बासनी अग्निकांड में दूसरे दमकलकर्मी सुरेंद्र की मौत, बिना ट्रेनिंग आग में उतारने का आरोप
Ashish Bhardwaj | Sept 28, 2026, 13:05 IST
बासनी अग्निकांड
जोधपुर के बासनी केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड में झुलसे ठेकाकर्मी दमकलकर्मी सुरेंद्र बोराणा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले प्रीतेश परमार की जान गई थी। वाल्मीकि समाज ने लापरवाही के आरोप लगाकर बड़े मुआवजे की मांग की है।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर बासनी अग्निकांड में घायल दमकलकर्मी सुरेंद्र बोराणा की मौत।
- हादसे में अब तक दो ठेकाकर्मी दमकलकर्मियों की जा चुकी जान।
- वाल्मीकि समाज ने बिना ट्रेनिंग और सुरक्षा उपकरणों का लगाया आरोप।
- मृतक परिवारों के लिए एक करोड़ मुआवजे और नौकरी की मांग।
- नगर निगम ने मृतक परिवार को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
कैसे हुआ था हादसा
प्रीतेश को दी गई अंतिम विदाई
घायलों की हालत
बिना ट्रेनिंग आग में भेजने का आरोप
उनके मुताबिक प्रीतेश और सुरेंद्र समेत कई दमकलकर्मियों के पास फायर फाइटिंग का कोई डिप्लोमा नहीं था। उनका कहना है कि निगम के तीनों घायल कर्मचारियों के पास भी यह योग्यता नहीं है। सुरेश जोड़ का आरोप है कि इन युवाओं को सिर्फ 7 हजार रुपए महीने की तनख्वाह मिलती थी।
सुरक्षा उपकरणों पर सवाल
ठेकेदार और निगम पर सवाल
निगम ने की मुआवजे की घोषणा
एक करोड़ और नौकरी की मांग
जोधपुर तक पहुंचा आंदोलन
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