राजस्थान के मंत्री की पोती नकल मामले में दोषमुक्त, सियासी चर्चाओं ने पकड़ा जोर
Amit Baijnath Garg | Jul 17, 2025, 16:10 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल की पोती को नकल प्रकरण में दोषमुक्त करार दिया गया। जोधपुर विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग परीक्षा में नकल के आरोप खारिज किए।
राजस्थान की भजनलाल सरकार में कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल मंत्री जोगाराम पटेल की पोती को जोधपुर एमबीएम विश्वविद्यालय द्वारा नकल मामले में क्लीन चिट मिल गई है। यह मामला 2024-25 के सत्र के दौरान की एक परीक्षा का है, जब मंत्री की पोती का नाम नकल के आरोप में सामने आया था। इस मामले के सामने आते ही विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में हंगामा मच गया था। अब सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
2024-25 की इंजीनियरिंग परीक्षा के दौरान मंत्री जोगाराम पटेल की पोती एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग की परीक्षा दे रही थी। फ्लाइंग टीम के निरीक्षण में उसके पास एक कैलकुलेटर के कवर पर पेंसिल से लिखे गए नोट्स पाए गए। इसके बाद नकल का मामला माना गया और रिपोर्ट जोधपुर विश्वविद्यालयप्रशासन को सौंपी गई थी।
हालांकि केंद्र अधीक्षक डॉ. श्रवण राम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कैलकुलेटर पर लिखी गई चीजें अस्पष्ट थीं और नकल का मामला नहीं बनता है। पुलिस में भी इस मामले की शिकायत नहीं दी गई। इसके बाद विश्वविद्यालय की कमेटी ने मंत्री की पोती को दोषमुक्त कर दिया।
यह खबरें भी पढ़ें...
डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सिविल लाइंस के अरबों के बंगलों पर कब्जा, कानूनी जाल में उलझी सरकार
डिप्टी सीएम का कारनामा : दीया कुमारी ने अपने नाम करा ली बेशकीमती सरकारी जमीन; कोर्ट में सरकार की हार की पूरी इनसाइड स्टोरी
मंत्री की पोती को दोषमुक्त करने के इस फैसले ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का माहौल बना दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह एक राजनीतिक कदम हो सकता है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन इसे एक शुद्ध न्यायिक प्रक्रिया मानता है। इस पर तेजी से राजनीतिक विवाद हो रहा है।
यह मामला केवल एक छात्रा के नकल मामले से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह राजनीति और शिक्षा व्यवस्था के बीच के कनेक्शन को भी उजागर करता है। जब एक प्रभावशाली व्यक्ति का परिवार इस तरह के आरोपों से बचता है, तो इससे समाज में अलग-अलग तरह के सवाल उठते हैं। इस मामले ने एक बार फिर से शिक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता को साबित किया है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
क्या था पूरा मामला?
क्या हुआ अगला कदम?
बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में हंगामा इस मामले को लेकर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में कुछ मुद्दों पर विरोध सामने आया। विशेष रूप से 2023-24 के सत्र के नकल मामले में नाम शामिल किए गए थे, लेकिन 2024-25 के मामले को गोपनीय रखा गया। जब सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो कुलपति प्रोफेसर अजय शर्मा ने इसे नजरअंदाज कर दिया। बाद में परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल गुप्ता ने लिफाफा खोलकर 2024-25 के नकल मामलों के नाम खुद ही सुनाए। जब मंत्री की पोती का नाम आया, तो डॉ. गुप्ता ने कहा कि फाउंड नो गिल्टी और उसे दोषमुक्त करार दिया।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सिविल लाइंस के अरबों के बंगलों पर कब्जा, कानूनी जाल में उलझी सरकार
डिप्टी सीएम का कारनामा : दीया कुमारी ने अपने नाम करा ली बेशकीमती सरकारी जमीन; कोर्ट में सरकार की हार की पूरी इनसाइड स्टोरी
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
FAQ
- 1. क्यों मंत्री की पोती को नकल मामले में दोषमुक्त किया गया?
केंद्रीय अधीक्षक डॉ. श्रवण राम और विश्वविद्यालय की कमेटी ने मंत्री की पोती के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं पाया और नकल का आरोप खारिज कर दिया। - 2. क्या मंत्री की पोती के खिलाफ नकल की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज की गई थी?
नहीं, विश्वविद्यालय ने नकल के मामले में पुलिस में कोई शिकायत नहीं की। रिपोर्ट विश्वविद्यालय तक सीमित रही और अंत में पोती को दोषमुक्त कर दिया गया। - 3. इस मामले में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में क्या विवाद हुआ था?
बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में 2024-25 के नकल मामलों की सूची को गोपनीय रखने पर विरोध हुआ और अंततः परीक्षा नियंत्रक ने नामों का खुलासा किया।
thesootr links
- मध्यप्रदेशकी खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari