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Photograph: (the sootr)
News In Short
राजस्थान के डीडवाना में गणतंत्र दिवस के दिन पिकअप पलटने से 40 से ज्यादा छात्राएं घायल हो गईं।
पिकअप में सवार छात्राएं गणतंत्र दिवस समारोह से लौट रही थीं।
पिकअप को पेशेवर ड्राइवर की बजाय एक सरकारी शिक्षक चला रहा था।
घटना के बाद छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो-दो घायल छात्राएं एक ही बेड पर इलाज करा रही थीं।
हादसे ने सरकारी सुरक्षा व्यवस्थाओं और सड़क सुरक्षा नियमों पर गंभीर सवाल उठाए।
News In Detail
राजस्थान में गणतंत्र दिवस के उत्सव के बीच डीडवाना (नागौर) में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। इसमें 40 से ज्यादा छात्राएं घायल हो गईं। यह हादसा उस समय हुआ जब छात्राएं गणतंत्र दिवस समारोह से लौट रही थीं और उनका पिकअप वाहन पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि घायल छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एक-एक बेड पर दो-दो घायल छात्राओं का उपचार किया गया। यह घटना सुरक्षा के तमाम सरकारी दावों के बावजूद प्रशासन की सतर्कता की कमी को उजागर करती है।
गणतंत्र दिवस के दिन दर्दनाक घटना
डीडवाना से खाटू-मंडूकरा हाईवे पर यह हादसा हुआ, जब एक पिकअप में सवार 40 से अधिक छात्राएं गणतंत्र दिवस समारोह के बाद वापस लौट रही थीं। पिकअप का पलटना इतना गंभीर था कि पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। छात्राओं के शरीर पर गंभीर चोटें आईं, और उन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायल छात्राओं में से कुछ को खाटू के राजकीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, और गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें डीडवाना के बांगड़ जिला अस्पताल लाया गया।
सरकारी शिक्षक ने किया पिकअप ड्राइव
हादसा और भी चौंकाने वाला था क्योंकि पिकअप को एक पेशेवर ड्राइवर के बजाय एक सरकारी शिक्षक चला रहा था। यह सवाल खड़ा करता है कि एक सरकारी शिक्षक को ऐसी क्या आवश्यकता पड़ी कि उसे पिकअप वाहन चलाना पड़ा, जिसमें 40 से ज्यादा छात्राएं सवार थीं। यह घटना प्रशासन की कमजोरियां और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।
छात्राओं की आपबीती
घायल छात्रा रिंकू ने बताया, "हमें समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ, अचानक गाड़ी पलट गई और सभी साथी छात्राएं दर्द से चीखने लगीं।" घटना के बाद छात्राओं में हड़कंप मच गया और हर कोई एक-दूसरे की मदद करने में जुट गया। कई घायलों को अलग-अलग वाहनों में अस्पताल लाया गया, ताकि उन्हें उचित इलाज मिल सके।
सरकारी व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
यह हादसा सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पिकअप वाहन जो सामान्यत: माल ढोने के लिए उपयोग किया जाता है, उसे छात्राओं को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया। अस्पताल में मौजूद प्रभु सिंह ने बताया कि दुर्घटना के वक्त पिकअप गाड़ी में 50 से ज्यादा छात्राएं सवार थीं। इस घटना ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में लाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कई बड़ी खामियां हैं।
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