अब थानों की निगरानी करेंगे अनुभवी आईपीएस अफसर, पेंडेंसी पर रहेगा फोकस
Jageshwar prasad | May 28, 2026, 11:14 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेश में तैनात 100 IPS अधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में एक-एक थाना गोद लिया है। डीजीपी राजीव शर्मा ने सांगानेर थाना, कमिश्नर सचिन मित्तल ने विधायकपुरी थाना गोद लिया है।
News In Short
- राजस्थान में 100 IPS अधिकारियों ने 1-1 पुलिस थाना गोद लिया।
- इसके तहत 10 साल से अधिक अनुभव वाले अफसर करेंगे मॉनिटरिंग।
- राजीव शर्मा ने सांगानेर, सचिन मित्तल ने विधायकपुरी थाना गोद लिया।
- अधिकारी दर्ज प्रकरणों, वारंट निस्तारण, दुष्कर्म और पेंडेंसी को देखेंगे।
- डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिश पर यह पहल की गई है।
News In Detail
ये अधिकारी अपने-अपने थानों के नियमित कार्य के साथ-साथ दर्ज होने वाले प्रकरणों की मॉनिटरिंग और निरोधात्मक कार्यवाही भी देखेंगे। पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच ने सभी अधिकारियों के नाम के साथ थाने की सूची जारी कर दी है।
शीर्ष अधिकारियों ने कौन से थाने गोद लिए?
जयपुर पुलिस कमिश्नर आईपीएस सचिन मित्तल ने विधायकपुरी थाने को गोद लिया है। जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने जयपुर ग्रामीण के शाहपुरा थाने को गोद लिया है।
अधिकारियों की जिम्मेदारियां क्या होंगी?
दुष्कर्म और एससी-एसटी की धाराओं में दर्ज प्रकरणों को समय-सीमा में निस्तारित करवाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के अनुसार थानों में लंबित पुराने मामलों का निस्तारण भी इन अधिकारियों की प्राथमिकता होगी। केस ऑफिसर स्कीम वाले मामलों की मॉनिटरिंग भी इन्हें करनी होगी।
संपत्ति संबंधी मामलों में समय पर चालान और बरामदगी सुनिश्चित करनी होगी। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास भी किए जाएंगे। मालखाना निस्तारण और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेजों का समय-सीमा में सत्यापन भी इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
जयपुर कमिश्नरेट में इन अधिकारियों की तैनाती
थाना गोद लेने का उद्देश्य क्या है?
10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले IPS अधिकारी थानों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे ताकि क्राइम कंट्रोल के साथ-साथ प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव का लाभ थाना स्तर तक पहुंचने से अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी।
डीजीपी ने क्या कहा?
इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करना और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से थानों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और पुलिस की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
क्या बदलेगा थानों में?
पासपोर्ट सत्यापन और वारंट निस्तारण में देरी की समस्या से निजात मिलेगी। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में भी मदद मिलेगी।
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FAQ
- किस कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों की पालना में आईपीएस अफसरों द्वारा थाने गोद लेने की योजना शुरू की गई है?
यह योजना डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों की पालना में शुरू की गई है। - राजस्थान के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) कौन हैं और उन्होंने किस पुलिस थाने को गोद लिया है?
राजस्थान के वर्तमान डीजीपी राजीव शर्मा हैं और उन्होंने जयपुर के सांगानेर पुलिस थाने को गोद लिया है। - थानों को गोद लेने के बाद सीनियर आईपीएस अधिकारियों को किन विशिष्ट मामलों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं?
उन्हें दुष्कर्म, पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट, केस ऑफिसर स्कीम, पेंडिंग वारंट और मालखाना निस्तारण जैसे मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने का जिम्मा दिया गया है।
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