राजस्थान में खेती की जमीन पर निर्माण के नए नियम 2 नवंबर से होंगे लागू, ऑनलाइन आवेदन पर मिलेगा अप्रूवल

Jageshwar Prasad | Nov 02, 2026, 16:00 IST
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राजस्थान में जमीन रूपांतरण के नए नियम 2 नवंबर से, आवेदन करते ही मिलेगा आदेश
राजस्थान में जमीन रूपांतरण के नए नियम 2 नवंबर से, आवेदन करते ही मिलेगा आदेश

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में जमीन के रूपांतरण (Land Conversion) की जटिल प्रक्रिया को अब पारदर्शी और आसान बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान भू-राजस्व (ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि का गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए उपयोग) नियम-2026 लाए गए हैं। ये नयम 2 नवंबर 2026 से लागू हो जाएंगे। इसके साथ ही पुराने सभी नियम समाप्त कर दिए गए हैं।

अब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर मकान, दुकान, उद्योग या अन्य गैर-कृषि कार्य के लिए आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है।

SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों का प्रशासनिक पदों से मोहभंग: HOD की कुर्सी छोड़ी, कई ने लिया VRS | SMS Hospital: Senior Doctors' Disillusionment with Administrative Posts: HOD Chairs Vacated, Many Opt for VRS
SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों का प्रशासनिक पदों से मोहभंग, कई ने छोड़ी HOD की कुर्सी
01 Nov 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर अनिच्छा बढ़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय में कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों, कार्यकाल पूरा होने और अन्य वजहों का हवाला देकर विभागाध्यक्ष यानी HOD का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। कुछ डॉक्टरों ने तो अस्पताल की सेवा से ही दूरी बना ली है। नेफ्रोलॉजी विभाग में भी पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा के पद पर बने रहने से इनकार करने के बाद डॉ. संजीव शर्मा को नया HOD बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दबाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर अनिच्छा बढ़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय में कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों, कार्यकाल पूरा होने और अन्य वजहों का हवाला देकर विभागाध्यक्ष यानी HOD का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। कुछ डॉक्टरों ने तो अस्पताल की सेवा से ही दूरी बना ली है। नेफ्रोलॉजी विभाग में भी पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा के पद पर बने रहने से इनकार करने के बाद डॉ. संजीव शर्मा को नया HOD बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दबाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

आवेदन के दिन ही मिलेगा आदेश, 30 दिन में बदलेगा राजस्व रिकॉर्ड

नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया बेहद तेज और डिजिटल कर दी गई है:

  • तुरंत अनुमति: पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क (आवासीय के लिए ₹2,000 और अन्य के लिए ₹20,000) जमा करते ही आवेदन के दिन ही अनुमति आदेश जारी हो जाएगा।
  • स्वतः नामांतरण (Auto Mutation): अनुमति मिलने के बाद उपखंड अधिकारी (SDG) एक महीने (30 दिन) के भीतर दस्तावेजों की जांच करेंगे। यदि इस तय अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती या दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो 30वें दिन ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन की श्रेणी और नामांतरण अपने आप बदल जाएगा। इस अवधि के दौरान जमीन को किसी तीसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
राजस्थान की गौशालाओं में करोड़ों का घोटाला: मरी गायों के टैग पर भी अनुदान, ₹57 करोड़ की वसूली के आदेश | Crore Scam in Rajasthan's Cow Shelters: Subsidy on Dead Cows' Tags, Orders to Recover ₹57 Crore
मरी गायों के टैग पर भी अनुदान, ₹57 करोड़ की वसूली के आदेश, जयपुर की 2 गौशालाओं से कितना पैसा लौटा?
31 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान में गोवंश के नाम पर सरकारी अनुदान की ऑडिट जांच में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई थीं। प्रदेश की 38 गौशालाओं से 57.36 करोड़ रुपए की वसूली के नोटिस जारी हुए। जयपुर की पिंजरापोल और हिंगोनिया गौशाला से ही 3.62 करोड़ रुपए वसूले जाने हैं। अब सवाल है कि आदेशों के बाद कितना पैसा सरकारी खजाने में वापस पहुंचा।
राजस्थान में गोवंश के नाम पर सरकारी अनुदान की ऑडिट जांच में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई थीं। प्रदेश की 38 गौशालाओं से 57.36 करोड़ रुपए की वसूली के नोटिस जारी हुए। जयपुर की पिंजरापोल और हिंगोनिया गौशाला से ही 3.62 करोड़ रुपए वसूले जाने हैं। अब सवाल है कि आदेशों के बाद कितना पैसा सरकारी खजाने में वापस पहुंचा।

किस काम के लिए कितना देना होगा प्रीमियम?

भू-रूपांतरण नियम 2026 (Rajasthan land conversion rules 2026) के तहत कुल 14 तरह के कार्यों के लिए भूमि उपयोग की अनुमति मिलेगी। प्रीमियम की गणना ऑनलाइन होगी:

  • स्वतंत्र उपयोग (आवासीय आदि): डीएलसी (DLC) दर का 5 प्रतिशत।
  • व्यावसायिक व अन्य उपयोग: डीएलसी दर का 10 प्रतिशत।
  • खाद्य प्रसंस्करण इकाई (Food Processing): डीएलसी दर का 2.5 प्रतिशत।
  • नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना (Renewable Energy): डीएलसी दर का मात्र 0.5 प्रतिशत।
  • बड़ी राहत: खातेदार को अधिकतम 500 वर्गमीटर जमीन पर अपना खुद का मकान या पशुशाला बनाने के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। पात्र औद्योगिक इकाइयों को भी नियमों के तहत छूट मिलेगी।
राजस्थान में पटवार भवनों की मरम्मत के लिए ऊंट के मुंह में जीरा: ₹384 प्रति भवन पर कैसे होगा काम? | Rajasthan Patwar Buildings Repair: A Drop in the Ocean - How will work be done at ₹384 per building?
राजस्थान में 9,643 पटवार भवनों की मरम्मत के लिए सिर्फ 37 लाख, एक भवन के हिस्से में महज ₹384
28 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान में पटवार भवनों की मरम्मत के लिए जारी बजट ने सरकारी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के 34 जिलों में 9,643 पटवार भवनों के रखरखाव और मरम्मत के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में महज 37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस हिसाब से एक पटवार भवन के हिस्से में औसतन सिर्फ 384 रुपये आते हैं। कई जगह भवनों की दीवारें ढह रही हैं और इमारतें जर्जर हालत में हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी कम राशि में आखिर पटवार भवनों की मरम्मत कैसे होगी और वहां आने वाले किसानों को सुरक्षित माहौल कैसे मिलेगा?
राजस्थान में पटवार भवनों की मरम्मत के लिए जारी बजट ने सरकारी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के 34 जिलों में 9,643 पटवार भवनों के रखरखाव और मरम्मत के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में महज 37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस हिसाब से एक पटवार भवन के हिस्से में औसतन सिर्फ 384 रुपये आते हैं। कई जगह भवनों की दीवारें ढह रही हैं और इमारतें जर्जर हालत में हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी कम राशि में आखिर पटवार भवनों की मरम्मत कैसे होगी और वहां आने वाले किसानों को सुरक्षित माहौल कैसे मिलेगा?

गलत जानकारी पर दोगुना और बिना अनुमति पर चार गुना जुर्माना

नियमों का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त प्रावधान किए हैं:

  • यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो आदेश निरस्त कर दिया जाएगा और निर्धारित प्रीमियम का दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।
  • बिना अनुमति के कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग करने पर चार गुना जुर्माना लगेगा। इसकी निगरानी के लिए पटवारी साल में कम से कम दो बार सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति 30 दिन के भीतर जिला कलेक्टर के पास अपील कर सकता है।
राजस्थान में 211 प्रधानाचार्यों के तबादले अटके: शिक्षा निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट, जोधपुर में सबसे ज्यादा मामले | Rajasthan: 211 Principals' Transfers Stuck, Education Directorate Seeks Report, Jodhpur Has Most Cases
राजस्थान में तबादले के बाद नई जगह नहीं पहुंचे 211 प्रिंसिपल, शिक्षा निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
26 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान में तबादले के बाद भी नई जगह नौकरी जॉइन नहीं करने वाले 211 प्रिंसिपल और अन्य कर्मचारियों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने अधिकारियों से पूछा है कि इन्हें पुरानी जगह से क्यों नहीं छोड़ा गया या इन्होंने नई जगह जॉइन क्यों नहीं किया।
राजस्थान में तबादले के बाद भी नई जगह नौकरी जॉइन नहीं करने वाले 211 प्रिंसिपल और अन्य कर्मचारियों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने अधिकारियों से पूछा है कि इन्हें पुरानी जगह से क्यों नहीं छोड़ा गया या इन्होंने नई जगह जॉइन क्यों नहीं किया।

निर्माण के लिए अन्य मंजूरियां और पाबंदियां

जमीन का रूपांतरण होने मात्र से उस पर सीधे निर्माण शुरू नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए ले-आउट और भवन निर्माण की अलग से अनुमति लेनी होगी। परियोजना स्थल तक कम से कम 30 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य है। साथ ही जल स्त्रोतों, नदी-नालों, श्मशान, कब्रिस्तान और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में रूपांतरण की अनुमति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

FAQs

  1. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर गैर-कृषि कार्य के लिए अनुमति कैसे प्राप्त करें?
    अब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर मकान, दुकान, उद्योग या अन्य गैर-कृषि कार्य के लिए अनुमति ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के दिन ही अनुमति आदेश जारी होता है, और 30 दिनों में नामांतरण भी हो जाएगा।
  2. गैर-कृषि कार्य के लिए आवेदन शुल्क क्या है?
    गैर-कृषि कार्य के लिए आवेदन करने का शुल्क आवासीय उपयोग के लिए 2 हजार रुपए और अन्य उपयोग के लिए 20 हजाररुपए है।
  3. क्या गलत सूचना देने पर कोई जुर्माना लगेगा?
    जी हां, यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो उसे दोगुना जुर्माना भरना होगा। बिना अनुमति के कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग करने पर चार गुना जुर्माना लगेगा।
Tags:
  • भू-रूपांतरण नियम 2026
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  • भाग चंद बधाल
  • Rajasthan land conversion rules 2026
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