राजस्थान में सोलर बिजली की कटौती, अब महंगी खरीद की नौबत, आखिर कहां चूक गया ऊर्जा विभाग?

Raghvendra Singh Rathore | Nov 02, 2026, 15:50 IST
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सोलर बिजली में 20% कटौती के बाद 16.62 रुपए यूनिट में खरीद की मंजूरी
सोलर बिजली में 20% कटौती के बाद 16.62 रुपए यूनिट में खरीद की मंजूरी

राजस्थान में सितंबर के दौरान 11 करोड़ यूनिट सौर बिजली का उत्पादन रोका गया। अक्टूबर में भी सोलर और पवन ऊर्जा का उत्पादन 20 प्रतिशत घटाने के निर्देश दिए गए। अब बिजली की कमी पूरी करने के लिए सरकार हिमाचल प्रदेश से 16.62 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदेगी। सवाल है कि सस्ती बिजली बचाने और समय पर उपलब्ध कराने की तैयारी क्यों नहीं हुई?

राजस्थान में बिजली प्रबंधन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक तरफ प्रदेश में दिन के समय इतनी सौर बिजली उपलब्ध हो रही है कि उसका उत्पादन घटाना पड़ रहा है। दूसरी तरफ सर्दियों में बिजली की कमी पूरी करने के लिए सरकार को 16.62 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदनी पड़ेगी। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने हिमाचल प्रदेश से अधिकतम 1,300 मेगावाट जलविद्युत खरीदने की अनुमति दी है। यह व्यवस्था नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक के लिए है। आयोग ने बिजली की गंभीर कमी और बाजार में सीमित उपलब्धता को देखते हुए यह फैसला लिया है।

इस फैसले ने सरकार की बिजली उत्पादन, भंडारण और खरीद की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में सौर ऊर्जा का उत्पादन तेजी से बढ़ा है, लेकिन अतिरिक्त बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने की व्यवस्था उसी रफ्तार से तैयार नहीं हो सकी है।

सितंबर में 11 करोड़ यूनिट सोलर बिजली का उत्पादन रोका

The Sootr ने 23 अक्टूबर को प्रकाशित अपनी खबर में राजस्थान में सौर बिजली उत्पादन घटाने और बैटरी स्टोरेज की कमी का मुद्दा उठाया था। ऊर्जा क्षेत्र की शोध संस्था जेएमके रिसर्च एंड एनालिटिक्स ने ग्रिड-इंडिया के आंकड़ों का विश्लेषण किया था। इसके अनुसार सितंबर 2026 में राजस्थान में करीब 11 करोड़ यूनिट सौर बिजली का उत्पादन रोका गया।

यह देशभर में रोके गए सौर और पवन बिजली उत्पादन का करीब 29 प्रतिशत था। इसके बाद 22 अक्टूबर को राज्य भार प्रेषण केंद्र ने सोलर और पवन ऊर्जा उत्पादकों को तत्काल प्रभाव से उत्पादन में 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए। बिजली की मांग कम होने और ग्रिड में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने को इसका कारण बताया गया।

अब कुछ ही दिनों बाद बिजली की कमी पूरी करने के लिए महंगी खरीद की अनुमति दी गई है। इससे सवाल उठ रहा है कि प्रदेश में उपलब्ध सौर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

16.62 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदने की मंजूरी

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने जारी आदेश में हिमाचल प्रदेश से जलविद्युत खरीदने की अनुमति दी है। इसके तहत अधिकतम 1,300 मेगावाट बिजली 16.62 रुपए प्रति यूनिट की दर पर खरीदी जा सकेगी। आयोग ने इसे असाधारण परिस्थितियों में लिया गया फैसला माना है। बिजली खरीद की यह व्यवस्था चार महीने के लिए है। हालांकि, वास्तविक रूप से कितनी बिजली खरीदी जाएगी और उस पर कुल कितना खर्च होगा, यह बिजली की जरूरत और खरीद की मात्रा पर निर्भर करेगा।

राजस्थान में सोलर बिजली उत्पादन पर 20% कटौती: ₹50 करोड़ के स्टोरेज प्रोजेक्ट पर सवाल | 20% Cut in Solar Power Production in Rajasthan: Questions on ₹50 Crore Storage Project
राजस्थान में 11 करोड़ यूनिट सोलर बिजली का उत्पादन रोका, अब फिर 20% कटौती, ₹50 करोड़ के स्टोरेज प्रोजेक्ट पर सवाल
23 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान में सोलर और पवन बिजली उत्पादन पर फिर 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए गए हैं। सितंबर में भी प्रदेश में 11 करोड़ यूनिट सोलर बिजली का उत्पादन रोका गया था। जयपुर डिस्कॉम के ₹50.40 करोड़ के बैटरी स्टोरेज टेंडर के बीच बिजली भंडारण की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए किसानों और आम जनता पर संभावित असर।
राजस्थान में सोलर और पवन बिजली उत्पादन पर फिर 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए गए हैं। सितंबर में भी प्रदेश में 11 करोड़ यूनिट सोलर बिजली का उत्पादन रोका गया था। जयपुर डिस्कॉम के ₹50.40 करोड़ के बैटरी स्टोरेज टेंडर के बीच बिजली भंडारण की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए किसानों और आम जनता पर संभावित असर।

सरकारी बिजलीघरों से उम्मीद से कम उत्पादन, बढ़ी परेशानी

राजस्थान में बिजली की कमी के पीछे केवल सौर ऊर्जा के भंडारण की समस्या नहीं है। सरकारी बिजलीघरों से अपेक्षा के अनुसार उत्पादन नहीं मिलना भी एक महत्वपूर्ण कारण है। सितंबर में प्रदेश की अधिकतम बिजली मांग 17,557 मेगावाट तक पहुंची थी। इस दौरान सरकारी उत्पादन संयंत्रों से औसतन करीब 4,795 मेगावाट बिजली मिली, जबकि अपेक्षित उत्पादन लगभग 5,800 मेगावाट था।

कालीसिंध ताप बिजलीघर की यूनिट-1 और कोटा ताप बिजलीघर की यूनिट-6 लंबे समय तक बंद रहने का मामला भी सामने आया है। कोयले की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं ने उत्पादन व्यवस्था को प्रभावित किया।

झुंझुनूं: करंट से 8 मजदूरों की मौत, 5 की हालत गंभीर, प्रशासन और ग्रामीणों में तनाव | Jhunjhunu: 8 laborers dead due to electrocution, 5 in critical condition, tension between administration and villagers
झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 5 लड़ रहे हैं जिंदगी और मौत से
02 Nov 2026 ,
By Jageshwar Prasad
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान भीषण हादसा हो गया। कदम कुंड मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य में जुटी रोड़ी मिलाने वाली मशीन अचानक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान भीषण हादसा हो गया। कदम कुंड मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य में जुटी रोड़ी मिलाने वाली मशीन अचानक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

दिसंबर और जनवरी में तीन हजार मेगावाट से ज्यादा कमी का अनुमान

सर्दियों में राजस्थान के सामने बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर रहने का अनुमान है। दिसंबर में सुबह के समय औसतन करीब 3,255 मेगावाट और जनवरी में करीब 3,032 मेगावाट बिजली की कमी का अनुमान लगाया गया है। इस कमी को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने की जरूरत पड़ रही है।

बीकानेर में सीवरेज पानी से बनेगी बायो-CNG और एथेनॉल, सुपर नेपियर घास से चमकेगा नगर निगम | Bio-CNG and Ethanol to be made from sewage water in Bikaner, Nagar Nigam to shine with Super Napier grass
बीकानेर में सीवरेज पानी से कमाई, सुपर नेपियर घास से बनेगी बायो-CNG और एथेनॉल
02 Nov 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
बीकानेर में सीवरेज का गंदा पानी अब नगर निगम के लिए कमाई का नया जरिया बनने जा रहा है। सुजानदेसर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले ट्रीटेड पानी को गुजरात की निजी फर्म खरीदेगी और करीब 600 बीघा जमीन पर सुपर नेपियर घास उगाएगी। इस घास से आगे बायो-CNG यानी मीथेन गैस और टू-जी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। नगर निगम ने पानी बेचने का टेंडर जारी कर वर्कऑर्डर भी दे दिया है।
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बिजली नियामक ने भी सस्ते विकल्प तलाशने पर दिया जोर

महंगी बिजली खरीदने की अनुमति देते समय विद्युत विनियामक आयोग ने भी भविष्य की तैयारियों पर जोर दिया है। आयोग ने बिजली की कमी और बाजार में उपलब्ध विकल्पों को देखते हुए खरीद की अनुमति दी है। साथ ही सस्ती बिजली के विकल्प तलाशने और ऊर्जा भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।

इससे सवाल उठता है कि जब राजस्थान में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ रहा है, तो बिजली वितरण कंपनियों ने सर्दियों की मांग पूरी करने के लिए पहले से कितनी तैयारी की थी। क्या बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में देरी हुई? क्या सरकारी बिजलीघरों की बंद इकाइयों को समय पर चालू किया जा सकता था? और क्या कम कीमत पर बिजली खरीदने के दूसरे विकल्प उपलब्ध थे?

सवाल सिर्फ महंगी खरीद का नहीं, बिजली प्रबंधन की तैयारी का भी

राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। इसके बावजूद दिन के समय बिजली उत्पादन घटाना और जरूरत के दूसरे समय महंगी बिजली खरीदना ऊर्जा प्रबंधन की चुनौती को सामने लाता है। अब सरकार और बिजली कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि सर्दियों की मांग का अनुमान कब लगाया गया था, सरकारी बिजलीघरों से कम उत्पादन की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए गए और सस्ती बिजली खरीदने के कौन-कौन से विकल्प जांचे गए।

इसके साथ ही बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की समयसीमा भी सामने आनी चाहिए। क्योंकि सवाल केवल 16.62 रुपए प्रति यूनिट की बिजली खरीद का नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान में उपलब्ध सौर ऊर्जा का पूरा लाभ लेने और जरूरत के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था कब मजबूत होगी।

रणथम्भौर में बाघिन T-93 के साथ दिखा शावक, बाघों की संख्या बढ़कर 63 हुई | Cub seen with tigress T-93 in Ranthambore, tiger population increased to 63
रणथम्भौर में बाघिन T-93 के साथ दिखा शावक, टाइगर रिजर्व में बढ़कर 63 हुई बाघों की संख्या
01 Nov 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। सवाई माधोपुर के लाहपुर क्षेत्र में गश्त के दौरान वनकर्मियों को बाघिन T-93 अपने एक शावक के साथ दिखाई दी। वन विभाग के अनुसार, यह बाघिन का तीसरा लिटर है। नए शावक की मौजूदगी के साथ रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-I में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 63 हो गई है। हालांकि, बाघिन के साथ एक से अधिक शावक होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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