राजस्थान में मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन की एमएसपी खरीद की तैयारी शुरू, 2 नवंबर से रजिस्ट्रेशन
Jageshwar Prasad | Nov 02, 2026, 16:52 IST
राजस्थान में एमएसपी पर खरीफ फसल खरीद के लिए पंजीकरण शुरू, जानें क्या हैं इस बार के दाम
राजस्थान में खरीफ वर्ष 2026 में मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर राजफैड स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई हैं। राज्य में इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 से शुरू होगी। रजिस्ट्रेशन राजफेड वेबसाइट, ई-मित्र और राजफेड किसान ऐप से होगा।
राजफैड के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी हरिसिंह शर्मा के अनुसार भारत सरकार ने खरीफ 2026 के लिए मूंग का समर्थन मूल्य 8780, उड़द 8200, सोयाबीन 5708 व मूंगफली 7517 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। मूंग, उड़द, सोयाबीन में अधिकतम 12 प्रतिशत और मूंगफली में 8 प्रतिशत नमी निर्धारित है।
अगर आप मूंग, उड़द, सोयाबीन बेचने जा रहे हैं, तो उसमें अधिकतम 12% नमी होनी चाहिए। इसका मतलब है कि 100 किलोग्राम मूंग में पानी की मात्रा 12 किलो से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर नमी इससे ज्यादा होगी, तो खरीद केंद्र अधिकारी फसल को सुखाकर लाने को कहेंगे या उसे खरीदने से मना कर सकते हैं।
राज्य में इस वर्ष मूंग के 315, मूंगफली के 284, उड़द के 136 एवं सोयाबीन के 77 केंद्रों पर फसलों की खरीद होगी। प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 2000 किसानों का रजिस्ट्रेशन होगा। भारत सरकार से खरीद लक्ष्यों की स्वीकृति मिलते ही खरीद कार्य आरंभ होगा।
राजफैड के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्रीय अधिकारी हरिसिंह शर्मा के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य और नमी की अधिकतम सीमा इस प्रकार रखी गई है:
प्रदेश भर में किसानों की सुविधा के लिए कुल 712 खरीद केंद्र बनाए गए हैं:
हनुमानगढ़ जिले में मूंग की सरकारी खरीद के लिए 12 केंद्र घोषित किए गए हैं (जिनमें बडबिड़ाना, नोहर, भादरा, रावतसर, पल्लू, टिब्बी, हनुमानगढ़ टाउन, जंक्शन, संगरिया, गोलूवाला और पीलीबंगा शामिल हैं)। वहीं मूंगफली की खरीद के लिए 7 केंद्र बनाए गए हैं।
जानिए क्या है एमएसपी (
एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह गारंटीकृत कीमत है जिस पर सरकार किसानों से उनकी उपज खरीदती है।
अगर आप मूंग, उड़द, सोयाबीन बेचने जा रहे हैं, तो उसमें अधिकतम 12% नमी होनी चाहिए। इसका मतलब है कि 100 किलोग्राम मूंग में पानी की मात्रा 12 किलो से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर नमी इससे ज्यादा होगी, तो खरीद केंद्र अधिकारी फसल को सुखाकर लाने को कहेंगे या उसे खरीदने से मना कर सकते हैं।
राज्य में इस वर्ष मूंग के 315, मूंगफली के 284, उड़द के 136 एवं सोयाबीन के 77 केंद्रों पर फसलों की खरीद होगी। प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 2000 किसानों का रजिस्ट्रेशन होगा। भारत सरकार से खरीद लक्ष्यों की स्वीकृति मिलते ही खरीद कार्य आरंभ होगा।
फसलों के तय एमएसपी भाव और क्वालिटी स्टैंडर्ड (खरीफ 2026)
- मूंग: ₹8,780 प्रति क्विंटल (अधिकतम 12% नमी)
- उड़द: ₹8,200 प्रति क्विंटल (अधिकतम 12% नमी)
- मूंगफली: ₹7,517 प्रति क्विंटल (अधिकतम 8% नमी)
- सोयाबीन: ₹5,708 प्रति क्विंटल (अधिकतम 12% नमी)
खरीद केंद्रों का नेटवर्क और बिक्री की सीमाएं
- केंद्रों की संख्या: मूंग के लिए 315, मूंगफली के लिए 284, उड़द के लिए 136 और सोयाबीन के लिए 77 खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
- पंजीकरण सीमा: प्रत्येक खरीद केंद्र पर अधिकतम 2,000 किसानों का ही पंजीकरण स्वीकार किया जाएगा।
- प्रति किसान बिक्री सीमा: प्रत्येक किसान से मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की अधिकतम 40 क्विंटल उपज ही खरीदी जाएगी। हालांकि उड़द की खरीद पर यह सीमा लागू नहीं होगी।
- भुगतान व्यवस्था: किसान की उपज का सीधा भुगतान उनके आधार से लिंक बैंक खातों में 'आधार आधारित भुगतान प्रणाली' (ABPS) के जरिए पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में ऑनलाइन गिरदावरी की व्यवस्था नहीं है, वहां किसान ऑफलाइन गिरदावरी जमा कराकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
हनुमानगढ़ जिले में खरीद केंद्रों का ब्योरा
जानिए क्या है एमएसपी (Minimum Support Price )?
- सुरक्षा कवच: यदि खुले बाजार में फसल के भाव बहुत गिर जाते हैं, तब भी सरकार तय न्यूनतम कीमत पर फसल खरीदकर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाती है।
- तय करने की प्रक्रिया: बुवाई का सीजन शुरू होने से पहले कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) इसकी सिफारिश करता है, जिस पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) अंतिम मुहर लगाती है।
- कुल 23 फसलें: वर्तमान में केंद्र सरकार धान, गेहूं, बाजरा, मक्का, मूंग, चना, सोयाबीन और मूंगफली सहित 23 मुख्य फसलों पर एमएसपी घोषित करती है।
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