जीएसटी में कमी से हस्तशिल्पियों को राहत की नई उम्मीद, क्या होगा घरेलू बाजार का असर
Gyan Chand Patni | Sept 06, 2025, 16:54 IST
export raj
जीएसटी दरों में कटौती से राजस्थान के हस्तशिल्पियों को भी राहत की उम्मीद है। घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से फायदा होगा, लेकिन अमेरिकी टैरिफ से हुई क्षति की भरपाई नहीं हो पाएगी।
जीएसटी दरों में कटौती से राजस्थान के हस्तशिल्पियों को भी राहत की उम्मीद है। इस कदम से हस्तशिल्प उद्योग को घरेलू बाजार में बढ़ावा मिलने की संभावना है, लेकिन यह अमेरिकी टैरिफ के प्रभावों की पूरी तरह से भरपाई नहीं कर सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हस्तशिल्प उद्योग अपने उत्पादों को उपभोक्ता की पसंद के अनुसार बदलता है और नए बाजारों की तलाश करता है, तो इसे मजबूती मिल सकती है।
जीएसटी दरों में कटौती से विशेष रूप से हस्तशिल्प निर्यातकों को फायदा होगा। अब वे अपने उत्पादों को घरेलू बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर पेश कर सकते हैं, जिससे बिक्री में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ से होने वाली क्षति की भरपाई आसान नहीं होगी। जीएसटी की दर में कमी से हस्तशिल्प निर्यातकों को मिलेगी राहत।
राजस्थान के हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद। माना जा रहा है कि जीएसटी में कमी से निर्यातक घरेलू बाजार में बेहतर पकड़ बना सकते हैं। इसके साथ ही वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को फिर से स्थापित करने पर भी जोर देना होगा।
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान रोडवेज को मिली 162 नई बसें, रूट पर चल रही हैं 2,000 खराब बसें
कांग्रेस राजस्थान में सेवा दल को मजबूत कर रही, बाड़मेर में नेताओं को ट्रेनिंग दे रहे दिल्ली के नेता
हस्तशिल्प निर्यात से जुड़े दिलीप बैद का मानना है कि 140 करोड़ जनसंख्या वाला भारत हस्तशिल्प उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बन सकता है। भारत का बाजार बहुत बड़ा है। इसका लाभ राजस्थान को भी मिलेगा। इसलिए घरेलू खपत की संभावना खूब है, निर्यात को बोनस के रूप में देखा जाना चाहिए, और उद्योग को घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों से बचा जा सके।
दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में बैद ने कहा कि हस्तशिल्प पर जीएसटी दर घटाकर 5% करने से घरेलू मांग में तेजी आएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माता भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद-नापसंद का अध्ययन करें और उत्पादों को उसी हिसाब से डिजाइन करें। इससे न केवल उत्पादों की मांग बढ़ेगी, बल्कि उद्योग में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान भाजपा में नहीं सबकुछ ठीक! लंबे समय से अटकी कार्यकारिणी की घोषणा पर सबकी नजर
खेल का जुनून तो राजस्थान पुलिस में भर्ती होने का मौका, खेल कोटा से भरेंगे 167 कांस्टेबल पद
राजस्थान गारमेंट निर्यातक संघ के पूर्व अध्यक्ष जाकिर हुसैन ने कहा कि जीएसटी में कमी से घरेलू बाजार में थोड़ी वृद्धि हो सकती है, लेकिन यह निर्यात में आई कमी को पूरी तरह से भर नहीं पाएगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह नए निर्यात बाजारों की खोज के लिए निर्यातकों को सहयोग प्रदान करे और वैश्विक व्यापार मेलों में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता दे।
रत्न और आभूषण उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जीएसटी दर 3% पर बरकरार रहती है, तो इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं होगा। उनका मानना है कि इस दर में कोई परिवर्तन नहीं होने से निर्यातकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
जीएसटी कटौती से घरेलू बाजार में अवसर
राजस्थान के हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद। माना जा रहा है कि जीएसटी में कमी से निर्यातक घरेलू बाजार में बेहतर पकड़ बना सकते हैं। इसके साथ ही वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को फिर से स्थापित करने पर भी जोर देना होगा।
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान रोडवेज को मिली 162 नई बसें, रूट पर चल रही हैं 2,000 खराब बसें
कांग्रेस राजस्थान में सेवा दल को मजबूत कर रही, बाड़मेर में नेताओं को ट्रेनिंग दे रहे दिल्ली के नेता
भारत के उपभोक्ताओं के लिए नए अवसर
5% जीएसटी दर से घरेलू मांग में वृद्धि
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान भाजपा में नहीं सबकुछ ठीक! लंबे समय से अटकी कार्यकारिणी की घोषणा पर सबकी नजर
खेल का जुनून तो राजस्थान पुलिस में भर्ती होने का मौका, खेल कोटा से भरेंगे 167 कांस्टेबल पद
निर्यातक संघ की प्रतिक्रिया
रत्न एवं आभूषण उद्योग का दृष्टिकोण
FAQ
- 1. जीएसटी दरों में कटौती से राजस्थान के हस्तशिल्पियों को क्या लाभ होगा?
जीएसटी दरों में कटौती से जयपुर और राज्य के दूसरे स्थानों के हस्तशिल्प उद्योग को घरेलू बाजार में बेहतर मौके मिलेंगे, जिससे बिक्री में वृद्धि होने की उम्मीद है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ से हुई क्षति की भरपाई नहीं हो पाएगी। - 2. क्या जीएसटी दर में कमी से हस्तशिल्प निर्यातकों को फायदा होगा?
हां, जीएसटी दर में कमी से कुछ निर्यातकों को घरेलू बाजार में बेहतर स्थान मिलेगा, लेकिन इस बदलाव से वैश्विक बाजार में उनकी कमी को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। - 3. हस्तशिल्प उद्योग को किस तरह के कदम उठाने चाहिए?
हस्तशिल्प उद्योग को भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार अपने उत्पादों को डिजाइन करना चाहिए और नए निर्यात बाजारों को तलाशने के लिए वैश्विक व्यापार मेलों में भाग लेना चाहिए।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman