पतंगबाजी में कटी 5 जिंदगी की डोर, 140 घायल, अब भी कई लोग लड़ रहे है जंग

राजस्थान में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के दौरान हुए हादसों में 5 लोगों की मौत और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं। इसमें चाइनीज मांझे ने आग में घी का काम किया।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (The Sootr)

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News In Short 

  • राजस्थान में मकर सक्रांति पर पतंगबाजी के कारण 5 मरे, 140 घायल 
  • हादसे का मुख्य कारण रहा चाइनीज मांझा
  • राजस्थान सरकार का चाइनीज मांझे पर हैं प्रतिबंध  
  • पिछले साल की तुलना में इस साल हुए अधिक जख्मी 
  • जयपुर में पतंगबाजी में सबसे अधिक लोगों की मौत  

News In Detail 

राजस्थान में मकर संक्रांति पर चाइनीज मांझा कहर बन कर आया। इस दौरान जयपुर सहित कई जिलों में पतंगबाजी  के दौरान हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। साथ ही 140 से ज्यादा लोग घायल हुए। इनमें से सबसे अधिक 3 मौतें जयपुर में हुईं।

चाइनीज मांझा बना मुख्य कारण  

इस बार के हादसों का मुख्य कारण चाइनीज मांझा  बना। हालांकि राजस्थान सरकार ने पहले ही इस मांझे को बैन कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद यह मांझा बाजार में धड़ल्ले से बिकता नजर आया। 

मुंबई के बच्चे की गई जान 

 जयपुर में पतंगबाजी करते समय एक 6 साल का बच्चे की चाइनीज मांझे से  मौत हो गई। यह बच्चा मुंबई से परिवार के साथ मकर संक्रांति मनाने जयपुर  आया था। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे की मौत गला काटने से ज्यादा खून बहने के कारण हुई हैं।जयपुर के मालवीय नगर में भी एक 26 वर्षीय युवक पतंग लूटने के प्रयास में छत से गिर गया और उसकी मौत हो गई। इसी तरह, खो-नागोरियान में 7 साल का बच्चा पतंग लूटते समय नाली में गिर गया और हॉस्पिटल जाते वक्त उसकी मौत हो गई। 

पतंग लूटने के कारण हुए हादसे

श्रीगंगानगर में  घड़साना  के  गांव 2 एसटीआर में पतंग लूटते समय 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। वह छत से पानी की डिग्गी  में गिर गया था। उंसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसी तरह, कोटा में एक 5 साल का बच्चा भी चाइनीज मांझे के कारण घायल हो गया। उसकी सांस की नली  कट गई थी।  इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

इस साल घायलों की संख्या बढ़ी

पिछले साल के मुकाबले इस बार घायलों की संख्या जयपुर में ज्यादा रही। एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में पिछले साल 49 लोग घायल हुए थे, जबकि इस साल 14 जनवरी को केवल एक दिन में 42 से ज्यादा घायल आए। इसके अलावा, जयपुरिया हॉस्पिटल, गणगौरी हॉस्पिटल, और कांवटिया हॉस्पिटल में भी 110 से अधिक घायल पहुंचे।

चाइनीज मांझे से खतरा

चाइनीज मांझा का इस्तेमाल इस साल के हादसों का मुख्य कारण था। सरकार ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाया था, फिर भी इसका उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस मांझे के कारण सड़क दुर्घटनाएं बहुत बढ़ गई।

हादसों से बचाव के उपाय

बच्चों और युवाओं को पतंगबाजी के दौरान सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। मांझे का कोई और विकल्प खोजना चाहिए। सड़क पर चलते समय  सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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