'पर्यावरण बचाओ' का सन्देश देता शादी का अनोखा कार्ड , जानें पूरी खबर

राजस्थान में कुचामन सिटी के किसान रामूराम महला ने कागज के कार्ड की बजाय कपड़े के थैले पर शादी का निमंत्रण छपवाया है। किसान ने पर्यावरण संरक्षण और समाज को जागरूक करने की पहल की है।

author-image
Ashish Bhardwaj
New Update
shadi ka card

Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • कुचामन सिटी के किसान रामूराम महला ने कपड़े के थैले पर शादी का निमंत्रण भेजने की पहल की।
  • रामूराम का मानना है कि इससे कागज की बर्बादी रोकी जाएगी और धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा।
  • शादी के निमंत्रण में 'पॉलीथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ' जैसे प्रेरक संदेश भी शामिल हैं।
  • इस पहल से समाज में पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता फैलने की उम्मीद है।
  • रामूराम ने प्लास्टिक मुक्त राजस्थान की मुहिम से जुड़ने की बात कही हैं।

News In Detail

राजस्थान के डीडवाना कस्बे के कुचामन सिटी के किसान रामूराम महला ने एक नई पहल शुरू की है। आमतौर पर शादी-ब्याह के कार्ड कुछ ही दिनों में रद्दी या कूड़े के ढेर में बदल जाते हैं, लेकिन रामूराम ने इस परंपरा को पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने अपनी बच्चों की शादी के निमंत्रण कागज के कार्ड की बजाय कपड़े के थैले पर अनोखा कार्ड छपवाया है।  इससे न सिर्फ कागज की बर्बादी रोकी जा सके, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी होती हैं।

card
Photograph: (the sootr)

धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण

रामूराम महला का मानना है कि उनका यह कदम कागज की बर्बादी को रोकने के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं को भी बचाने में मदद करेगा। सामान्यत: शादी के कार्डों पर भगवान की तस्वीरें भी होती हैं, जो बाद में कूड़े के ढेर में मिल जाती हैं, जिससे धार्मिक अपमान भी हो सकता है। उनके इस पहल से यह समस्या भी दूर हो सकेगी।

निमंत्रण पत्र पर पर्यावरण  जागरूकता

रामूराम महला द्वारा बनाए गए ये कपड़े के बैग न केवल शादी के निमंत्रण का काम करते हैं, बल्कि इन पर कुछ प्रेरक संदेश भी छपे होते हैं। इन बैगों पर 'पॉलीथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ', 'घर से थैला साथ लेकर जाओ, पॉलीथीन का इस्तेमाल मत करो' और 'बचा हुआ खाना मत छोड़ो'  जैसे संदेश छपे हुए हैं।  यह शादी समारोह  20 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। 

समाज पर गहरी छाप छोड़ने की उम्मीद

रामूराम का मानना है कि जब ऐसे महत्वपूर्ण संदेश शादी जैसे खुशी के अवसर पर दिए जाते हैं, तो वे लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ते हैं। उनके अनुसार, यदि इस तरह के इवेंट्स को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह कदम समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने में सहायक होगा।

जागरूकता फैलाने की दिशा में कदम

रामूराम की पहल को आसपास के लोग बेहद सराह रहे हैं। जिन रिश्तेदारों और परिचितों को ये अनोखे निमंत्रण मिले हैं, वे सभी इसे पसंद कर रहे हैं और प्लास्टिक मुक्त राजस्थान की मुहिम से जुड़ने की बात कह रहे हैं। स्थानीय निवासी ज्ञानाराम रणवां ने इसे एक अनुकरणीय कदम बताया। वहीं, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी कर्नल नंद किशोर ढाका ने कहा कि इस तरह की सोच ही समाज और देश को आगे बढ़ाती है।

कपड़े के बैग पर क्यों निमंत्रण छपवाया

रामूराम महला ने कागज की बर्बादी और धार्मिक भावनाओं के अपमान से बचने के लिए कपड़े के बैग पर निमंत्रण छपवाने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि इससे पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इन कपड़े के बैग पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश जैसे 'पॉलीथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ', 'घर से थैला साथ लेकर जाओ' और 'बचा हुआ खाना मत छोड़ो' छपे होते हैं, जो समाज को जागरूक करने का काम करते हैं।

ये भी पढ़े:-

राजस्थान में नीट-पीजी की 1122 सीटें अब भी खाली, निजी मेडिकल कॉलेजों का बुरा हाल

एमपी, सीजी और राजस्थान में बदला मौसम, सर्दी का असर कम, बढ़ी गर्मी!

प्यासा राजस्थान! पाताल से पानी खत्म, क्या अगली पीढ़ी को मिलेगा सिर्फ सूखा

राजस्थान को कब मिलेंगे चार आईएएस, जानिए कहां अटका है प्रमोशन का यह मामला

जागरूकता कुचामन पर्यावरण बचाओ अनोखा कार्ड शादी
Advertisment