शिक्षा मंत्री के जिले में क्यों बार-बार बदल रहे समसा प्रमुख, जानिए पूरा मामला
Jageshwar prasad | Jun 16, 2026, 16:48 IST
कोटा में समसा के तहत ढाई साल में चार एडीपीसी बदले
राजस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले कोटा में समसा प्रमुख का पद म्यूजिकल चेयर बन गया है। ढाई साल के भीतर कोटा में चार अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) बदले जा चुके हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- कोटा में समसा के तहत ढाई साल में चार एडीपीसी बदले, प्रशासनिक अस्थिरता बढ़ी।
- शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले में शिक्षा की दुर्दशा ने उठाए सवाल।
- 254 सरकारी स्कूलों के 381 कक्षा-कक्ष जर्जर हालत में, बारिश में खतरा।
- 67 स्कूलों के शौचालय बदहाल, छात्राओं और महिला स्टाफ को असुविधा।
- नए एडीपीसी भवेन्द्र कुमार गोयल के सामने मानसून से पहले मरम्मत की चुनौती।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले ढाई साल के भीतर कोटा में चार अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) बदले जा चुके हैं।
लगातार होते इस प्रशासनिक फेरबदल और विभागीय स्तर पर बजट की भारी कमी के कारण सरकारी स्कूलों के विकास और निर्माण कार्यों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
ढाई साल में बदले 4 मुखिया
इस अवधि में कमान संभालने वाले मुख्य अधिकारी इस प्रकार रहे:
आदित्य विजय (प्रिंसिपल, आवां): शुरुआत में इन्हें इस अभियान को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
रूपेश कुमार सिंह (प्रिंसिपल, रानपुर): प्रशासनिक फेरबदल के तहत इन्हें 26 फरवरी 2024 को कोटा समसा की कमान मिली।
नवल किशोर महावर (प्रिंसिपल, बपावर कलां): इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को इन्हें इस पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
भवेन्द्र कुमार गोयल (DEO रैंक): लगातार हो रही किरकिरी और अस्थिरता के बाद अब पहली बार बालोतरा से आए डीईओ रैंक के अधिकारी भवेन्द्र कुमार गोयल को समसा एडीपीसी लगाया गया है।
जर्जर दीवारें और बदहाल शौचालय
इसी महीने के अंत तक मानसून आने की भी प्रबल संभावना है। समसा पर स्कूलों के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त रखने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में यह विभाग खुद लाचार नजर आ रहा है।
254 स्कूलों की हालत खराब
इसके अलावा स्कूलों में 67 टॉयलेट्स की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है। इससे विशेषकर छात्राओं और महिला स्टाफ को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
रामगंजमंडी से विधायक हैं दिलावर
अब जब नए सत्र की शुरुआत होने वाली है, तब नए एडीपीसी भवेन्द्र कुमार गोयल के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वे कैसे मानसून से पहले स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करते हैं।
FAQ
- समसा क्या है और यह कैसे काम करता है?
समग्र शिक्षा अभियान (समसा) केंद्र सरकार की एक योजना है जो प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा को एक साथ लाती है । यह स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा पर काम करता है। राज्य सरकार इसे अपने स्तर पर लागू करती है और जिला स्तर पर एडीपीसी इसकी निगरानी करता है।
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