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Photograph: (the sootr)
Jaipur. मशहूर गीतकार और ​फिल्म स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर ने गुरुवार को मंत्र दिया कि अच्छे चेहरों को अच्छी नीयत से देखने से आंखों पर नजर का चश्मा नहीं लगेगा। जावेद गुरुवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 'जावेद अख्तर: पॉइंट्स ऑफ व्यू' सैशन में एक श्रोता के अब तक चश्मा नहीं लगने के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, अच्छे चेहरों को देखें, अच्छी नीयत रखें, देखिए फिर आंखों पर नजर का चश्मा नहीं लगेगा।
भाषा पर यह तो सवाल ही गलत
एक श्रोता ने पूछा कि संस्कृत और उर्दू में से ज्यादा पुरानी भाषा कौनसी है? इस पर जावेद अख्तर ने सवाल को ही गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि आश्चर्य हो रहा है कि कोई यह सवाल पूछ भी कैसे सकता है। क्योंकि, यह सर्वविदित है कि संस्कृत हजारों साल पुरानी भाषा है, जबकि उर्दू तो मुश्किल से 600—700 साल पुरानी भाषा होगी। तमिल सबसे ज्यादा पुरानी जीवित भाषा है। उन्होंने कहा कि यदि सवाल लेटिन या हिब्रू को लेकर होता तो बताने में आनंद आता। उर्दू तो पुरानी या प्राचीन भाषाओं की रेस में ही नहीं है।
किसी भी धर्म का पालन करें, कोई फर्क नहीं पड़ता
जावेद अख्तर ने कहा कि धर्म पर चर्चा करना इस बात पर चर्चा करने जैसा है कि कौन सी गुफा रहने के लिए बेहतर होगी। अगर आप किसी धर्म का पालन करना चाहते हैं, तो किसी भी धर्म का पालन करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि, यदि किसी ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया है तो क्या इससे कोई फर्क पड़ता है कि वह आत्महत्या करेगा कैसे !
सेक्युलरिज्म तो मिलता है माहौल से
जावेद अख्तर ने कहा कि कोई किसी को सेक्युलरिज्म नहीं सिखा सकता। यह व्यक्ति को उसके आस-पास के माहौल से मिलता है। यदि कोई इसे सिखाऐगा तो वह झूठ है। सेक्यूुलरिज्म का कोई क्रैस कोर्स नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्हें सेक्युलरिज्म अपने नाना-नानी से मिला है।
फिल्म इंडस्ट्री अब बहुत मैच्योर
एक सवाल के जवाब में जावेद ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अब बहुत मैच्योर हो गई है। आज के दौर में सब कुछ बेहद व्यवस्थित और सुनियोजित होता है। उन्होंने कहा कि जब वह असिस्टेंट डायरेक्टर होते थे तो उन्हें जूते-चप्पल तक उठाने को कह दिया जाता था। लेकिन, अब तो एक्टर से पहले असिस्टेंट डायरेक्टर का नाम लिया जाता है।
सीएम ने किया उद्घाटन
इससे पहले जेएलएफ की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक:नाद- बिटविन साउंड एंड साइलेंस' से हुई। इसमें ऐश्वर्या विद्या रघुनाथन ने शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। सीएम भजनलाल शर्मा ने आयोजकों के साथ फेस्टिवल का उद्घाटन किया। जेएलएफ में दुनियाभर से 500 से ज्यादा लेखक शामिल होंगे। गुरुवार को ही फर्स्ट एडिशन:ओल्डर बोल्डर बाय अमन नाथ सेशन में बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस जीनत अमान और फेस्टिवल प्रोड्यूसर संजॉय के रॉय किताब लॉन्च करेंगे।
पांच दिन तक लगेगा साहित्य का मेला
फेस्टिवल में 5 दिन तक टेक्नोलॉजी, साहित्य, राजनीति, खेल, इतिहास, सिनेमा, ग्लोबल अफेयर्स जैसे विषयों पर डिस्कशन होंगे। बांग्लादेश और वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम पर भी चर्चा होगी। 15 से 17 जनवरी तक म्यूजिक स्टेज होगा, जिसमें अलग-अलग तरह के म्यूजिक की परफॉर्मेंस होगी।
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