राजस्थान में नि:शुल्क दवा योजना पर बार-बार उठ रहे सवाल : पांच साल में 795 सैंपल फेल

Gyan Chand Patni | Oct 02, 2025, 14:31 IST
Share
drug
drug

राजस्थान की नि:शुल्क दवा योजना में 795 सैंपल फेल हुए, कई कंपनियों के दवाओं में गुणवत्ता की कमी सामने आई। केयसंस फार्मा के अलावा कई अन्य कंपनियों के भी सैंपल फेल हुए हैं।

राजस्थान की ‘नि:शुल्क दवा योजना’ में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। केयसंस फार्मा द्वारा बनाए गए कफ सिरप से दो बच्चों की मौत के बाद इस योजना के तहत दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर कड़ी नजर डाली जा रही है। यह घटना यह स्पष्ट करती है कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति में भारी लापरवाही बरती जा रही थी।

पांच साल में 795 सैंपल फेल

राजस्थान में ‘नि:शुल्क दवा योजना’ के तहत 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2024 तक 795 दवाओं के सैंपल फेल हो गए थे। इनमें कैंसर, खून और हार्ट संबंधी दवाओं के सैंपल भी शामिल थे। खास बात यह है कि इनमें से 40 सैंपल केयसंस फार्मा के थे। इस बीच, हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, महाराष्ट्र, कर्नाटका, जम्मू-कश्मीर सहित कई अन्य राज्यों की दवाइयों के सैंपल भी फेल पाए गए।

ये खबरें भी पढ़ें

एनसीआरबी रिपोर्ट 2023 : राजस्थान में नकली नोट के मामलों में बढ़ोतरी, दिल्ली के बाद दूसरा स्थान

क्यों बन रहे सोलर प्लांट पश्चिम राजस्थान के गांवों के लिए संकट, जानिए पूरा मामला

केयसंस फार्मा के कफ सिरप की गुणवत्ता पर सवाल

केयसंस फार्मा द्वारा बनाए गए कफ सिरप समेत कई दवाओं के के 40 सैंपल फेल हुए थे। इन सैंपलों में से कुछ तो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए थे। इसके अलावा, 2020 से भीलवाड़ा, सीकर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और जयपुर जैसे प्रमुख स्थानों से सैंपल फेल हुए थे। 2021 से 2023 के बीच केयसंस फार्मा के उत्पादों को लेकर 19 माह तक बैन किया गया था, लेकिन बाद में कंपनी को गुपचुप तरीके से बहाल कर दिया गया।

दवा कंपनियों की लापरवाही

केयसंस फार्मा के अलावा कई अन्य कंपनियों के भी सैंपल फेल हुए हैं। 2017 से 2019 के बीच विवेक फार्मा, विनायक, डीडी फार्मेसी और पार्थ फार्माल्यूएशन जैसी कंपनियों के उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इन कंपनियों द्वारा निर्मित एंटीपायरेटिक, मल्टीविटामिन, एंटीबैक्टीरियल और पेन किलर दवाओं के सैंपल भी फेल हुए थे।

ये खबरें भी पढ़ें

बिजली उपभोक्ताओं को राजस्थान सरकार का झटका, फ्री की बिजली अब नहीं!

राजस्थान की सड़कें बन रहीं जानलेवा, सड़क दुर्घटना में हर 44 मिनट में हो रही एक मौत

चिकित्सा विशेषज्ञों की चेतावनी

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, डेक्सट्रोमेथारपन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए अत्यधिक खतरनाक हो सकता है। हाल ही इस सिरप के कारण राजस्थान में दो बच्चों की मौत हुई है। इस सिरप के अधिक सेवन से बच्चों को सांस लेने में समस्या, चक्कर, नींद न आना, मिचली और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अधिक खपत से दिल की धड़कन भी अनियमित हो सकती है और मानसिक दुष्प्रभाव जैसे हेलुसिनेशन भी हो सकते हैं।

राजस्थान सरकार की कार्रवाई राजस्थान सरकार ने डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड साल्ट वाले सभी कफ सिरप की सप्लाई पर बैन लगा दिया है। साथ ही राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी पुखराज सेन ने प्रस्ताव दिया है कि यदि किसी कंपनी की एक दवा ब्लैकलिस्ट हो जाए, तो उसकी सभी दवाओं की सप्लाई रोक दी जाए।
राजस्थान में दवा से दो बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राजस्थान के सरकारी अस्पताल मुफ्त जांच और दवा योजना के लिए चर्चित हैं, लेकिन इस योजना के तहत मिल रही दवाओं को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।

FAQ

  1. 1. राजस्थान में नि:शुल्क दवा योजना के तहत कितने सैंपल फेल हुए?
    राजस्थान में 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2024 तक नि:शुल्क दवा योजना के तहत 795 सैंपल फेल हुए हैं। इनमें से 40 सैंपल केयसंस फार्मा के थे।
  2. 2. केयसंस फार्मा के कौन से उत्पाद फेल हुए हैं?
    केयसंस फार्मा के कफ सिरप, एंटी कोल्ड और एंजाइटी जैसी दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इनमें से अधिकांश सैंपल राजस्थान के विभिन्न स्थानों से लिए गए थे।
  3. 3. राजस्थान सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
    राजस्थान सरकार ने डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड साल्ट वाली सभी कफ सिरप की सप्लाई पर बैन लगा दिया है और मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।




Tags:
  • कफ सिरप
  • राजस्थान के सरकारी अस्पताल
  • राजस्थान में दवा से दो बच्चों की मौत
  • मुफ्त जांच और दवा योजना
  • दवाओं के सैंपल फेल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा