विस्फोटक जखीरा मिलने की जांच में एनआईए की एंट्री, आरोपियों से पूछताछ

राजस्थान के टोंक जिले में हाल ही में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट और विस्फोटकों के जखीरे की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकस कर दिया है। इस मामले में अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें जांच में शामिल हो गई हैं।

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Mukesh Sharma
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Tonk. राजस्थान के टोंक में हाल ही में बरामद हुए विस्फोटकों के जखीरे के मामले में अब एनआईए और आईबी की एंट्री हो गई है। एनआईए के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह बरौनी थाना पहुंचकर विस्फोटकों की पड़ताल की है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनका आपराधिक और पारिवारिक रिकॉर्ड खंगाला है।

बुधवार को एक कार से मिले 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट की खेफ के साथ विस्फोटकों के जखीरे ने पुलिस अधिकारियों के हाथ पैर फूला दिए थे। गणतंत्र दिवस से पहले टोंक से लेकर दिल्ली तक जांच एजेंसिया अलर्ट हो गई। 

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विस्फोटक जखीरा मिलने की जांच में एनआईए की एंट्री

माना जा रहा है कि कुछ महीने पहले दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट मामले में भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल सामने आया था। जैसे ही टोंक में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद की खबर दिल्ली में बैठे एजेंसियों के अधिकारियों तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया। 
तुरत फुरत में जयपुर से एनआईए और आईबी अधिकारियों की टीम टोंक पहुंची और पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। टोंक की बरौनी पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर दे दिया।  

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सभी एंगल से हो रही जांच

टोंक के पुलिस अधीक्षक राजेश मीना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपियों से पूछताछ में अभी तक यह सामने आया कि विस्फोटक सामग्री का का इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जाना था। हालांकि, हम इस मामले की सारे एंगल पर जांच कर रहे है। 

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दो आरोपियों को किया था गिरफ्तार

शुरूआती पूछताछ में उजागर हुआ है कि पत्थरों के खनन में जो विस्फोटक काम में लिया जाता है, उसके लिए इस विस्फोटक सामग्री की सप्लाई की जानी थी। डीएसटी टीम ने टोंक में विस्फोटक बरामद किया था।बुधवार को बरौनी थाने के चिरौंज गांव से दो आरोपियों सुरेंद्र और सुरेंद्र मोची को गिरफ्तार किया था।

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थाना पहुंची एनआईए टीम, जानकारी ली

एसपी राजेश मीना के अनुसार दोनों आरोपियों सुरेंद्र और सुरेंद्र मोची ने पूछताछ में विस्फोटक किसी सप्लायर से लाना स्वीकार किया है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है। गंभीरता को देखते हुए अन्य जांच एजेंसियां भी इस मामले को देख रही हैं। 
उधर, जयपुर से एनआईए अधिकारियों की टीम सुबह बरौनी थाना पहुंचीं। यहां उन्होंने यह पता लगाया कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक किस काम के लिए लेकर आए थे। क्या पहले भी किसी अन्य शहरों और लोगों को अमोनियम नाइट्रेट सप्लाई किया था या नहीं। साथ ही इस विस्फोटक को टोंक लाने के लिए क्या मकसद था।

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आईबी टीम ने भी की आरोपियों से पूछताछ

बताया जा रहा है कि बुधवार को विस्फोटक बरामदगी की जानकारी मिलने के बाद आईबी अधिकारियों की टीम रात में थाने पहुंची थी। उसने विस्फोटक को लेकर सुरेंद्र और सुरेंद्र मोची से पूछताछ की। इसके बाद सुबह एनआईए के अधिकारियों की टीम पहुंची।  
 बताया जाता है कि टोंक की पहाड़ियों में होने वाले अवैध खनन में बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग होता है। इस एंगल से भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीम जानकारी जुटा रही है।

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मुख्य बिंदू :

  • टोंक में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमों ने जांच शुरू कर दी है।
  • शुरुआत में यह जानकारी मिली है कि विस्फोटकों का इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जाना था।
  • एनआईए और आईबी की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की है और जांच में तेजी लाने के लिए सभी एंगल से मामले की पड़ताल शुरू की है।
राजस्थान गणतंत्र दिवस आईबी विस्फोटक जखीरा मिलने की जांच में एनआईए की एंट्री टोंक में विस्फोटक बरामद
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