चूरू में साधु की मौत के 50 घंटे बाद समाधि से निकाला शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, 6 पर केस दर्ज

Ashish Bhardwaj | Oct 08, 2026, 20:21 IST
Share
साधु की मौत के बाद हंगामा
साधु की मौत के बाद हंगामा

चूरू के सांगासर गांव में साधु बन्नानाथ की मौत के करीब 50 घंटे बाद पुलिस ने समाधि से उनका शव बाहर निकलवाया। परिजनों ने दूसरे संतों पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। घटना से नाराज लोगों ने सालासर मार्ग पर जाम भी लगाया।

राजस्थान के चूरू जिले में एक साधु की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। रतनगढ़ के सांगासर गांव में दो संतों के बीच विवाद के बाद साधु बन्नानाथ की मौत हो गई। आरोप है कि उनकी मौत के बाद परिवार को बताए बिना ही शव को समाधि दे दी गई। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने करीब 50 घंटे बाद समाधि खुलवाकर शव बाहर निकलवाया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।

हरियाणा के रहने वाले थे साधु बन्नानाथ

मृतक साधु की पहचान बन्नानाथ के रूप में हुई है। वे हरियाणा के सिरसा जिले के धौलपालिया गांव के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक, बन्नानाथ ने वर्ष 2004 में संन्यास ले लिया था। इसके बाद वे साधु के रूप में रहने लगे थे। वे रावतसर स्थित बालकनाथ के आश्रम से भी जुड़े हुए थे। परिवार का आरोप है कि बालकनाथ के साथ विवाद होने के बाद बन्नानाथ की मौत हुई। इसके बावजूद किसी ने परिवार को इसकी सूचना नहीं दी। परिजनों का कहना है कि उन्हें बन्नानाथ की मौत और शव को समाधि देने की जानकारी बाद में मिली। इसके बाद परिवार के लोगों ने पूरे मामले पर सवाल उठाए और पुलिस से जांच की मांग की।

सांगासर पहुंचने के बाद बन्नानाथ से टूट गया था संपर्क

चुरू पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, बन्नानाथ कुछ दिन पहले चूरू जिले के सांगासर गांव पहुंचे थे। परिजनों को बाद में पता चला कि बालकनाथ उन्हें सांगासर में बजरंगनाथ के पास छोड़कर गए थे।

इसके बाद परिवार का बन्नानाथ से संपर्क नहीं हो पाया। जब काफी समय तक उनसे बात नहीं हुई तो परिजनों ने उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान परिवार को पता चला कि संतों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद बन्नानाथ की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि झगड़े के दौरान बन्नानाथ के साथ मारपीट की गई थी। इसी वजह से उनकी जान गई।

हालांकि, मौत की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

परिजनों का आरोप- हत्या के बाद शव को समाधि दी

बन्नानाथ के परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि बन्नानाथ के साथ पहले मारपीट की गई। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। आरोप यह भी है कि घटना को छिपाने के लिए परिवार को सूचना दिए बिना ही शव को समाधि दे दी गई। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब बन्नानाथ की मौत हुई तो परिवार को तुरंत जानकारी क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि मौत किन हालात में हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल ये सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।

मौत के 50 घंटे बाद पुलिस ने समाधि से निकलवाया शव

परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चूंकि बन्नानाथ के शव को पहले ही समाधि दी जा चुकी थी, इसलिए मौत की वजह पता लगाने के लिए शव बाहर निकालना जरूरी था।

इसके बाद उपखंड मजिस्ट्रेट यानी एसडीएम के आदेश पर समाधि खोलने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में पुलिस ने करीब 50 घंटे बाद समाधि से शव बाहर निकलवाया।

इस दौरान मेडिकल टीम और एफएसएल की टीम भी मौजूद रही। एफएसएल टीम का काम घटनास्थल से ऐसे सबूत जुटाना होता है, जिनसे जांच में मदद मिल सके। समाधि से निकालने के बाद शव को मोर्चरी पहुंचाया गया। यहां मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। इससे मौत की वजह समझने में मदद मिल सकती है।

बालकनाथ और बजरंगनाथ समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया है। मामले में बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूणनाथ और लक्ष्मीनारायण सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। शिकायत में छह लोगों को नामजद करने और कुछ अन्य लोगों पर भी आरोप लगाने की बात कही गई है। पुलिस ने फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बन्नानाथ और दूसरे संतों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि बन्नानाथ की मौत कब और किन हालात में हुई। मौत के बाद शव को समाधि देने का फैसला किसने लिया और परिवार को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।

राजस्थान पंचायत चुनाव: भाजपा का संकल्प पत्र जारी, गांवों में शहर जैसी सुविधाएं देने का वादा | Rajasthan Panchayat Elections: BJP releases manifesto, promises city-like facilities in villages
राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए संकल्प पत्र लाएगी भाजपा, मदन राठौड़ बोले- गांवों में भी देंगे शहर जैसी सुविधाएं
08 Oct 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए भाजपा 11 अक्टूबर को संकल्प पत्र जारी करेगी। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी और गांवों में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। राठौड़ ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट की एकजुटता पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को दिखावा बताया।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए भाजपा 11 अक्टूबर को संकल्प पत्र जारी करेगी। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी और गांवों में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। राठौड़ ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट की एकजुटता पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को दिखावा बताया।

साधु की मौत से नाराज लोगों ने सालासर मार्ग पर लगाया जाम

बन्नानाथ की मौत और हत्या के आरोपों की जानकारी मिलने के बाद सांगासर गांव में लोगों की नाराजगी बढ़ गई। घटना के विरोध में ग्रामीण और अन्य लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने सालासर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने की कोशिश की। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद लोगों ने रास्ता खोल दिया। इसके बाद सड़क पर आवाजाही सामान्य हो सकी। समाधि से शव निकालने के दौरान भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। माहौल को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए। सीआई संदीप कुमार सहित पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर तैनात रहा।

राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी चाल: गोपाल गुर्जर और नेम सिंह फौजदार की घर वापसी, पार्टी को मिलेगी मजबूती? | Congress's Big Move Before Rajasthan Panchayat Elections: Gopal Gurjar and Nem Singh Faujdar Return Home, Will the Party Gain Strength?
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में दो नेताओं की एंट्री, गोपाल गुर्जर और नेम सिंह फौजदार की घर वापसी
08 Oct 2026 ,
By Saurabh Mishra
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। गोपाल गुर्जर और नेम सिंह फौजदार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दोनों नेताओं की वापसी से पार्टी को टोंक के मालपुरा और भरतपुर-डीग इलाके में फायदा मिलने की उम्मीद है। गोपाल गुर्जर 2023 में कांग्रेस से नाराज होने के बाद मालपुरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। गोपाल गुर्जर और नेम सिंह फौजदार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दोनों नेताओं की वापसी से पार्टी को टोंक के मालपुरा और भरतपुर-डीग इलाके में फायदा मिलने की उम्मीद है। गोपाल गुर्जर 2023 में कांग्रेस से नाराज होने के बाद मालपुरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बन्नानाथ की मौत कैसे हुई। परिजनों ने मारपीट और हत्या का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पुलिस अभी सबूत जुटा रही है। मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस जांच में अहम होगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मौत की वजह क्या थी और शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान थे या नहीं। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी जांच रही है।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और पुलिस की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बन्नानाथ की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

5 साल में 2 कंपनी, 12 बार बदली डेडलाइन: जयपुर का सिविल लाइंस रेलवे ब्रिज अब भी अधूरा | 5 Years, 2 Companies, 12 Deadlines Changed: Jaipur's Civil Lines Railway Bridge Still Incomplete
5 साल में 2 कंपनी और 12 बार बदली डेडलाइन, फिर भी अधूरा जयपुर का सिविल लाइंस रेलवे ब्रिज
08 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर में सिविल लाइंस क्षेत्र में बन रहा ओवरब्रिज अभी भी पांच साल बाद अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कंपनियों की अनियोजित देरी के चलते यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने अब इसके समापन की तारीख को दिसंबर 2026 निर्धारित किया है।
जयपुर में सिविल लाइंस क्षेत्र में बन रहा ओवरब्रिज अभी भी पांच साल बाद अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कंपनियों की अनियोजित देरी के चलते यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने अब इसके समापन की तारीख को दिसंबर 2026 निर्धारित किया है।
Tags:
  • चूरू साधु मौत
  • साधु बन्नानाथ हत्या का आरोप
  • समाधि से निकाला शव
  • सांगासर गांव विवाद
  • रतनगढ़ साधु मौत
  • सालासर मार्ग पर जाम
  • Churu sadhu death
  • Bannanath murder case
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल का कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम, स्वामित्व योजना पर सख्ती, काम नहीं हुआ तो जाएगी कलेक्टरी

By Sanjay Dhiman

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल का कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम, स्वामित्व योजना पर सख्ती, काम नहीं हुआ तो जाएगी कलेक्टरी
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन डीसीपी से मिले, नशे के कारोबार पर बोले- पुलिस हो रही फेल

By Sanjay Gupta

बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन डीसीपी से मिले, नशे के कारोबार पर बोले- पुलिस हो रही फेल
कांग्रेस महासागर है किसी के आने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता- पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह

By Mukesh Sharma

कांग्रेस महासागर है किसी के आने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता- पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह
राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए संकल्प पत्र लाएगी भाजपा, मदन राठौड़ बोले- गांवों में भी देंगे शहर जैसी सुविधाएं

By Jageshwar prasad

राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए संकल्प पत्र लाएगी भाजपा, मदन राठौड़ बोले- गांवों में भी देंगे शहर जैसी सुविधाएं
इंदौर सेंट्रल जेल में फैला डेंगू, 32 मरीज मिले, पानी की बाल्टी में मिले लार्वा, दो की संदिग्ध मौत

By Sanjay Gupta

इंदौर सेंट्रल जेल में फैला डेंगू, 32 मरीज मिले, पानी की बाल्टी में मिले लार्वा, दो की संदिग्ध मौत
राजस्थान में गरबा एंट्री पर VHP की नजर, ID जांच की तैयारी; तिलक-कलावा भी होगा जरुरी

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान में गरबा एंट्री पर VHP की नजर, ID जांच की तैयारी; तिलक-कलावा भी होगा जरुरी
जोधपुर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का सनसनीखेज मामला, बेखौफ सीनियर्स की प्रताड़ना से सहमीं छात्राएं

By Jageshwar prasad

जोधपुर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का सनसनीखेज मामला, बेखौफ सीनियर्स की प्रताड़ना से सहमीं छात्राएं