अपनी पार्टी पर भड़के पूर्व मंत्री, लगाया ओछी मानसिकता का आरोप
Ashish Bhardwaj | Aug 24, 2026, 11:55 IST
विश्वेंद्र सिंह
राजस्थान के डीग निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष की जारी सूची में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का नाम गायब होने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विश्वेंद्र सिंह ने इसे ओछी मानसिकता बताया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- डीग कांग्रेस में निकाय चुनाव से पहले गुटबाजी सामने आई।
- वार्ड प्रभारी सूची में विश्वेंद्र सिंह का नाम नहीं होने से नाराजगी।
- पूर्व मंत्री ने इसे सोची-समझी साजिश बताया।
- विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष पर निशाना साधा।
- अंदरूनी कलह का असर निकाय चुनाव पर पड़ने की आशंका।
सूची में किसके नाम शामिल, किसका नाम गायब
लेकिन इस सूची में राज्य सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके और भरतपुर राजघराने से जुड़े वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह का नाम शामिल नहीं किया गया। उनके नाम की जगह केवल 'कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर' लिखा गया।
पूर्व मंत्री का सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
अपने पोस्ट में विश्वेंद्र सिंह ने लिखा, "डीग कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह द्वारा आगामी निकाय चुनावों के लिए प्रभारियों की सूची जारी की गई है। उसमें मेरा नाम ना लिखकर सिर्फ 'कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर' लिखकर जिस ओछी मानसिकता का परिचय दिया गया है, उसकी मैं घोर निंदा करता हूं।" यह विश्वेंद्र सिंह का अपना बयान है, जिलाध्यक्ष राजीव सिंह की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विश्वेंद्र सिंह
'इतने पदों के बाद भी यह अपमान बर्दाश्त नहीं'
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को नीचा दिखाने की सोची-समझी कोशिश हो रही है। यह आरोप भी विश्वेंद्र सिंह का अपना दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव में नुकसान की दी चेतावनी
इस बयान से साफ है कि विश्वेंद्र सिंह इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं और आने वाले चुनाव में इसका असर दिखने की आशंका जता रहे हैं।
लंबे समय से चली आ रही है गुटबाजी
विश्वेंद्र सिंह इससे पहले भी जिला स्तर पर संगठन के निष्क्रिय रहने और राहुल गांधी के कार्यक्रम आयोजित न करने को लेकर स्थानीय नेतृत्व की आलोचना कर चुके हैं। इस ताजा विवाद ने पुरानी अंदरूनी खींचतान को फिर उजागर कर दिया है।
कार्यकर्ताओं में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते यह अंतरकलह शांत नहीं किया, तो आने वाले निकाय चुनाव में पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ये खबर भी पढे़:-
रोहित गोदारा ने डॉक्टर से मांगी 5 करोड़ की रंगदारी, विदेश से आया धमकी भरा कॉल
भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर ने लगाए गंभीर आरोप, पार्टी के बड़े नामों को भी लिए घेरे में
डिवाइडर पर घास काट रही महिलाओं को कार ने रौंदा, 3 की मौत
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
By Jageshwar prasad
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
By Saurabh Mishra
इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला
By Manya Jain
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
By Umeshwari Baghel
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC
By Sandeep Kumar