सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस का एक्शन, जेसीबी से रास्ते खोदकर रोकी बजरी तस्करी

Jageshwar prasad | May 17, 2026, 15:55 IST
Share
Ashish Bhardwaj - 2026-05-17T160014.018
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के करौली जिले में पुलिस ने अवैध बजरी खनन माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। एसपी लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी के गौटा घाट पर करीब 5 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।

News In Short

  • सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद करौली पुलिस ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ लिया एक्शन।
  • पुलिस के जवान चंबल नदी के गहरे पानी में उतरकर माफियाओं के पीछे भागे।
  • कोर्ट ने पर्यावरण और वन्यजीवों के खतरे पर सरकार को फटकार लगाई थी।
  • अवैध खनन का यह खेल चंबल घड़ियाल प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर की दूरी पर चल रहा था।
  • पुलिस ने जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ते खोदकर बजरी माफियाओं के रूट को ब्लॉक कर दिया।

News In Detail

राजस्थान के करौली जिले में नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी के प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहे अवैध बजरी खनन को रोकने के लिए पुलिस ने एक साहसिक कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को लगाई गई कड़ी फटकार के बाद करौली पुलिस और वन विभाग ने चंबल के बीहड़ों और नदी के भीतर घुसकर बजरी माफियाओं के पूरे सिंडिकेट को हिला कर रख दिया।

जवानों ने नदी में तैरकर किया पीछा

अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने खुद इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। पुलिस टीम ने शनिवार को करणपुर क्षेत्र के संवेदनशील गौटा घाट पर कार्रवाई की। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर घाट पर अवैध बजरी भर रहे माफियाओं में हड़कंप मच गया और वे अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर चंबल नदी के रास्ते मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ भागने लगे।

इस पर थानाधिकारी देवेश कुमार जाटव के नेतृत्व में पुलिस के जवान चंबल नदी के गहरे पानी में उतर गए। जवानों ने पानी के भीतर दूर तक माफियाओं का पीछा किया, जिससे डरकर माफिया अपनी गाड़ियां छोड़कर बीहड़ों का फायदा उठाकर भाग निकले। एसपी सोनवाल ने चेतावनी दी है कि सीमा पार (एमपी) के माफियाओं को भी किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

दरअसल, इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी है। कोर्ट ने राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि सुरक्षा के दावे पूरी तरह खोखले हैं। रिपोर्ट में सामने आया था कि राज्य के 40 सबसे संवेदनशील खनन इलाकों में से केवल एक जगह ही सीसीटीवी कैमरा चालू मिला।

कोर्ट की इसी सख्ती के बाद धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में एक विशेष टास्क फोर्स (SIT) का गठन किया गया, जिसके बाद जमीनी स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।

प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर पर था अवैध धंधा

यह अवैध खनन कोई सामान्य मामला नहीं है बल्कि पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। माफिया घड़ियाल प्रजनन केंद्र से मात्र 500 मीटर की दूरी पर भारी मशीनें चला रहे थे। मशीनों के कान फोड़ देने वाले शोर और चंबल की रेत उठाने से घड़ियालों का प्राकृतिक आवास और उनका प्रजनन चक्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।

अनुमान के मुताबिक, राजस्थान से मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के बीच इस रास्ते से हर दिन लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से बजरी ले जाई जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने जेसीबी मशीनों से घाटों को जोड़ने वाले रास्तों को गहरा खोदकर काट दिया है ताकि गाड़ियां न आ सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

करौली पुलिस ने किस क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की है?

करौली पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी के अंतर्गत आने वाले करणपुर क्षेत्र के गौटा घाट पर यह कार्रवाई की है।

बजरी माफियाओं के खिलाफ अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की गई?

चंबल क्षेत्र में पर्यावरण और वन्यजीवों को हो रहे नुकसान पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद सरकार के निर्देश पर टास्क फोर्स ने यह एक्शन लिया।

पुलिस ने माफियाओं के परिवहन रूट को रोकने के लिए क्या कदम उठाया है?

कार्रवाई के बाद पुलिस ने चंबल नदी और बीहड़ों की तरफ जाने वाले अवैध रास्तों को जेसीबी (JCB) मशीनों से गहरा खुदवाकर पूरी तरह से नष्ट और ब्लॉक कर दिया है।

ये भी पढ़ें:-

नीट-2026 पेपर लीक मामले में विधायक महेंद्र पाल मीना की सफाई, कहा मामले से कोई लेना देना नहीं

इलेक्ट्रिक बसें कर रही है चलने का इंतजार, चार्जिंग स्टेशन नहीं बनने से 150 बसों का संचालन अटका

गलत प्रश्न पत्र और आंसर की पर हाई कोर्ट सख्त; बनेगी हाई लेवल कमेटी

जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर हुई बहस, बाहर आते ही चले लात-घूंसे



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी
  • मध्य प्रदेश
  • अवैध खनन
  • वन विभाग
  • अवैध बजरी खनन
  • चंबल नदी
  • SIT
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा