सिस्टम हुआ शर्मशार: पटवारी का 'शाही अंदाज' में वीडियो वायरल, फरियादियों से वसूल रहे पैसे, कलेक्टर ने लिया यह एक्शन

राजस्थान में एक पटवारी के वायरल हो रहे वीडियो ने सिस्टम पर सवाल खड़ा किया है। इस वीडियो में खाट पर लेटे पटवारी फरियादियों से पैसे वसूलते दिख रहे हैं।

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Ashish Bhardwaj
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News In Short

  • राजस्थान में पटवारी का 'शाही अंदाज' वाला वीडियो हो रहा खूब वायरल
  • पटवारी कुर्सी छोड़ खाट पर लेटे हैं, फरियादी नीचे जमीन पर बैठे हैं
  • वीडियो में फरियादियों से हर काम पर पैसे वसूलते दिख रहे पटवारी
  • वायरल वीडियो के बाद जोधपुर कलेक्टर ने पटवारी को थमाया नोटिस
  • नोटिस में तीन दिन में जवाब नहीं देने पर निलंबन की चेतावनी

News In Detail

मुकेश सोनी@जोधपुर

राजस्थान में जोधपुर से प्रशासन को शर्मसार करने वाली एक वीडियो सामने आया है। यहां बालेसर क्षेत्र में एक पटवारी का 'शाही अंदाज' और पद की गरिमा को ताक पर रखकर काम करने का वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो में पटवारी अपने कार्यालय की कुर्सी छोड़ खाट पर सेठजी की तरह लेटे हुएं हैं और वह जमीन पर बैठे फरियादियों से काम के हिसाब से पैसे लेते दिख रहे हैं। 

​क्या है पूरा मामला?

​सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पटवारी किसी दबंग की तरह खाट (चारपाई) पर पैर पसार कर लेटे हैं। उनके आस-पास फाइलों का अंबार लगा है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनके सामने काम करवाने आए फरियादी नीचे जमीन पर बैठे हैं।

​वीडियो के एक हिस्से में फरियादी पटवारी के सामने 'नोटों का नजराना' पेश करते हुए भी दिख रहे हैं। यह दृश्य न केवल पद के दुरुपयोग को दर्शाता है, बल्कि राजस्थान सरकार के 'सुशासन' के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

​जिला कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

​वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। जोधपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने इस मामले की पुष्टि करते हुए इसे बेहद गंभीर माना है। कलेक्टर ने बताया कि वीडियो बालेसर क्षेत्र के पटवारी से संबंधित है। प्राथमिक जांच में आचरण सरकारी सेवा नियमों के विरुद्ध पाया गया है।

पटवारी पर प्रशासनिक डंडा

​कारण बताओ नोटिस: बालेसर क्षेत्र के इस पटवारी को 3 दिन के भीतर जवाब देने के लिए 'शो कॉज नोटिस' जारी किया गया है।

​निलंबन की चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तीन दिन में दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहा, तो पटवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जाएगी।

भ्रष्टाचार की जांच: नोटों के लेनदेन वाले पहलू की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

सोशल मीडिया पर सिस्टम के लिए मजे

​जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स और फेसबुक पर वायरल हुआ, लोगों ने पटवारी के इस व्यवहार की तीखी आलोचना शुरू कर दी। अधिकतर यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा, यह है असली पटवारी, तभी कलेक्टर की पत्नी भी पति से पूछती है कि आप कब पटवारी बनोगे। कुछ यूजर्स ने कहा कि तभी कहावत बनी है कि उपर करतार, नीचे पटवार।  

यूजर्स बोले, यह है सिस्टम की असली तस्वीर

सोशल मीडिया पर पटवारी के इस वीडियो को सिस्टम की 'असली तस्वीर' बताया जा रहा है। यूजर्स ने लिखा है कि यह केवल एक पटवारी की कहानी नहीं है, बल्कि सिस्टम में बैठे अधिकारी-कर्मचारी खुद को 'छोटा राजा' समझते हैं। सरकारी दफ्तरों में आम आदमी को सम्मान देने के बजाय उसे जमीन पर बिठाना सामंती मानसिकता का प्रतीक है। एक यूजर ने कमेंट किया कि ​लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और अधिकारी सेवक। लेकिन यहां तो सेवक खाट पर लेटा है और मालिक (जनता) नीचे धूल में बैठी है। यह दृश्य विचलित करने वाला है।

'दू सूत्र' व्यू:

​यह वीडियो एक बार फिर याद दिलाता है कि डिजिटल होते भारत में जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुधारों की कितनी आवश्यकता है। एक तरफ सरकार संवेदनशील प्रशासन की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के वीडियो पूरे सिस्टम की छवि धूमिल करते हैं। सिस्टम को जवाबदेह बनाने की जरूरत है। अब सबकी नजरें सरकार की अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं-क्या यह केवल एक नोटिस तक सीमित रहेगा या फिर एक नजीर पेश की जाएगी।

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