वायुशक्ति-2026: वायुसेना का सबसे बड़ा वॉरगेम, 125 विमान और सुखोई-राफेल करेंगे युद्धाभ्यास

भारत की वायुसेना 26 फरवरी को राजस्थान के पोकरण रेंज में वायुशक्ति-2026 वॉरगेम करेगी। इस वॉरगेम में 125 विमान भाग लेंगे। इनमें सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे सुपरसोनिक विमान शामिल होंगे ।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  1. वायुशक्ति-2026: भारतीय वायुसेना का बड़ा वॉरगेम, 26 फरवरी को पोकरण रेंज में होगा।

  2. 125 विमान, सुखोई-30 MKI और राफेल लीड करेंगे युद्धाभ्यास।

  3. वॉरगेम में दो मोर्चों पर लड़ाई का अभ्यास, अटैक और बचाव ट्रेनिंग।

  4. वेस्टर्न बॉर्डर के 8 एयरबेस से विमान उड़ेंगे, जोधपुर एयरबेस से होगा समन्वय।

  5. प्रमुख कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के आने की संभावना।

News In Detail

26 फरवरी को पोकरण के चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति-2026 वॉरगेम का आयोजन किया जाएगा। इस वॉरगेम में 125 विमान भाग लेंगे, जिनमें सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे सुपरसोनिक विमान शामिल होंगे। भारतीय वायुसेना इस युद्धाभ्यास में दो मोर्चों पर लड़ाई की ट्रेनिंग करेगी, जिसमें अटैक और बचाव की रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही, वॉरगेम की समन्वय प्रक्रिया जोधपुर एयरबेस से की जाएगी, और वायुसेना का 'अवाक्स' वॉर रूम पूरे अभ्यास को लीड करेगा।

वायुशक्ति-2026 में सेना का दम 

भारत की वायुसेना जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ग्लोबल एयर पावर बन चुकी है> एक बार फिर अपनी ताकत दिखाने जा रही है। 26 फरवरी को पोकरण के चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायुशक्ति-2026’ वॉरगेम का आयोजन होगा। इसमें वायुसेना के 125 से ज्यादा विमान दुश्मन के खिलाफ हमला करेंगे। इस महाकवायद में सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे सुपरसोनिक विमान लीड करेंगे।

वायुशक्ति-2026 का अभ्यास

यह सबसे बड़ा वॉरगेम भारतीय वायुसेना द्वारा पोकरण के पास आयोजित किया जाएगा। 26 फरवरी को चांधन में वायुसेना के विमान सटीक निशाना लगाएंगे, और इस युद्धाभ्यास की शुरुआत 12 फरवरी से होगी, जिसमें जोधपुर सहित पश्चिमी सीमा के आठ एयरबेस से दिन-रात विमान उड़ान भरेंगे। इस वॉरगेम की प्रमुख रिहर्सल 24 फरवरी को होगी, और इसका मुख्य आयोजन 26 फरवरी को होगा।

सुपरसोनिक विमानों की अहम भूमिका 

वॉरगेम के दौरान सुपरसोनिक विमानों, जैसे सुखोई-30 MKI और राफेल, की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह विमान विशेष रूप से अटैक और बचाव दोनों ही प्रकार की ट्रेनिंग में भाग लेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, खासकर मिका और स्कैल्प मिसाइलों का प्रदर्शन किया जाएगा।

दुश्मन के खिलाफ दो मोर्चों पर लड़ाई 

इस वॉरगेम में भारतीय वायुसेना दो मोर्चों पर लड़ाई का अभ्यास करेगी। इसमें अटैक और बचाव की ट्रेनिंग होगी। राफेल की मिसाइलें विशेष रूप से ‘दागो और भूल जाओ’ की तर्ज पर तैयार की गई हैं। इनका प्रदर्शन वॉरगेम में किया जाएगा। इसके अलावा वायुसेना के अन्य विमान जैसे मिराज 2000, मिग 29 और तेजस भी इस अभ्यास का हिस्सा होंगे।

वायुसेना के प्रमुख विमान और हेलिकॉप्टर

यह वॉरगेम भारतीय वायुसेना के विभिन्न विमानों और हेलिकॉप्टरों की शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इसमें सुखोई, राफेल, मिराज 2000, मिग 29, तेजस, अपाचे और प्रचंड जैसे विमान और अटैक हेलिकॉप्टर शामिल होंगे। इन विमान और हेलिकॉप्टरों का मुख्य कार्य दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करना और वायु युद्ध में प्रमुख भूमिका निभाना होगा।

मुख्य बिंदू : 

  • वायुशक्ति-2026 वॉरगेम में 125 से ज्यादा विमान शामिल होंगे, जिसमें सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे सुपरसोनिक विमान प्रमुख होंगे।
  • इस वॉरगेम का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन करना और दुश्मन के खिलाफ दो मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी करना है।
  • वायुशक्ति-2026 में सुरक्षा फाइटर प्लेन सुखोईराफेल विमान, मिराज 2000, फाइटर जेट मिग 29, तेजस जैसे विमान और अपाचे, प्रचंड जैसे अटैक हेलिकॉप्टर शामिल होंगे।

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