गहलोत बोले- तीन बार CM बनना कम है क्या, चौथी बार के नारे मत लगाओ; पंचायत चुनाव से पहले फिर दी नसीहत
Saurabh Mishra | Oct 13, 2026, 18:12 IST
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बीकानेर में फिर अपने समर्थन में लग रहे चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के नारों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तीन बार सीएम बनना कम है क्या, पहले कांग्रेस की सरकार बनाओ। पंचायत चुनाव से पहले गहलोत ने पार्टी की एकजुटता पर भी जोर दिया और किसानों की समस्याओं को लेकर भजनलाल सरकार को घेरा।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बीकानेर में फिर अपने समर्थन में लग रहे चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के नारों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तीन बार सीएम बनना कम है क्या, पहले कांग्रेस की सरकार बनाओ। पंचायत चुनाव से पहले गहलोत ने पार्टी की एकजुटता पर भी जोर दिया और किसानों की समस्याओं को लेकर भजनलाल सरकार को घेरा।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर चौथी बार सीएम बनाने के नारों पर आपत्ति जताई। गहलोत ने मंगलवार को बीकानेर के नाल में हुई जनसभा में उन्होंने कहा कि तीन बार सीएम (मुख्यमंत्री बनना कम होता है क्या? चौथी बार के नारे मत लगाओ, इससे गलत मैसेज जाता है। यह पहला मौका नहीं है, जब गहलोत ने ऐसे नारों पर नाराजगी जताई हो। अगस्त में भी वे कार्यकर्ताओं को इसी तरह की नसीहत दे चुके। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी गहलोत समर्थकों की नारेबाजी पर सवाल उठाए थे। अब पंचायत चुनाव से पहले गहलोत ने फिर कहा है कि पहले सब मिलकर कांग्रेस की सरकार बनाएं। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा।
बीकानेर के नाल में आयोजित सम्मेलन में पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल ने 'हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, अशोक गहलोत जैसा हो' के नारे लगवाए। इस दौरान पूर्व मंत्री बीडी कल्ला भी मौजूद थे।नारे सुनकर गहलोत ने कार्यकर्ताओं को टोक दिया। उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री बन चुका हूं। अब चौथी बार के नारे क्यों लगा रहे हो? इससे गलत संदेश जाता है। आप सब मिलकर पहले कांग्रेस की सरकार बनाओ। बाकी बातें आलाकमान पर छोड़ दो। राहुल गांधी और सोनिया गांधी तय करेंगे कि आगे किसे जिम्मेदारी देनी है।
चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के नारों को लेकर कांग्रेस में पहले भी विवाद हो चुका। इसकी शुरुआत 30 जुलाई को जयपुर में हुई थी। तब पूर्व सांसद महेंद्रजीत सिंह मालवीय अपने समर्थकों के साथ गहलोत के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान समर्थकों ने 'चौथी बार गहलोत सरकार' के नारे लगाए थे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गोविंद सिंह डोटासरा ने ऐसी नारेबाजी पर खुलकर आपत्ति जताई थी।
तब पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा था कि कांग्रेस में किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के नारे नहीं लगने चाहिए। साथ ही पहले जैसी स्थिति पैदा नहीं करने की चेतावनी भी दी थी। डोटासरा के इस बयान को गहलोत समर्थकों पर निशाने के तौर पर देखा गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि उनका बयान गहलोत या मालवीय के खिलाफ नहीं था।
एक अगस्त को जोधपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में भी गहलोत ने ऐसे नारों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी ने उन्हें बिना मांगे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाया था। तीन बार सीएम बनना कोई छोटी बात नहीं है। गहलोत ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को पार्टी की लक्ष्मण रेखा पार नहीं करने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाने के बजाय सभी को कांग्रेस की जीत के लिए काम करना चाहिए।
बीकानेर की सभा से पहले जयपुर में कांग्रेस की एक बैठक के दौरान भी गहलोत चर्चा में रहे थे। पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई इस बैठक में सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मौजूद थे। बैठक शुरू होने से पहले गहलोत और पायलट के बीच मजाकिया लहजे में बातचीत हुई थी। गहलोत ने पायलट से कहा था, 'पंजाब इंचार्ज, अब बताइए। पहले आपके इंचार्ज ये (रंधावा) थे, अब इनके इंचार्ज आप हैं।' इस पर पायलट ने हंसते हुए जवाब दिया था, 'सबके इंचार्ज आप ही हो। राजस्थान, पंजाब... क्या फर्क पड़ता है?' इस पर गहलोत ने भी मजाक में कहा था कि हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं। यह सुनकर वहां मौजूद सभी नेता हंस पड़े थे।
दरअसल, सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब के नेता हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच हंसी-मजाक हुआ था।कांग्रेस में लंबे समय तक गहलोत और पायलट के बीच खींचतान की चर्चा रही है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को पार्टी में बदलते माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
जयपुर की बैठक के बाद गहलोत ने मीडिया से कहा था कि आप हमेशा पूछते हो कि कांग्रेस में एकता नहीं है। आज आपने देख लिया, सब एक हैं और एकजुट हैं। बीकानेर एयरपोर्ट पर मंगलवार को भी गहलोत ने इसी बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की एकजुटता को लेकर उन्होंने सोच-समझकर बयान दिया था। आने वाले दिनों में यह एकता दिखाई भी देगी।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। ऐसे समय में राज्यों में भी नेताओं का एकजुट रहना जरूरी है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के नारों को लेकर पहले सामने आई खींचतान के बीच सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पंचायत चुनाव में भी इसी तरह एकजुट रह पाएगी?
राजस्थान (Rajasthan) पंचायत चुनाव को लेकर गहलोत (Ashok Ghalot) ने दावा किया कि कांग्रेस बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सभी नेताओं को साथ लेकर चल रहे हैं। चुनाव की तैयारियों के लिए जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं। इन कमेटियों के जरिए संगठन को मजबूत किया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है।
उन्होंने दावा किया कि बीकानेर शहर में कांग्रेस का मेयर बनने के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी। कांग्रेस का लक्ष्य पंचायत समितियों और जिला परिषदों में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना है।
नाल की जनसभा में गहलोत ने किसानों की परेशानियां भी उठाईं। उन्होंने कहा कि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपए है, लेकिन किसानों को मंडियों में पूरे दाम नहीं मिल रहे हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि बांधों में पानी होने के बावजूद नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया। इससे छतरगढ़, पूगल और खाजूवाला में मूंगफली, ग्वार, नरमा और मूंग की फसलें खराब हो गईं। कई गांवों में सूखे जैसे हालात हैं, लेकिन सरकार मुआवजा नहीं दे रही।
उन्होंने किसानों को तुरंत आठ बारी पानी देने और खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही कहा कि गौशालाओं को अनुदान नहीं मिलने के कारण संचालकों और संतों को जयपुर में प्रदर्शन करना पड़ा। गहलोत ने भजनलाल सरकार पर प्रशासनिक पकड़ कमजोर होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जनता सरकार से इन सभी मुद्दों पर जवाब मांगेगी।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर चौथी बार सीएम बनाने के नारों पर आपत्ति जताई। गहलोत ने मंगलवार को बीकानेर के नाल में हुई जनसभा में उन्होंने कहा कि तीन बार सीएम (मुख्यमंत्री बनना कम होता है क्या? चौथी बार के नारे मत लगाओ, इससे गलत मैसेज जाता है। यह पहला मौका नहीं है, जब गहलोत ने ऐसे नारों पर नाराजगी जताई हो। अगस्त में भी वे कार्यकर्ताओं को इसी तरह की नसीहत दे चुके। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी गहलोत समर्थकों की नारेबाजी पर सवाल उठाए थे। अब पंचायत चुनाव से पहले गहलोत ने फिर कहा है कि पहले सब मिलकर कांग्रेस की सरकार बनाएं। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा।
गोविंद मेघवाल ने लगवाए नारे,गहलोत बोले- पहले सरकार बनाओ
गहलोत ने मंगलवार को बीकानेर के नाल में हुई जनसभा में उन्होंने कहा कि तीन बार सीएम (मुख्यमंत्री बनना कम होता है क्या? चौथी बार के नारे मत लगाओ, इससे गलत मैसेज जाता है। #AshokGehlot #rajasthan https://t.co/rEiPZeHpr8
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गहलोत को चौथी बार सीएम बनाने के नारे पर डोटासरा जता चुके नाराजगी
तब पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा था कि कांग्रेस में किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के नारे नहीं लगने चाहिए। साथ ही पहले जैसी स्थिति पैदा नहीं करने की चेतावनी भी दी थी। डोटासरा के इस बयान को गहलोत समर्थकों पर निशाने के तौर पर देखा गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि उनका बयान गहलोत या मालवीय के खिलाफ नहीं था।
अगस्त में गहलोत ने कहा था-तीन बार सीएम बनना छोटी बात नहीं
गहलोत लगातार कांग्रेस के एकजुट होने की बात कह रहे
दरअसल, सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब के नेता हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच हंसी-मजाक हुआ था।कांग्रेस में लंबे समय तक गहलोत और पायलट के बीच खींचतान की चर्चा रही है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को पार्टी में बदलते माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
गहलोत बोले- अब देख लिया, हम सब एक हैं
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। ऐसे समय में राज्यों में भी नेताओं का एकजुट रहना जरूरी है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के नारों को लेकर पहले सामने आई खींचतान के बीच सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पंचायत चुनाव में भी इसी तरह एकजुट रह पाएगी?
पंचायत चुनाव के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाई कमेटियां
उन्होंने दावा किया कि बीकानेर शहर में कांग्रेस का मेयर बनने के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी। कांग्रेस का लक्ष्य पंचायत समितियों और जिला परिषदों में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना है।
किसानों के मुद्दे पर भजनलाल सरकार को घेरा
उन्होंने किसानों को तुरंत आठ बारी पानी देने और खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही कहा कि गौशालाओं को अनुदान नहीं मिलने के कारण संचालकों और संतों को जयपुर में प्रदर्शन करना पड़ा। गहलोत ने भजनलाल सरकार पर प्रशासनिक पकड़ कमजोर होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जनता सरकार से इन सभी मुद्दों पर जवाब मांगेगी।
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