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Photograph: (the sootr)
Alwar. राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा की सिफारिश को आईएएस के द्वारा खारिज करने का मामला सामने आया है। मंत्री शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र अलवर शहर में नगर विकास न्यास (यूआईटी) के एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी की पदोन्नति और सेवा अवधि दो साल बढ़ाने की सिफारिश की थी। हालांकि यूआईटी सचिव स्नेहल धायगुडे ने एक्सईएन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मंत्री की सिफारिश को ही खारिज कर दिया।
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मंत्री ने यह की थी सिफारिश
मंत्री संजय शर्मा ने एक दिसंबर, 2025 को अलवर दौरे के समय यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को एक सिफारिशी पत्र दिया था। इसमें कहा गया कि यूआईटी अलवर में कुमार संभव अवस्थी वर्तमान में एक्सईएन हैं। उनका कार्य व्यवहार उत्कृष्ट श्रेणी का है।
उन्होंने अलवर शहर के विकास की कई महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की हैं। यूआईटी में एसई का पद रिक्त है। ऐसे में कुमार संभव के व्यवहार को देखते हुए उन्हें मूल पद के साथ ही एसई का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाए। नगरीय विकास मंत्री ने यह पत्र तब यूआईटी सचिव को सौंप दिया।
अधिकारी ने नहीं मानी सिफारिश
कुमार संभव अवस्थी के पक्ष में यह सिफारिश उनके सेवाकाल पूरा होने से पूर्व की गई थी। मंत्री का सिफारिश पत्र मिलने के बाद सचिव स्नेहल धायगुडे ने उसी दिन शाम को नगरीय विकास विभाग को जवाबी पत्र भेजा।
इसमें कहा गया कि अवस्थी का व्यवहार आम जनता, उच्च अफसरों और कर्मचारियों के साथ अशिष्ट और अशोभनीय है। वे अपने सर्विस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करते हैं। खासकर सीएल रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में गड़बड़ी की जाती है। ऐसे में उनकी सेवा अवधि में दो साल की वृद्धि किया जाना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही मंत्री की सिफारिश खारिज कर दी गई।
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पदोन्नति नहीं, फिर भी एक्सईएन का लिया वेतन
दरअसल, कुमार संभव अवस्थी को 2021 में अस्थायी रूप से एक्सईएन का पद दिया गया था, लेकिन 2022 में पदोन्नति समिति की बैठक में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इससे उनका पदोन्नति आदेश निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद भी उन्होंने एक्सईएन का वेतन उठाया, जबकि उनके नाम की पुष्टि मई, 2025 की स्थायी वरिष्ठता सूची में 77वें स्थान पर की गई थी। इसे लेकर भी यूआईटी सचिव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अवस्थी की कार्यशैली को देखते हुए उन्हें एक्सईएन का कार्यभार जारी रखना उचित नहीं है।
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अवस्थी का रिटायरमेंट और संभावित पदोन्नति
एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी का 31 मई, 2026 को रिटायरमेंट है। वह अपनी सेवा में दो साल की बढ़ोतरी की कोशिश में हैं। उनके खिलाफ उठाए गए मुद्दों के कारण उनकी पदोन्नति और सेवा अवधि में वृद्धि मुश्किल में दिख रही है।
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पहले भी हो चुकी शिकायत
रोचक तथ्य यह है कि 2015 में भाजपा अलवर के जिला प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कुमार संभव अवस्थी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कर उन्हें यूआईटी से हटाने के लिए तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे को पत्र लिखा था। तब कुमार संभव सहायक अभियंता थे। नगरीय विकास विभाग ने जांच के आदेश दिए थे। उस समय के शिकायतकर्ता मनोज शर्मा अभी मंत्री संजय शर्मा के निजी सहायक हैं।
मंत्री की सिफारिश का खेल
वन मंत्री की सिफारिश : एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी को एसई का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने के साथ ही सेवाकाल में दो साल की वृद्धि दी जाए।
यूआईटी सचिव का विरोध : एक्सईएन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए और सेवा विस्तार को खारिज किया गया।
पदोन्नति का विवाद : 2021 में अस्थायी पदोन्नति के बावजूद 2022 में पदोन्नति का आदेश निरस्त कर दिया गया।
सेवा अवधि का मामला : यूआईटी सचिव ने एक्सईएन की सेवा अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव को जनहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण से खारिज किया।
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