टीकाराम जूली ने लगाए भाजपा पर आरोप, बोले-दलित हूं, इसलिए सहन नहीं हो रहा

Purshottam Kumar Joshi | Jan 27, 2026, 20:15 IST
Share
tikaram juli
Photograph: (the sootr)

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर राजस्थान विधानसभा में जानबूझकर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को दलित नेता प्रतिपक्ष सहन नहीं हो रहा है। सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

News in Short

  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर विधानसभा कार्यवाही जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने कहा, "पहली बार दलित नेता प्रतिपक्ष बना है, भाजपा इसे हजम नहीं कर पा रही है।"
  • जूली ने बीजेपी के हंगामा करने के आरोपों का खंडन किया और कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए।
  • जूली का दावा है कि भाजपा सिर्फ अपनी राजनीति के लिए आरोप लगा रही है।
  • उन्होंने भाजपा से जवाब न मिलने पर सदन की कार्यवाही को स्थगित करने का अल्टीमेटम दिया।

News in Detail

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार को कहा कि मैं दलित हूं, इसलिए भाजपा नेता प्रतिपक्ष के रूप में मुझे सहन नहीं कर पा रही है। भाजपा सरकार विधानसभा में जनता के सवालों का जवाब भी नहीं दे रही है।

उन्होंने भाजपा पर विधानसभा में जानबूझकर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे डरने वाले नहीं हैं और संविधान के तहत जनता की आवाज उठाते रहेंगे। जूली ने चेतावनी दी कि अगर जवाब नहीं मिलता तो स्थिति वैसी की वैसी रहेगी।

भाजपा के कार्यों पर सवाल

टीकाराम जूली ने यह भी कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल अपना बजट पास करना है, और उन्हें राजस्थान की जनता से कोई मतलब नहीं है। वह विपक्ष पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाते हैं, जबकि उन्होंने स्वयं यह देखा है कि बड़ी वार्ताओं के माध्यम से समस्याओं का समाधान हो सकता है।

"भाजपा केवल पर्सेप्शन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि विपक्ष को बदनाम किया जा सके," जूली ने कहा।
उनका आरोप है कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने से बचती है और सदन को जानबूझकर बाधित करती है।

जूली का आत्मविश्वास और चुनौती

टीकाराम जूली ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे भाजपा उन पर कितने भी हमले करे, या कितने भी हमलावर उनके पीछे लगे रहें, वह अपने संविधानिक कर्तव्यों का पालन करेंगे। जूली ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य हमेशा राजस्थान की जनता की आवाज उठाना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार जवाब देती है तो बहुत अच्छा है, अगर नहीं तो वही स्थिति बनी रहेगी।

जनहित और पारदर्शिता

टीकाराम जूली का यह भी मानना है कि बीजेपी ने जानबूझकर एक गलत पर्सेप्शन तैयार किया है कि विपक्ष हमेशा सदन को बाधित करता है। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर जब सदन बाधित हुआ तो यह केवल अस्थायी था। रात के तीन बजे तक भी काम चल सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे, न कि उनसे भागे।
आगे जूली ने यह भी कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अगर यह नहीं हुआ तो वही स्थिति बनी रहेगी।

जूली के सरकार पर आरोप

टीकाराम जूली ने भाजपा के रवैये पर भी सवाल उठाए और यह आरोप लगाया कि वह सिर्फ अपनी राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। वह कहते हैं कि सरकार के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह विपक्षी नेताओं से बात करके समस्याओं का समाधान निकाले।

उन्होंने कहा कि राजस्थान का किसान, युवा, गरीब और महिलाएं विधानसभा में हो रही चर्चाओं को ध्यान से देख रहे हैं।
उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करेगी।

बजट सत्र कब से होगा शुरू

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र बुधुवार 28 जनवरी को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण से होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। विधानसभा का यह बजट सत्र करीब एक महीने चलने की उम्मीद है।

इस सत्र में प्रमुख विधेयक जो सरकार कर सकती पेश

  1. डिस्टर्ब एरिया बिल (Disturbed Areas Bill) 2026: सरकार इस विधेयक को पेश कर सकती है, जो अशांत क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण को नियंत्रित करने से संबंधित है।
  2. पंचायती राज और नगर पालिका संशोधन: दो बच्चों की बाध्यता को हटाने के लिए कानूनों में संशोधन के बिल लाए जा सकते हैं।

चर्चा के मुख्य मुद्दें:

विपक्ष की घेराबंदी: विधानसभा में कांग्रेस ओएमआर शीट में गड़बड़ी, मतदाता सूची से नाम हटने और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में देरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

बजट घोषणाएं: विधानसभा बजट सत्र में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है। विशेष रूप से लाडो प्रोत्साहन योजना और पेंशन राशि में बढ़ोतरी की संभावना है।

राजस्थान सरकारी विभाग में भर्ती, 20 फरवरी तक करें ऑनलाइन आवेदन



Tags:
  • कांग्रेस
  • राजस्थान विधानसभा
  • दलित
  • सर्वदलीय बैठक
  • विधानसभा बजट सत्र
  • भाजपा
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं