NEET पेपर लीक: मास्टरमाइंड भाइयों के बेटों ने बनाई थी खरीदारों की लिस्ट, वसूले करोड़ों रुपए

Jageshwar prasad | May 15, 2026, 07:40 IST
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Ashish Bhardwaj (82)
Photograph: (the sootr)

NEET-2026 पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश बिंवाल ने अपने बेटों का इस्तेमाल सप्लायर के तौर पर किया। 10 लाख रुपए प्रति स्टूडेंट के हिसाब से करीब 150 छात्रों को पेपर बेचा गया।

News In Short

  • NEET पेपर लीक के आरोपीमांगीलाल और दिनेश बिंवाल ने 30 लाख में खरीदा था पेपर।
  • मांगीलाल के बेटे ने छात्रों का एक चैट ग्रुप बनाया और लिस्ट तैयार की।
  • दोनों ने अपने बेटों के जरिए लीक पेपर 150 छात्रों तक पहुंचाया।
  • दिनेश वीडियो कॉल के जरिए पेपर की गारंटी लेता और 10 लाख रुपए वसूलता।
  • विकास छात्रों को अपने पिता की बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाता, ताकि भरोसा हो।

News In Detail

राजस्थान में NEET 2026 पेपर लीक की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके तार एक ही परिवार के भीतर गहराई से जुड़े मिल रहे हैं। जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों-मांगीलाल और दिनेश बिंवाल ने न केवल पेपर लीक किया, बल्कि इस काले कारोबार में अपने बेटों को भी झोंक दिया।

विकास (मांगीलाल का बेटा) और दिनेश का एक नाबालिग बेटा, दोनों सीकर में नीट की तैयारी कर रहे थे। इन्हीं के जरिए पेपर लीक का पूरा नेटवर्क संचालित किया गया।

बेटे बने मिडलमैन, पिता ने संभाली कमान

जांच एजेंसी के अनुसार, विकास ने सीकर में रहते हुए अपने जूनियर छात्रों और साथियों से संपर्क किया। उसने एक विशेष चैट ग्रुप बनाया और उन छात्रों की लिस्ट तैयार की जिन्हें पेपर की जरूरत थी। जब लिस्ट तैयार हो गई, तो पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश ने मोर्चा संभाला। दिनेश इन छात्रों से सीधे बात करता और भारी भरकम रकम (10 लाख रुपए) का सौदा तय करता था।

रसूख का प्रदर्शन और वीडियो कॉल पर गारंटी

खरीदारों को इस पर्चे पर शक न हो, इसके लिए विकास एक शातिर तरीका अपनाता था। वह छात्रों को अपने पिता की मंत्रियों, विधायकों और प्रभावशाली अधिकारियों के साथ तस्वीरें दिखाता था।

इतना ही नहीं, दिनेश वीडियो कॉल पर छात्रों को अपना फार्म हाउस और सड़कों पर लगे अपने पोस्टर दिखाकर अपनी साख का प्रदर्शन करता। वह पूरी गारंटी के साथ कहता - पूरा पेपर इसी में से आएगा, निश्चिंत रहो। इसी भरोसे के नाम पर करोड़ों रुपए कैश में वसूले गए।

150 छात्रों पर CBI और SOG का शिकंजा

राजस्थान SOG ने करीब 150 ऐसे छात्रों की पहचान की है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस परिवार के संपर्क में थे और जिन्होंने पेपर खरीदा था। फिलहाल CBI इन छात्रों से पूछताछ कर रही है, लेकिन मुख्य फोकस अभी मास्टरमाइंड और उनके लिंक पर है।

भविष्य में जांच पूरी होने के बाद इन सभी 150 छात्रों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गुरुग्राम से जयपुर और अब दिल्ली

दिनेश ने पूछताछ में कबूला है कि वह यह पेपर गुरुग्राम निवासी यश नामक युवक से 30 लाख रुपए में लेकर आया था। अब CBI मांगीलाल, दिनेश और विकास को दिल्ली ले गई है। वहां उनके बैंक खातों, मोबाइल चैट्स और पूर्व में हुए पेपर लीक मामलों के साथ उनके संबंधों की गहन पड़ताल की जाएगी।

परिजनों ने SOG के माध्यम से मांगीलाल के लिए दवाइयां भिजवाई हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि दिल्ली में होने वाली इस कड़ी पूछताछ से पेपर लीक के असली सरगना और सिंडिकेट का बड़ा खुलासा होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

मांगीलाल और दिनेश बिंवाल ने पेपर कैसे बेचा?

इन दोनों भाइयों ने अपने बेटों (जो सीकर में तैयारी कर रहे थे) के जरिए छात्रों से संपर्क किया। बेटों ने खरीदारों की लिस्ट बनाई और पिताओं ने अपने राजनीतिक रसूख का भरोसा दिखाकर 10-10 लाख रुपए में पेपर का सौदा किया।

क्या पेपर खरीदने वाले छात्रों पर भी कार्रवाई होगी?

हां, SOG और CBI के पास 150 छात्रों की सूची है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस इन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी, जिससे उनका करियर हमेशा के लिए दांव पर लग सकता है।

यह पेपर लीक का जाल कहां तक फैला है?

शुरुआती जांच में इसके तार गुरुग्राम (हरियाणा), सीकर और जयपुर से जुड़े मिले हैं। दिनेश ने यश नामक व्यक्ति से पेपर लेने की बात कबूली है। CBI अब यह पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध देश के अन्य बड़े पेपर लीक माफियाओं से भी है।

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