अगर आप पंचायत चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं तो इन नियमों को जरूर पढ़े

राजस्थान में इस बार पंचायत चुनाव में सख्ती रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए अपनी गाइडलाइन जारी कर दी है।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  • राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए जारी की गाइड लाइन।
  • पोलिंग स्टेशन से 100 मीटर परिधि में उम्मीदवारों के बूथ नहीं।
  • उम्मीदवारों को धार्मिक स्थलों में बूथ लगाने की इजाजत नहीं।
  • प्रत्याशी अधिकतम एक मेज और दो कुर्सियां ही बूथ पर रख सकेगा।
  • निर्वाचन बूथों का उपयोग सिर्फ वोटर पहचान पर्ची वितरण के लिए।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान में पंचायत चुनाव में इस बार विधानसभा चुनाव जैसी पाबंदी होगी। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव मार्च में होने की संभावना है। लेकिन, राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए अभी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की अनियमितता, दबाव या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

100 मीटर परिधि में उम्मीदवारों के बूथ नहीं

निर्देशों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी मतदान के दिन पोलिंग बूथ के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की परिधि में अपना निर्वाचन बूथ स्थापित नहीं कर सकेगा। यहां तक कि जिन परिसरों में एक से अधिक मतदान केंद्र हैं, वहां भी किसी प्रत्याशी का बूथ किसी भी मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार से 100 मीटर के भीतर नहीं लगाया जा सकेगा। आयोग का मानना है कि इससे मतदाताओं पर किसी भी प्रकार के प्रभाव की संभावना को कम किया जा सकेगा।

धार्मिक स्थलों में बूथ की इजाजत नहीं

आदेश में यह भी स्पष्ट है कि धार्मिक स्थलों या उनके परिसरों में निर्वाचन बूथ स्थापित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के निकट भी किसी प्रकार का चुनावी बूथ नहीं लगाया जा सकेगा। आयोग का कहना है कि इन स्थानों की गरिमा और संवेदनशीलता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सिर्फ छााया के लिए छााता

बूथों की संरचना को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। प्रत्येक प्रत्याशी अधिकतम एक मेज और दो कुर्सियां ही अपने बूथ पर रख सकेगा। छाया के लिए केवल छोटा टेंट या छाता लगाया जा सकता है, जिसका आकार 10×10 फीट से अधिक नहीं होगा। इसके अलावा साइड में कनात या बड़े टेंट लगाने की अनुमति नहीं होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 
बूथ अस्थायी और सीमित उद्देश्य तक ही रहें।

उम्मीदवार बूथ के लिए अनुमति जरूरी

निर्वाचन बूथ स्थापित करने से पहले प्रत्याशी को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या अधिकृत अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति पत्र में बूथ लगाने वाले व्यक्तियों के नाम और क्रमांक दर्ज करना भी आवश्यक किया गया है। बिना अनुमति लगाए गए बूथों को तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ बांट सकेंगे पर्ची

आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन बूथों का उपयोग केवल मतदाता पहचान पर्ची के वितरण के लिए किया जाएगा। इन पर्चियों पर किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिन्ह या कोई अन्य प्रचार सामग्री अंकित नहीं होगी। पर्ची पर केवल मतदाता का नाम, मतदाता सूची क्रमांक, वार्ड संख्या और मतदान केंद्र का नाम ही लिखा जा सकेगा।

बूथों पर भीड़ की इजाजत नहीं 

भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी निर्वाचन बूथ पर भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी और न ही किसी ऐसे व्यक्ति को वहां बैठने की अनुमति होगी जिसने अपना मत पहले ही दे दिया हो। इसके अलावा बूथ का उपयोग किसी मतदाता को उसके मताधिकार का प्रयोग करने से रोकने या अन्य प्रत्याशियों के बूथों से आने-जाने वाले मतदाताओं को बाधित करने के लिए नहीं किया जा सकेगा।

अन्यथा उम्मीदवारों पर होगा एक्शन

निर्देशों की अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में प्रत्याशी का निर्वाचन बूथ हटाया जाएगा। साथ ही निर्वाचन अधिसूचना व अन्य प्रचलित कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखना तथा मतदाताओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक अमले को भी इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बार होंगे बैलेट बॉक्स से चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच और सरपंचों के चुनाव मत पत्रों से कराने का ऐलान किया है। हालांकि, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे। आयोग ने कहा कि इसमें भी अगर ईवीएम कम पड़ती हैं तो कुछ जगह चुनाव मत पत्रों से कराए जा सकते हैं। आयोग ने इस बारे में सभी कलेक्टरों को सूचित कर दिया है।

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