जल संकट ले सकता है भूकंप का रूप, वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी, जानें पूरी रिपोर्ट

Ashish Bhardwaj | Jan 11, 2026, 14:30 IST
Share
jal sankat
Photograph: (The Sootr)

उत्तर-पश्चिम भारत में भूजल की अत्यधिक कमी से जल संकट बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे भविष्य में भूकंपीय गतिविधियों का खतरा हो सकता है।

Jaipur: उत्तर-पश्चिम भारत में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब शामिल हैं। इन सभी राज्यों में जल संकट अब गंभीर रूप ले रहा हैं। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भूजल की कमी के कारण इन क्षेत्रों की जमीन हर साल 1.5 से 4.2 मिलीमीटर तक ऊपर उठ रही है। जो भविष्य में बड़े भूकंप ला सकती हैं ।

भीष्म पितामह ने 58 दिनों तक मृत्यु को क्यों रोके रखा था, जानें असली सच

शोध में चौंकाने वाला खुलासा

यह रिपोर्ट मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान एवं भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने जारी की हैं । इस रिपोर्ट में सैटेलाइट आधारित जीआरएसीई मिशन के आंकड़े, जीपीएस माप, वर्षा रिकॉर्ड और भूजल स्तर के 20 साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

एमपी-सीजी और राजस्थान में शीतलहर का कहर, घने कोहरे का अलर्ट जारी

रिपोर्ट में यह हुआ खुलासा

इस रिपोर्ट में सामने आया है कि दो दशकों में अत्यधिक भूजल निकासी मुख्यतः खेती, शहरीकरण और औद्योगिक जरूरतों के कारण हुई है। जब जमीन के नीचे से पानी निकाला जाता है, तो पृथ्वी की सतह पर दबाव कम हो जाता है और वह ऊपर उठने लगती है। विभिन्न जीपीएस स्टेशनों के डेटा ने इसे स्पष्ट रूप से साबित किया हैं। विशेषकर दिल्ली, जयपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में।

अवैध खनन पर बेबस राजस्थान पुलिस, थानाधिकारी ने सुनाई बेबसी की कहानी

जल संकट और भूकंप का बढ़ता जोखिम

वैज्ञानिकों का कहना है कि जब वर्षा कम होती हैं। तब इस तरह की समस्या आती हैं। हालांकि कुछ वर्षों में वर्षा में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन पानी की अत्यधिक मांग के कारण भूजल की भरपाई नहीं हो पाई हैं और पानी का संकट लगातार गहराह रहा हैं। यह संकट मुख्य रूप से दिल्ली-अरावली फोल्ड बेल्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक हैं। जहां भूकंप की संभावना बढ़ सकती है।

राजस्थान में कैसे रुके खनन, POLICE ही बेबस

पानी का गिरता स्तर

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कुओं में पानी का स्तर स्थिर हो सकता है, लेकिन गहरे एक्विफर लगातार खाली हो रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर भूजल की गंभीर कमी के संकेत मिल रहे हैं।

राजस्थान के 18 शहरों की जहरीली हवा, देश के टॉप-50 प्रदूषित शहरों में भिवाड़ी आगे

समस्या का तुरंत हो समाधान

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भूजल को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भूजल की समस्या एक गंभीर रूप ले सकती हैं। उन्होंने इस समस्या का समाधान बताया है की वर्षा जल संचयन, नियंत्रित पंपिंग और दीर्घकालिक निगरानी को लागू किया जाए।

राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक भर्ती: 1100 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका

निरंतर निगरानी की आवश्यकता

वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि भूजल की कमी और भू-भौतिकीय प्रभावों पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह भविष्य में भूकंप जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करन पड़ सकता है। अरावली क्रेटन में भूजल की कमी और पृथ्वी की आंतरिक संरचना के कमजोर होने के कारण भू-गर्भीय फॉल्ट्स पर दबाव पड़ने की संभावना है। इसलिए अधिक निगरानी और सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।

क्या है वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों की संख्या का विवाद?

मुख्य बिंदु:

  • भूजल की अत्यधिक निकासी से जमीन पर दबाव कम होता है, जिससे जमीन की सतह ऊपर उठने लगती है। यह प्रक्रिया भविष्य में भूकंपीय गतिविधियों और भूकंप के जोखिम को बढ़ा सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत में भूजल संकट का मुख्य कारण कृषि, शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यधिक भूजल का दोहन है।
  • भूजल प्रबंधन के लिए वर्षा जल संचयन, नियंत्रित पंपिंग और निरंतर दीर्घकालिक निगरानी आवश्यक है। इसके बिना भूजल की कमी और बढ़ेगी, जिससे भू-भौतिकीय जोखिम भी बढ़ेंगे।
  • जल संकट ले सकता है भूकंप का रूप
Tags:
  • भारतीय मौसम विभाग
  • भूजल संकट
  • जल संकट
  • मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय
  • भू-भौतिकीय प्रभावों
  • जल संकट ले सकता है भूकंप का रूप
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा