हरियाणा के ADGP सुसाइड मामले का राजस्थान कनेक्शन!, IAS पत्नी ने लगाए DGP और SP पर आरोप
Jaipur . हरियाणा के एडीजीपी (ADGP) IPS वाई पूरन कुमार (Y. Puran Kumar) की आत्महत्या के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। उनकी पत्नी और हरियाणा कैडर की IAS अमनीत पी. कुमार (IAS Amanit P. Kumar) ने राज्य के डीजीपी IPS शत्रुजीत सिंह कपूर (DGP Shatrugjit Singh Kapoor) और राजस्थान के मूल निवासी रोहतक एसपी IPS नरेंद्र बिजारणिया (SP Narendra Bijaraniya) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर 11 थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
अमनीत कुमार का दावा है कि उनके पति को जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination), मानसिक उत्पीड़न (Mental Harassment), और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश के चलते आत्महत्या करनी पड़ी। इस मामले ने हरियाणा पुलिस और प्रशासन में गंभीर हलचल पैदा कर दी है।
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ADGP का आठ पन्नों का सुसाइड नोट
अमनीत कुमार ने शिकायत में अपने पति के आठ पन्नों के सुसाइड नोट (Suicide Note) का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि नोट में लिखा था कि डीजीपी और रोहतक एसपी ने जानबूझकर उनके पति को परेशान किया (हरियाणा ADGP आत्महत्या)। IAS अमनीत के अनुसार, सीएम नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे (Japan Tour with CM Nayab Singh Saini) से लौटने के बाद उन्हें उनके पति के लैपटॉप बैग में सुसाइड नोट की दूसरी कॉपी मिली। इसमें यह भी उल्लेख था कि उनके पति को जातिसूचक गालियां दी गईं और अपमानित किया गया।
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झूठे मामलों में फंसाने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
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IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या
जांच और लगातार उत्पीड़न के कारण वाई पूरन कुमार ने अपनी कोठी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली (IPS आत्महत्या)। यह घटना हरियाणा पुलिस और राज्य प्रशासन के लिए एक गंभीर झटका है। आईएएस अमनीत का आरोप है कि यह आत्महत्या सीधे तौर पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का नतीजा थी। उन्होंने बीएनएस धारा 108 और एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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IPS नरेंद्र बिजारणिया कौन हैं?इस पूरे मामले में अब IPS नरेंद्र बिजारणिया (IPS Narendra Bijaraniya) पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न
आईएएस अमनीत ने स्पष्ट किया कि उनके पति को लगातार जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination) का सामना करना पड़ा। साथ ही, उन्हें कई मानसिक उत्पीड़न (Mental Harassment) और झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा। सुसाइड नोट और आईएएस अमनीत के बयान से यह साफ हो जाता है कि अधिकारी को दबाव और उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।
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कानूनी कार्रवाई की मांग
अमनीत कुमार ने डीजीपी और रोहतक एसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने (FIR Registration) की मांग की है। उन्होंने बीएनएस धारा 108 और एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह कदम राज्य प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर संकेत है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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FAQ
- 1. IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का कारण क्या बताया गया है?
IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का कारण उनके खिलाफ झूठे मामले, जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न बताया गया है। - 2. IAS अमनीत पी. कुमार ने किन पर आरोप लगाए हैं?
आईएएस अमनीत ने राज्य के डीजीपी IPS शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक एसपी IPS नरेंद्र बिजारणिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। - 3. क्या IPS पूरन कुमार की आत्महत्या से जुड़ी कोई कानूनी कार्रवाई शुरू हुई?
अभी तक IAS अमनीत ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बीएनएस धारा 108 और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। - 4. IPS नरेंद्र बिजारणिया की पृष्ठभूमि क्या है?
IPS नरेंद्र बिजारणिया राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे पहले सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम डिपार्टमेंट में कार्यरत रहे और आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर में सक्रिय भूमिका निभाई। - 5. IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में क्या खुलासा हुआ है?
सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने लिखा कि उन्हें जातिगत गालियां दी गईं और मानसिक रूप से तोड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश डीजीपी और रोहतक एसपी के निर्देशानुसार हुई।