JLF 2026: पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ बोले, समाज में भ्रष्टाचार, जज भी उसी समाज से आते है

राजस्थान के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने भ्रष्टाचार, समलैंगिकता और न्यायपालिका पर विचार व्यक्त किए, वहीं गीतकार प्रसून जोशी ने रचनात्मकता पर अपनी राय दी।

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Purshottam Kumar Joshi
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Chandrachud

Photograph: (the sootr)

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News In Short

  1. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने भ्रष्टाचार और न्यायपालिका पर विचार साझा किए।

  2. उन्होंने कहा कि जज समाज का हिस्सा होते हैं, और समाज में भ्रष्टाचार भी होता है, लेकिन जजों से उच्चतम आचरण की उम्मीद होती है।

  3. समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के फैसले के बारे में पूर्व CJI ने लियोनार्ड कोहेन के कोट का हवाला दिया।

  4. गीतकार प्रसून जोशी ने रचनात्मकता और ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर अपनी राय दी।

  5. प्रसून जोशी ने कहा कि ए.आई. में मनुष्य जैसी रचनात्मकता और कल्पना नहीं होती, यह सिर्फ एक टूल है।

News In Detail

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 'आइडियाज ऑफ जस्टिस' सत्र में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने भ्रष्टाचार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जज समाज से आते हैं और समाज में भ्रष्टाचार होना स्वाभाविक है लेकिन जजों से उच्चतम आचरण की उम्मीद की जाती है। उन्होंने समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के फैसले के बारे में भी बात की। इस दौरान उन्होने लियोनार्ड कोहेन का कोट 'डेमोक्रेसी इन सम डेंजर' का जिक्र किया। साथ ही गीतकार प्रसून जोशी ने रचनात्मकता और ए.आई. के संबंध में अपनी राय दी है। इसमें उन्होंने ए.आई. को एक टूल के रूप में प्रस्तुत किया।

पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का भ्रष्टाचार पर विचार

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में 'आइडियाज ऑफ जस्टिस' सत्र में पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने भ्रष्टाचार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जज समाज का हिस्सा होते हैं और समाज में भ्रष्टाचार भी मौजूद है। हालांकि, जजों से उच्चतम आचरण की उम्मीद की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक सशक्त और जवाबदेह सिस्टम की आवश्यकता है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जजमेंट को सिर्फ गलत मानकर भ्रष्ट नहीं कहा जा सकता, असलियत को समझना जरूरी है।

समलैंगिकता पर ऐतिहासिक निर्णय

पूर्व सीजेआई ने समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के फैसले के बारे में भी बात की। उन्होंने इस फैसले के दौरान लियोनार्ड कोहेन के एक कोट का हवाला दिया, "डेमोक्रेसी इन सम डेंजर", और कहा कि यह फैसला लोकतंत्र को बचाने के लिए किया गया था। उन्होंने समलैंगिकता के अपराधमुक्त करने को महत्वपूर्ण कदम बताया, जो समाज में समानता को बढ़ावा देता है।

प्रसून जोशी ने रचनात्मकता पर की चर्चा

सत्र 'इमेजिन: द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी' में गीतकार प्रसून जोशी ने रचनात्मकता और ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर अपनी राय दी। जोशी ने कहा कि ए.आई. में वही रचनात्मकता और कल्पना नहीं है, जो मनुष्यों में होती है। उन्होंने इसे एक टूल के रूप में समझने की बात की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर हम इसे इंसान की कल्पना और रचनात्मकता का विस्तार मानते हैं, तो कोई आपत्ति नहीं है।

श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान और पीयूष मिश्रा

इस साल के श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान के लिए अभिनेता, लेखक और गीतकार पीयूष मिश्रा को चुना गया है। उन्हें इस सम्मान के तहत 2 लाख रुपए और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आज होटल क्लार्क्स आमेर के चारबाग वेन्यू में प्रदान किया जाएगा।

मुख्य बिंदू :

  • जेएलएफ 2026: डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जज समाज का हिस्सा होते हैं, जहां भ्रष्टाचार होता है, लेकिन जजों से उच्चतम आचरण की उम्मीद की जाती है। उन्होंने एक सशक्त और जवाबदेह सिस्टम की आवश्यकता पर बल दिया।
  • प्रसून जोशी ने कहा कि AI में वही रचनात्मकता और कल्पना नहीं है, जो मनुष्यों में होती है। उन्होंने इसे टूल के रूप में समझने की बात की, लेकिन इसे इंसान की रचनात्मकता का विस्तार मानने को भी स्वीकार किया।

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