खेलो इंडिया गेम्स : करोड़ों का बजट खर्च करने के बाद भी नतीजा सिफर, न खिलाड़ी पहुंचे और ना ही दर्शक

Amit Baijnath Garg | Dec 03, 2025, 16:48 IST
Share
khelo games
Photograph: (the sootr)

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया गेम्स में करोड़ों का बजट खर्च हो रहा है। बावजूद इसके नतीजा सिफर है। गेम्स में न तो खिलाड़ी पहुंच रहे हैं और ना ही दर्शक। इसके बाद खेलों के आयोजन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Jaipur. राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित खेलो इंडिया गेम्स को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों का बजट खर्च करने के बावजूद इस आयोजन में न तो खिलाड़ी पहुंचे और ना ही दर्शक। इस खेल महाकुंभ की भव्यता पर खिलाड़ियों और दर्शकों की अनुपस्थिति का असर भारी पड़ रहा है।

MP-राजस्थान और बिहार में शीतलहर का अलर्ट, कोहरे से परेशानियां बढ़ी

400 मीटर दौड़ में मनीषा अकेले दौड़ी

खेलो इंडिया गेम्स के महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में सिर्फ एक खिलाड़ी मनीषा अकेले दौड़ी। वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से आई हैं। आयोजन में कोई अन्य महिला खिलाड़ी शामिल नहीं हुई, जिससे यह आयोजन सवालों के घेरे में आ गया। फाइनल राउंड में सलेक्ट होने के बावजूद अन्य खिलाड़ी ने हिस्सा नहीं लिया, जिससे इस खेल के आयोजन को लेकर गंभीर चिंताएं उठने लगीं।

एमपी में होगी राजस्थान पुलिस के जवानों की ट्रेनिंग, ये है वजह

हर्डल्स रेस में अकेले रुचित मोरी का प्रदर्शन

वहीं पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स रेस के फाइनल में भी कोई खास दृश्य नहीं दिखा। इस इवेंट में 8 एथलीटों का दौड़ना तय था, लेकिन जब रेस की बारी आई तो सिर्फ एक खिलाड़ी रुचित मोरी दौड़े। इस पर आयोजकों की तैयारी और खिलाड़ियों के प्रति अपील पर सवाल उठने लगे हैं।

राजस्थान हाई कोर्ट सख्त : स्कूलों में रंग-रोगन ही करवाते रहोगे या ढांचागत सुधार के मूल मुद्दे पर भी काम करोगे!

करोड़ों खर्च मगर न दर्शक, ना खिलाड़ी खेलो इंडिया गेम्स के आयोजनों के लिए सरकार ने भारी-भरकम बजट आवंटित किया था, लेकिन यह आयोजन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। न तो खिलाड़ियों ने अपने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ना ही दर्शकों ने इन इवेंट्स में रुचि दिखाई। ऐसे में आयोजकों की तैयारी पर सवाल उठते हैं, खासकर उस पैमाने पर जिस पर इस इवेंट को प्रस्तुत किया गया था।
बदलाव : राजभवन का नाम बदलकर किया गया लोकभवन, ऐसा करने वाला राजस्थान 9वां राज्य बना

समिति पर उठ रहे सवाल

जयपुर में आयोजित खेलो इंडिया गेम्स में इस तरह की लापरवाही और असफलता से आयोजन समिति और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आयोजकों ने करोड़ों रुपए खर्च किए, लेकिन आयोजनों का प्रभाव नकारात्मक ही रहा।

सरकार और आयोजकों से अपेक्षाएं

इस मामले में अब सरकार और आयोजकों से यह अपेक्षाएं की जा रही हैं कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए बेहतर तैयारी की जाए और खिलाड़ियों के साथ ही दर्शकों को भी आकर्षित किया जाए। इसके अलावा आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर इवेंट में सटीक रूप से प्रतियोगिता हो और सभी खिलाड़ी समय पर पहुंचे।



Career in Sports : खेलकूद या गेम्स में है इंट्रेस्ट, तो स्पोर्ट्स में बना सकते हैं करियर

गेम्स के मुख्य बिंदु

  • खेलो इंडिया गेम्स में करोड़ों का बजट खर्च हुआ।
  • महिला 400 मीटर रेस में केवल एक खिलाड़ी ने दौड़ लगाई।
  • पुरुष 400 मीटर हर्डल्स रेस में सिर्फ एक खिलाड़ी ने भाग लिया।
  • आयोजन में न खिलाड़ी पहुंचे, ना ही दर्शक।
Tags:
  • राजस्थान
  • जयपुर
  • खेलो इंडिया गेम्स
  • खेल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा