केवलादेव में शुरू होगी बोट सफारी, दुर्लभ पक्षियों को पानी की कलकल के साथ निहार सकेंगे पर्यटक

Amit Baijnath Garg | Sept 18, 2025, 14:38 IST
Share
kewladeo
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में शुरू की जाएगी बोट सफारी। पर्यटक केरल जैसा अनुभव लेंगे और दुर्लभ पक्षियों को नजदीक से देख पाएंगे।

राजस्थान के भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park) ने पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षक अनुभव पेश किया है। अब बोट सफारी के जरिए पर्यटक दुर्लभ पक्षियों को उनके प्राकृतिक वातावरण में नजदीक से देख सकेंगे, जो एक केरल जैसा अनुभव देने वाला होगा। इस सफारी के दौरान पर्यटक हरियाली से घिरे तालाबों और ऊपर उड़ते रंग-बिरंगे पक्षियों का दृश्य देख पाएंगे।

राजस्थान में गिद्धों के संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल, केवलादेव और बयाना में बनेगा आशियाना

नाव सफारी : एक नई शुरुआत

नाव सफारी की यह सुविधा केवलादेव में पहली बार शुरू हो रही है, जो हर साल अक्टूबर से मार्च तक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनती है। इस सफारी का कुल मार्ग लगभग 3 किलोमीटर लंबा होगा और यहां पर्यटक डार्टर, कॉर्मोरेंट, पेंटेड स्टार्क और नाइट हेरोन जैसे दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे। इन पक्षियों के घोंसलों में चहचहाते बच्चों को देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होगा, जो किसी भी पक्षी प्रेमी के लिए बेहद खास होगा।

औपचारिकताएं अंतिम चरण में

उद्यान निदेशक मानस सिंह ने बताया कि नाव सफारी शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परिवहन विभाग और श्रम विभाग से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अगले एक सप्ताह में सफारी के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी हो सकती हैं। नावों की मरम्मत का काम चल रहा है और उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों से लैस किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पक्षियों की कई प्रजातियों से गुलजार केवलादेव, पेंटेड स्टार्क का झुंड कर रहा कलरव, कार्मोरेंट भी पहुंचे

चार और आठ सीटर नावें, शुल्क भी तय

इस बार पर्यटकों के लिए दो प्रकार की नावें उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें चार सीटर नाव और आठ सीटर नाव होंगी। चार सीटर नाव का शुल्क 330 रुपए और आठ सीटर नाव का शुल्क 660 रुपए निर्धारित किया गया है। यह शुल्क पर्यटकों को किफायती दरों पर बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से तय किया गया है।

दुर्लभ पक्षियों से साक्षात्कार नाव सफारी का सबसे बड़ा आकर्षण दुर्लभ पक्षियों का नजदीक से अनुभव होगा। पर्यटक इन पक्षियों को इतने करीब से देख सकेंगे कि उनका व्यवहार, आवाज और घोंसलों में पल रहे बच्चे दिखाई देंगे। यह विशेष अनुभव पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए अद्भुत रहेगा। पानी में तैरती नाव और ऊपर उड़ते पक्षियों के झुंड का दृश्य हर किसी के लिए एक यादगार पल बनेगा।
भरतपुर के गांव में रात में उड़ रहे ड्रोन से ग्रामीणों में दहशत, चोरी की बढ़ती घटनाओं का हो रहा शक

राजस्थान में केरल जैसा अनुभव

मानस सिंह का कहना है कि नाव सफारी के दौरान पर्यटक राजस्थान में रहते हुए भी केरल की सुंदरता का अनुभव कर सकेंगे। इस सफारी में तालाबों में पानी की लहरों के बीच चलती नाव, चारों ओर घना जंगल और पक्षियों का कलरव मिलकर एक ऐसे वातावरण का निर्माण करेंगे, जो किसी सपने जैसा होगा। यह सफर न केवल रोमांचक होगा, बल्कि मन को शांति और प्रकृति से जुड़ने का अवसर भी देगा।

भरतपुर के मोतीमहल में घुसे बदमाश! ध्वज फाड़ने की कोशिश, ध्वजस्तंभ किया क्षतिग्रस्त

पर्यटन सीजन में मिलेगा नया आकर्षण

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान हर साल अक्टूबर से मार्च के बीच देसी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस समय प्रवासी पक्षियों का डेरा लगता है, जो रूस, साइबेरिया और यूरोप से आते हैं। नाव सफारी के जरिए पर्यटक इन पक्षियों को बेहद करीब से देख सकेंगे। यह नई सुविधा उद्यान में पर्यटन को और बढ़ावा देगी। खासकर उन लोगों के लिए, जो वाइल्डलाइफ और पक्षी अवलोकन में रुचि रखते हैं।

be indian-buy indian
be indian-buy indian

महत्वपूर्ण तथ्य

नाव सफारी का मार्ग : 3 किलोमीटर लंबा जलमार्ग
शुल्क : चार सीटर नाव-330 रुपए, आठ सीटर नाव-660 रुपए
दुर्लभ पक्षी : डार्टर, कॉर्मोरेंट, पेंटेड स्टार्क, नाइट हेरोन
उम्मीद : केरल जैसा अनुभव राजस्थान में

FAQ

  1. 1. केवलादेव में नाव सफारी का क्या महत्व है?
    नाव सफारी (Boat Safari) पर्यटकों को दुर्लभ पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देखने का अवसर देती है, जो पर्यटकों के लिए एक केरल जैसा अनुभव (Kerala-like experience) होता है।
  2. 2. केवलादेव में नाव सफारी की शुल्क संरचना क्या है?
    चार सीटर नाव का शुल्क 330 रुपये और आठ सीटर नाव का शुल्क 660 रुपये निर्धारित किया गया है, ताकि पर्यटन (Tourism) का अनुभव किफायती हो सके।
  3. 3. नाव सफारी के दौरान कौन से पक्षी देखे जा सकते हैं?
    नाव सफारी के दौरान पर्यटक डार्टर (Darter), कॉर्मोरेंट (Cormorant), पेंटेड स्टार्क (Painted Stork), और नाइट हेरोन (Night Heron) जैसे दुर्लभ पक्षी देख सकते हैं।


Tags:
  • राजस्थान
  • भरतपुर
  • पर्यटन
  • केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
  • बोट सफारी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि