिन दो साल बाद जब वह फिर से गर्भवती हो गई। इस पर न केवल उसे सामाजिक तानों का सामना करना पड़ा, बल्कि अस्पताल के साथ एक लंबी कानूनी जंग भी शुरू हो गई।
नसबंदी फेल और जुड़वां बच्चों का सस्पेंस
अस्पताल में जांच के बाद उसे बताया गया कि वह जुड़वां बच्चों की मां बनने वाली हैं। एक बच्चा संक्रमित है, जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता है। अस्पताल ने महिला से जल्द ऑपरेशन करने का दबाव डाला।
जब महिला ने सरकारी पीबीएम अस्पताल में जांच कराई, तो पता चला कि गर्भ में सिर्फ एक ही बच्चा है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। 18 अक्टूबर 2017 को महिला ने पांचवीं संतान को जन्म दिया।
कोर्ट में मुआवजे की मांग
क्या कहा कोर्ट ने?
चूंकि अस्पताल ने पहले ही फॉलोअप कार्ड में फेल होने की आशंका के बारे में जानकारी दी थी। ये बताया था कि कई बार ऑपरेशन फेल होने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में माहवारी सामान्य तरीके से नहीं होने पर अस्पताल में संपर्क करें, इसलिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
सरकार देगी क्लेम
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