तीन भाषा फॉर्मूला लागू होने से बढ़ा असमंजस, राजस्थानी भाषा को स्थान न मिलने से रोष
Ashish Bhardwaj | May 20, 2026, 12:53 IST
Photograph: (the sootr)
इसी एक जुलाई से कक्षा 9वीं में तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होने जा रहा है। लेकिन, इस त्रि-भाषा फॉर्मूले में राजस्थानी को जगह नहीं मिली है।
News In Short
- 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9वीं में तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य।
- इस त्रि-भाषा फॉर्मूले में राजस्थानी भाषा को जगह नहीं मिली है।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही प्रदेश के सभी स्कूलों में राजस्थानी भाषा पढ़ाने को कहा था।
- राजस्थानी भाषा की अनुपस्थिति ने स्थानीय भाषा प्रेमियों को किया निराश।
News In Detail
इस नए नियम के तहत विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा शामिल होगी। इस बदलाव के बीच राजस्थान में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य की अपनी मातृभाषा राजस्थानी को इस त्रि-भाषा फॉर्मूले में जगह नहीं मिली है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर काफी असंतोष देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी?
दिलचस्प बात यह है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि राजस्थान के सभी स्कूलों में राजस्थानी भाषा पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। इसके बावजूद नए केंद्रीय नियम में राजस्थानी भाषा की अनुपस्थिति ने शिक्षाविदों और स्थानीय भाषा प्रेमियों को निराश किया है।
तीन श्रेणियों ने बढ़ाया भ्रम
आर-1 (R-1): यह वह भाषा होगी जिसमें बच्चा सबसे अधिक सहज और पारंगत हो।
आर-2 (R-2): यह दूसरी भाषा के रूप में चुनी जाएगी।
आर-3 (R-3): इसे तीसरी भाषा के रूप में विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
इस वर्गीकरण ने विशेष रूप से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। राजस्थान के अधिकांश सीबीएसई स्कूल अंग्रेजी माध्यम के हैं, लेकिन वहां पढ़ने वाले बच्चों की व्यावहारिक समझ और बोलचाल की भाषा हिंदी है।
ऐसे में स्कूल प्रबंधन और शिक्षक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि पहली भाषा (R-1) हिंदी को माना जाएगा या अंग्रेजी को। इस स्पष्टता के अभाव में स्कूल प्रबंधन, अभिभावक और विद्यार्थी सभी गहरे असमंजस में हैं।
शिक्षकों की कमी बड़ी चुनौती
नए नियमों के तहत भाषा शिक्षकों की उपलब्धता स्कूलों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। विशेषकर भारतीय भाषाओं और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रशिक्षित शिक्षकों का भारी टोटा है।
इस समस्या से निपटने के लिए बोर्ड ने स्कूलों को कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए हैं, जैसे:
ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड को मिलाकर मिश्रित शिक्षण (Blended Learning) करवाना।
सेवानिवृत्त (Retired) भाषा शिक्षकों की सेवाएं दोबारा लेना। अन्य विषयों के उन शिक्षकों की मदद लेना जो इन भाषाओं को जानने और समझने में सक्षम हैं।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि महानगरों में तो ये विकल्प काम कर सकते हैं, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों के लिए इस व्यवस्था को तुरंत लागू करना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।
ट्रांसफर होने वाले परिवारों की चिंता
उदाहरण के लिए यदि किसी अन्य राज्य से ट्रांसफर होकर आए बच्चे राजस्थान में दाखिला लेते हैं, तो उन्हें अचानक यहां की तय व्यवस्था के अनुसार नई भाषाएं पढ़नी पड़ सकती हैं।
अचानक से पाठ्यक्रम में एक नई और अपरिचित भाषा का जुड़ना बच्चों के मानसिक स्तर और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन (Academic Performance) पर विपरीत असर डाल सकता है। यही कारण है कि इस नियम को लेकर अभिभावक वर्ग बेहद चिंतित नजर आ रहा है।
ये भी पढे़:-
आईएएस की टिप्पणी के खिलाफ महिला कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, गुलाबी कपड़ों में दफ्तर पहुंचकर जताया विरोध
पुलिस में बड़ा फेरबदल: 17 IPS के तबादले, 7 जिलों को मिले नए SP
विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर छिड़का पेट्रोल, समर्थकों की गिरफ्तारी का कर रहे थे विरोध
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA