कैंसर मरीजों को मिलेगी टेलीमेडिसिन सुविधा, नहीं लगाने पड़ेंगे जयपुर के चक्कर
Jageshwar prasad | Jul 20, 2026, 19:48 IST
अब जिले में ही मिलेगा कैंसर मरीजों को इलाज
राजस्थान में हर साल 40-45 हजार नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। अगस्त से राज्य के समस्त जिलों में टेलीमेडिसिन से इलाज मिलेगा, जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में हर साल मिल रहे 40-45 हजार नए कैंसर मरीज।
- अब जयपुर के चक्कर नहीं, जिले में मिलेगा टेलीमेडिसिन इलाज।
- क्योंकि अर्ली डिटेक्शन से कैंसर को पूरी तरह हराया जा सकता है।
- मोटापा, प्रदूषण और बदलती जीवनशैली बढ़ा रही कैंसर का खतरा।
- दुनिया में हर पांचवां व्यक्ति होगा कैंसर से प्रभावित।
कैंसर के इलाज के लिए मरीज को एसएमएस अस्पताल, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट या निजी अस्पताल जाना पड़ता है। इसी बीच राहत की खबर यह है कि अगस्त से जिलों में ही टेलीमेडिसिन के जरिए इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।
हर दिन 4,300 से ज्यादा नए मरीज
राजस्थान में एकीकृत कैंसर रजिस्ट्री शुरू करने की तैयारी भी इसी वजह से हो रही है। इससे हर जिले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
हाल ही जारी ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन कैंसर 2026 के अनुसार दुनियाभर में हर साल करीब 2.06 करोड़ नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। साल 2050 तक यह आंकड़ा 3.5 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
जल्द पहचान से मिली नई जिंदगी
टोंक जिले की एक 70 साल की महिला को 10 साल पहले शुरुआती स्तर पर ब्लड कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद अब वह कुछ दवाइयों के सहारे सामान्य जीवन जी रही है। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि जल्द पहचान से कैंसर को हराया जा सकता है।
किन कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा
मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, प्रदूषण और बदलती जीवनशैली इसके नए जोखिम कारक बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच की कमी भी बड़ी समस्या है। इस वजह से कई मरीज देरी से अस्पताल पहुंचते हैं।
देर से पहचान से बढ़ता है खतरा
पॉपुलेशन बेस कैंसर रजिस्ट्री, यानी PBCR सभी नए मामलों का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार करती है। इसी के आधार पर बेहतर इलाज सुविधाओं की योजना बनाई जा सकती है।
अब जिले में ही मिलेगा इलाज
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि नई कैंसर गाइडलाइन लागू कर दी गई है। उनके अनुसार इससे इलाज प्रक्रिया अधिक सरल और मरीज-केंद्रित बनेगी। यह जानकारी सोमवार को शासन सचिवालय में हुई RGHS समीक्षा बैठक में दी गई।
FAQ
- कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी उपाय क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती जांच सबसे बड़ी जीत है। तंबाकू नियंत्रण से एक-तिहाई कैंसर रोके जा सकते हैं। स्क्रीनिंग बढ़ाने और जिला स्तर तक कैंसर रजिस्ट्री विकसित करने की भी जरूरत है। - टेलीमेडिसिन सुविधा क्या है?
टेलीमेडिसिन सुविधा एक ऐसी डिजिटल चिकित्सा सेवा है, जिसके माध्यम से डॉक्टर और मरीज अस्पताल में व्यक्तिगत रूप से मिले बिना इंटरनेट, वीडियो कॉल, ऑडियो कॉल या टेक्स्ट मैसेज के जरिए दूर से ही परामर्श, निदान और इलाज प्राप्त करते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों के लिए वरदान है।
ये भी पढ़ें:-
RGHS में भ्रष्टाचार को लेकर 3 महीने में 51 अस्पताल निलंबित, 24 पर जुर्माना
उम्मेद अस्पताल में प्रसूता को चढ़ाया गलत ब्लड, फैला किडनी में इन्फेक्शन
जोधपुर उम्मेद हॉस्पिटल में 2 दिन में 5 प्रसूताएं गंभीर, तीन आईसीयू में
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari