संकट में जयपुर का ऑक्सीजोन, डोल का बाढ़ जंगल के 2500 पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी, फिनटेक पार्क बनाना चाहती है सरकार

Jinesh Jain | Jun 24, 2025, 13:48 IST
Share
dol-ka-baad-jungle
dol-ka-baad-jungle

जयपुर के डोल का बाढ़ जंगल को बचाने के लिए स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी आंदोलन कर रहे हैं। सरकार फिनटेक पार्क बनाने के लिए 2500 पेड़ों की कटाई करना चाहती है।

राजस्थान में जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में ग्रीन कवर एरिया डोल का बाढ़ संकट में है। यह दक्षिण राजधानी जयपुर का ऑक्सीजोन माना जाता है। करीब 100 एकड़ के इस जंगल में 2500 से ज्यादा पेड़ हैं। इन पर 60 से अधिक प्रजातियों के परिंदों का बसेरा है। राजधानी में प्रदूषण की बढ़ती मार के बीच राजस्थान सरकार इस जंगल पर कुल्हाड़ी चलाकर फिनटेक पार्क और पीएम यूनिटी पार्क बनाना चाहती है।

सरकारी जेसीबी और बलडोजर यहां रात-दिन जंगल को समतल करने में लगे हैं। सरकार की सक्रियता के बाद जयपुर के लोगों ने इसके विरोध में फिर से आंदोलन की राह पकड़ी हैं। उन्होंने यहां बेमियादी धरना शुरु किया है। उनका आरोप हैं कि सरकार ग्रीन क्षेत्र को उजाड़ कर लोगों का प्रदूषण से दम घोटना चाहती है। आंदोलनकारियों ने अब सुप्रीम कोर्ट जाने का भी निश्चय किया है।

65c03d89-de3
65c03d89-de3


सरकार ने किया था अधिग्रहण

जयपुर में एयरपोर्ट के पास बी2 बाईपास पर स्थित इस ग्रीन एरिया को सरकारी औद्योगिक एजेंसी रीको ने 1980 के दशक में अधिग्रहण किया था। बरसों पहले यहां खाली जमीन और खेत हुआ करते थे। अक्टूबर 2018 में तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ने यहां 16 किलोमीटर क्षेत्र में द्रव्यवती नदी सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट का फीता काटा था। इसके बाद आस-पास का यह इलाका अधिक हरा-भरा हो गया। डोल का बाढ़ क्षेत्र ने जंगल का रूप ले लिया।

जंगल में खेजड़ी, रोहिड़ा, देसी बबूल जैसी प्रजातियों के पेड़ हैं। यहां कई ऐसे पेड़ भी हैं, जो 100-125 साल से अधिक ज्यादा पुराने हैं। हरियाली होने की वजह से यहां पर विभिन्न प्रजातियों के पक्षी निवास करने लगे। आंकड़े बताते हैं कि शहर में वाहनों की रेलमपेल के कारण जब एक्यूआई का स्तर 150 से अधिक रहता है। यहां एक्यूआई मात्र 50 रहती है। यानी यह जंगल आसपास के इलाकों के लिए ऑक्सीजोन साबित हुआ है।

fa890299-799
fa890299-799


गहलोत ने की थी बजट घोषणा

कांग्रेस की पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने 24 फरवरी 2021 को बजट पेश करते हुए फिनटेक पार्क (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी पार्क) की घोषणा की थी। तब गहलोत ने कहा था कि प्रदेश के बहुत सारे चार्टर्ड एकाउंटेंट और आईटी प्रोफेशनल्स देश भर में काम कर रहे हैं। ये लोग नोएडा, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलूरु और कोलकाता जैसे शहरों में बस गए हैं। इस टेक्नोलॉजी पार्क के जरिए हम उन्हें यहा बसाना चाहते हैं। सरकार की योजना थी कि यह फिनटेक पार्क 4.8 लाख वर्गमीटर के क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसकी 55 प्रतिशत भूमि ग्रीन क्षेत्र होगा। इसी योजना को भाजपा सरकार ने भी आगे बढ़ाया।

ग्रीन एरिया की यह है कहानी

सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि डोल का बाढ़ क्षेत्र को राजस्थान भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1953 की सेक्शन 4(1) के तहत 1979 में औद्योगिक विकास के लिए अधिसूचित किया गया था। उस समय इस भूमि को 591 बीघा और 17 बिस्वा में नापा गया। इसके बाद यह भूमि अधिग्रहण कर 1982 में रीको को सौंप दी गई। सरकार ने इसे 1988 में जेम इंडस्ट्री स्थापना के लिए डायमंड एंड जेम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवंटित कर दिया। लेकिन कॉरपोरेशन इस भूमि का उपयोग समय पर नहीं कर पाई। इसके कारण रीको ने 1996 में कॉरपोरेशन का आवंटन रद्द कर दिया। कंपनी ने आवंटन रद्द करने के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने इस जमीन पर कंपनी का कब्जा बहाल करने के आदेश जारी कर दिए। बाद में रीको ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। वर्ष 2013 में शीर्ष कोर्ट का फैसला रीको के पक्ष में आया।

b1f9a1b5-48e
b1f9a1b5-48e

कांग्रेस शासन के समय से ही आंदोलन

पर्यावरण प्रेमियों ने डोल का बाढ़ जंगल बचाने के लिए 2021 से अभियान शुरू किया था। इस दौरान दीया कुमारी जब राजसमंद से सांसद थी, तब पर्यावरण प्रेमियों ने उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने वादा भी किया था कि वह इस जमीन को बचाने के लिए पर्यावरणविदों का साथ देंगी। पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद दीया कुमारी अब मौन साधे हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने राज्यवर्धन राठौड़ से भी मुलाकात की थी। उन्होंने इसे बचाने के लिए तब उन्हें प्रपोजल बनाने का जिम्मा सौंपा था। पर्यावरण प्रेमियों ने जो प्रपोजल बनाकर उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ को दिया। उसे अब दरकिनार कर दिया गया है। इस अभियान से जुड़े शौर्य गोयल बताते हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले से अवगत कराया था। उन्होंने इसे अभिज्ञता जताते हुए यह आश्वासन दिया कि वह इसके बारे में पता करके बात करेंगे। शौर्य का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कई बार सीएम से मिलने का प्रयास किया। लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी



पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

डोल का बाढ़ जंगल बचाने के लिए संघर्ष कर रहे पर्यावरण प्रेमियों का दावा है कि राज्य सरकार ने अगर उनकी बात नहीं मानी तो वह आगे पीएम मोदी तक अपनी बात को पहुंचाएंगे। केंद्र सरकार भी उनके मामले को सुलझाने का प्रयास नहीं करती है तो वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण लेंगे। शौर्य गोयल बताते हैं कि डोल का बाढ़ जंगल को बचाने के लिए चल रहे आंदोलन पर किसी एनजीओ या संस्था का दखल नहीं है। इस आंदोलन में जयपुर सहित देशभर के तमाम लोग भागीदार बनकर जंगल और पर्यावरण को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जयपुर में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने में आईआईटी, इंजीनियर, सीए, वकील जैसे प्रोफेशनल्स भी शामिल हैं। जंगल के बाहर लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

डोल का बाढ़ में पेड़ों की कटाई जारी

राज्य सरकार ने प्रदर्शन को देखते हुए डोल का बाढ़ जंगल के बाहर बड़े स्तर पर पुलिस तैनात कर दी है। जंगल के भीतर जेसीबी और अन्य मशीनों से कटाई लगातार जारी है। इसके कारण यहां से पशु पक्षी अपना स्थान छोड़ने लग गए हैं। जंगल के बाहर प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के लिए डटे हुए हैं। स्थानीय लोग प्रदर्शनकारियों को सहयोग कर रहे हैं। लोग उनके लिए खाने-पीने का सामान पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शन में कई महिलाएं भी अपने बच्चों को साथ लेकर शामिल हो रही है।

शहर को कंक्रीट से होने से बचाएं

माकपा के जिला सचिव डॉ.संजय का कहना है कि सांगानेर का यह इलाका प्राकृतिक रूप से विकसित वन-क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में दुर्लभ पेड़-पौधे, जड़ी बूटियां और वन्यजीव निवास करते हुए जयपुर की आबोहवा को बेहतर रखने में मददगार हो रहे हैं। जयपुर के नागरिकों और पर्यावरणविदों की मांग है कि इस प्राकृतिक संपदा की रक्षा की जाए और शहर को पूरा कंक्रीट जंगल में तब्दील होने से बचाया जाए।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

जयपुर ऑक्सीजोन | पर्यावरण आंदोलन | Jaipur

Tags:
  • राजस्थान
  • Jaipur
  • जयपुर
  • डोल का बाढ़ जंगल
  • जयपुर ऑक्सीजोन
  • फिनटेक पार्क
  • पर्यावरण आंदोलन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग