कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, NTCA से नहीं मिली हरी झंडी
Jageshwar prasad | Jul 09, 2026, 17:54 IST
कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव अटका
राजस्थान में अरावली की पहाड़ियों में स्थित कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। अभी तक एनटीसीए ने इसे हरी झंडी नहीं दी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला ठंडे बस्ते में।
- एनटीसीए ने अभी तक कुंभलगढ़ के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी है।
- यह स्थिति राजसमंद से भाजपा सांसद महिमा कुमारी के विरोध के बाद आई।
- सांसद ने पर्यावरण मंत्री को पत्र भेजकर इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की थी।
- महिमा कुमारी का तर्क, कुंभलगढ़ के जंगलों में कभी टाइगर नहीं थे।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने अभी तक इस टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को हरी झंडी नही दी है। एनटीसीए की 20वीं तकनीकी समिति ने अभी तक अपनी सिफारिश नहीं भेजी है।
इसलिए अटका कुंभलगढ़ का प्रस्ताव
अपना विरोध दर्ज कराया था।
उन्होंने पत्र में टाइगर रिजर्व बनने से पारिस्थितिक, आजीविका और सामाजिक चिंताओं का जिक्र किया था। पत्र में यह भी कहा था कि कुंभलगढ़ कभी टाइगर का घर नहीं रहा है।
सांसद ने पत्र में लिखा कि कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव जल्दबाजी में लिया गया फैसला दिखाई देता है। उन्होंने प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
पत्र में महिमा कुमारी ने 7 अक्टूबर, 2021 की एक NTCA समिति की एक रिपोर्ट का हवाला भी दिया। उनका तर्क है कि कुम्भलगढ़ संकरा वन क्षेत्र है। यह केवल 200-220 किमी लंबा और केवल 3-15 किमी चौड़ा है। यह वन गलियारा लंबी अवधि में बाघों की आबादी को बनाए रखने में सक्षम नहीं है।
ऐसे आया कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव
समिति ने राजस्थान सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
इसमें पांच जिलों के लगभग 1,397 वर्ग किमी एरिया को टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव दिया गया। यह टाइगर रिजर्व कुम्भलगढ़ और रावली टॉडगढ़ वन्यजीव अभयारण्यों को मिलाकर बनाया जाना है।
विशेषज्ञों ने सांसद की दलीलों को बताया गलत
एक शोध पत्र के अनुसार 1838-39 में महाराणा सरदार सिंह को उदयपुर के पास बाघों की लगातार खबरें मिल रही थीं। उनके लोगों को कमलोद, टिकलिया और उर्जनखुरा में बाघ मिले थे। राजपूताना गजेटियर भी कुंभलगढ़ से कोटड़ा तक अरावली में बाघों के होने की बात कहता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार कुंभलगढ़ के पूर्व वार्डन जसवंत सिंह नाथावत ने 1967 में कुंभलगढ़-रावली टॉडगढ़ अभयारण्य में बाघ देखने का जिक्र किया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 1953 से 1955 के बीच भी यहां बाघों का शिकार किया गया था।
क्या टाल दिया प्रस्ताव?
हालांकि, राजस्थान वन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि उन्हें प्रस्ताव टालने के बारे में जानकारी नहीं है। हम एनटीसीए की बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें:-
कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला, सरकार का दावा-एनटीसीए की सिफारिश के अनुरूप बढ़ेगा एरिया
कुंभलगढ़ सेंचुरी में आदिवासियों की जमीनों पर होटलें, पहाड़ से दे दिया रास्ता, एसडीएम व तहसीलदार को हटाया
बदलेगा सरिस्का टाइगर रिजर्व का नक्शा, बनेगा बाघों का नया कॉरिडोर
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari