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Photograph: (the sootr)
Alwar. राजस्थान में नीमराना के एक होटल में 3 सितंबर 2024 में हुई फायरिंग के पीछे खालिस्तानी​ आतंकी अर्श डल्ला मास्टरमाइंड था। यह खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट में हुआ है। फायरिंग होटल हाइवे किंग पर हुई थी। चार्जशीट में कहा है कि इस फायरिंग के पीछे आरोपियों का मकसद देश में पर्यटकों में दहशत फैलाना और गैंगस्टरों के लिए पैसा जुटाना था।
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अब तक नौ के खिलाफ चार्जशीट
एनआईए ने यह चार्जशीट दो शूटरों के खिलाफ दाखिल की है। इस मामले में अब तक कुल 9 आतंकियों व आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। एनआईए ने नीमराना की होटल हाइवे किंग पर फायरिंग करने वाले बदमाश पुनीत और नरिंदर लल्ली के खिलाफ आर्म्स एक्ट तथा गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। दोनों पंजाब के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार थे। एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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रंगदारी वसूलने की थी साजिश
जांच में उजागर हुआ कि फायरिंग का मकसद दहशत फैलाने के साथ ही रंगदारी वसूलना था। ये लोग रंगदारी वसूलकर आसपास के क्षेत्र में अपना प्रभाव जमाना चाहते थे। रोपियों ने होटल मालिकों को धमकाकर उनसे पैसों की मांग की थी।
एनआईए के अनुसार विदेश में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के इशारे पर यह साजिश रची गई थी। मकसद भारत में दहशत फैलाना और अवैध वसूली के जरिए अपने आतंकी नेटवर्क को मजबूत करना था।
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आरोपियों को कराए हथियार उपलब्ध
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों को अपराध के लिए हथियार मुहैया कराए गए थे। उन्हें सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने के निर्देश दिए गए थे। एनआईए इस मामले में जांच कर रही है।
कोटपूतली बहरोड़ एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई का कहना है कि होटल फायरिंग मामले में कौशल गैंग से जुड़े बदमाशों के द्वारा पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की भूमिका सामने आई थी। इसकी मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी।
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खालिस्तानी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी
अधिकारियों का कहना है कि इस केस में आगे भी जांच जारी है। जांच एजेंसी का फोकस न सिर्फ फायरिंग करने वालों पर है, बल्कि उन लोगों पर भी है जो फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और साजिश में शामिल थे। इस कार्रवाई को खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी आतंकी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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पुलिस करेगी गहन जांच
उधर, एसपी का कहना है कि फिलहाल एनआईए की चार्जशीट के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिली है। चार्जशीट में खालिस्तानी आतंकियों का जुड़ाव सामने आया है तो सभी लिंक और पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से गहन जांच शुरू की जाएगी।
पुलिस के अनुसार होटल फायरिंग मामले में खालिस्तानी आतंकी की भूमिका सामने आने के बाद यह मामला नए सिरे से जांच करने का विषय बन गया है। हम देखेंगे कि इस तरह के पुराने में तो इनका लिंक नहीं है।
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कौन है अर्श डल्ला
करीब 27 वर्षीय अर्श डल्ला पंजाब में मोगा जिले के गांव डाला का रहने वाला है। नीमराना के होटल पर खालिस्तानी आतंकी अर्श ने कराई थी फायरिंग। इसका नाम तब सुर्खियों में आया था, जब 2018 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो को खालिस्तान समर्थकों की सूची भेजी थी, जिसमें अर्श का नाम भी था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जुलाई 2023 में अर्श को खालिस्तान समर्थकों से संबंध होने पर आतंकी घोषित किया था। इस पर हत्या, हत्या की कोशिश, उगाही, टेरर फंडिंग समेत 50 से अधिक मामलों में नामजद हैं। मई 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
मुख्य बिंदू :
- यह मामला 3 सितंबर 2024 को नीमराना के होटल हाईवे किंग में हुई फायरिंग से जुड़ा है। इस मामले में खालिस्तानी आतंकी का कनेक्शन सामने आया है।
- एनआईए के अनुसार खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला इस फायरिंग का मास्टरमाइंड था और विदेश से साजिश को संचालित कर रहा था।
- इस हमले का उद्देश्य दहशत फैलाना और रंगदारी वसूलकर आतंकी नेटवर्क को फंड देना था।
- आतंकी अर्श डल्ला पंजाब में मोगा जिले के गांव डाला का रहने वाला है।
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जुलाई 2023 में अर्श को खालिस्तान समर्थकों से संबंध होने पर आतंकी घोषित किया था
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