राजस्थान में गरबा एंट्री पर VHP की नजर, ID जांच की तैयारी; तिलक-कलावा भी होगा जरुरी
Ashish Bhardwaj | Oct 08, 2026, 19:10 IST
आईडी से मिलेगी गरबा पंडाल में एंट्री
राजस्थान में नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए पहचान जांच अनिवार्य होगी। विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि आईडी दिखाना जरूरी है। गरबा के आयोजक यह तय करेंगे कि प्रवेश कैसे नियंत्रित किया जाएगा। बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी की टीमें आयोजकों के सहयोग के लिए मौजूद रहेंगी।
राजस्थान में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अपना रुख साफ किया है। संगठन का कहना है कि गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले लोगों की पहचान की जांच की जाएगी क्योकि गरबा एक धार्मिक आयोजन है। इसलिए आने वालों की पहचान और आस्था को लेकर सावधानी जरूरी है।
शारदीय नवरात्रि इस साल 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। जयपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में गरबा और डांडिया की तैयारियां चल रही हैं। नवरात्री (Navratri) 2026 से ठीक पहले वीएचपी का यह बयान चर्चा में है।
वीएचपी (VHP – Vishva Hindu Parishad) के प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापड़ीवाल ने संगठन का पक्ष रखा। उनके मुताबिक गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले आईडी (ID – Identity Document) प्रूफ देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जिनकी हिंदू देवी-देवताओं और परंपराओं में आस्था नहीं है, उन्हें पंडाल से दूर रहना चाहिए।
वीएचपी ने इस मुद्दे पर राजस्थान के डीजीपी (DGP – Director General of Police) को सूचना दी है। संगठन का दावा है कि पिछले कुछ सालों से गरबा पंडालों से शिकायतें आती रही हैं। संगठन के मुताबिक कुछ लोगों पर माहौल खराब करने की नीयत से आने का आरोप लगता रहा है।
पहचान के लिए वीएचपी ने अलग-अलग तरीकों की बात कही है। पापड़ीवाल के मुताबिक कुछ आयोजक प्रवेश से पहले तिलक लगाने की व्यवस्था कर सकते हैं। कुछ हाथ में कलावा बांधने का तरीका अपना सकते हैं।
उन्होंने साफ किया कि यह हर आयोजक पर निर्भर करेगा। यानी तिलक और कलावा पूरे राजस्थान के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। अगर आप गरबा में जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने आयोजक के प्रवेश नियम जान लें।
वीएचपी का कहना है कि दूसरे धर्म का कोई व्यक्ति आस्था के साथ परिवार संग आए, तो उसका अपमान नहीं होगा। संगठन के मुताबिक आपत्ति सिर्फ उन लोगों से है, जिनकी नीयत आयोजकों को गलत लगे। लेकिन किसकी नीयत गलत है, यह कैसे तय होगा? इस पर अभी कोई स्पष्ट पैमाना सामने नहीं आया है।
वीएचपी ने बताया कि बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी की टीमें कई गरबा पंडालों में रहेंगी। ये टीमें आयोजकों के सहयोग के लिए मौजूद होंगी। संगठन के मुताबिक बजरंग दल युवाओं की टोली है, जो प्रशासन की मदद करेगी।
हालांकि वीएचपी ने खुद साफ किया कि बजरंग दल के पास प्रवेश रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। पापड़ीवाल के अनुसार प्रवेश से जुड़े फैसले आयोजक ही करेंगे। अगर आयोजक कार्यकर्ताओं को पंडाल के बाहर नहीं चाहता, तो संगठन उसकी बात मानेगा।
पापड़ीवाल ने कहा कि बजरंग दल को उग्रता नहीं करनी है। कार्यकर्ताओं को इस बारे में लिखित निर्देश भी दिए गए हैं।
वीएचपी के रुख के बाद गरबा आयोजनों में पहचान जांच और सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है। अब गरबा में प्रवेश नियम आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर निर्भर करेंगे। क्या पहचान जांच से माहौल ज्यादा सुरक्षित होगा, या इससे तनाव बढ़ेगा? इस सवाल का जवाब नवरात्रि के दौरान जमीन पर ही मिलेगा।
राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी वीएचपी ने ऐसी मांगें उठाई हैं। वहां भी पहचान जांच और गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर संगठन ने अपनी बात रखी है। VHP Garba से जुड़ा यह मुद्दा हर साल नवरात्रि से पहले सुर्खियों में रहता है।
नवरात्रि 2026 गरबा की तैयारियां
आईडी देखकर एंट्री की बात
डीजीपी को दी सूचना
तिलक और कलावा अनिवार्य नहीं
उन्होंने साफ किया कि यह हर आयोजक पर निर्भर करेगा। यानी तिलक और कलावा पूरे राजस्थान के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। अगर आप गरबा में जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने आयोजक के प्रवेश नियम जान लें।
दूसरे धर्म के लोगों पर क्या कहा
बजरंग दल गरबा पंडाल में रहेगा मौजूद
हालांकि वीएचपी ने खुद साफ किया कि बजरंग दल के पास प्रवेश रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। पापड़ीवाल के अनुसार प्रवेश से जुड़े फैसले आयोजक ही करेंगे। अगर आयोजक कार्यकर्ताओं को पंडाल के बाहर नहीं चाहता, तो संगठन उसकी बात मानेगा।
लिखित निर्देश दिए गए
अंतिम नियम आयोजकों और प्रशासन के हाथ
दूसरे राज्यों में भी उठी मांग
स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों को 62 साल तक नौकरी का हक नहीं, 60 में ही होगा रिटायरमेंट, HC से 14 याचिकाएं खारिज
By Neel Tiwari
Rent A Garba Partner: गरबा में पार्टनर भी किराए पर? भोपाल-इंदौर में अनोखा ट्रेंड वायरल
By Sumit Kumar
भ्रष्टाचार के खिलाफ जयपुर ACB की ट्रैप कार्रवाई, वनपाल और वनरक्षक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
By Jageshwar prasad
नाजिया इलाही खान उज्जैन में तर्पण करेंगी, क्या अपनाएंगी सनातन धर्म? भाजपा प्रवक्ता ने दिए ये संकेत
By Sandeep Kumar
एक साल से दस्तावेज पढ़ रही CBI 1000 करोड़ के समाज कल्याण घोटाले में चार्जशीट का इंतजार, बड़े IAS नामों से सवाल
By VINAY VERMA
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में दो नेताओं की एंट्री, गोपाल गुर्जर और नेम सिंह फौजदार की घर वापसी
By Saurabh Mishra
सोडाला जेडीए अतिक्रमण विरोध तीसरे दिन भी जारी: जेडीए की अर्थी निकाली, 160 फीट चौड़ीकरण पर सवाल
By Jyoti Mahender Bhardwaj