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Photograph: (the sootr)
News In Short
- एसओजी ने पीटीआई भर्ती-2022 में डमी कैंडिडेट और फर्जी डिग्री के नए खुलासे।
- जांच में दो अभ्यर्थियों ने डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास की और फर्जी डिग्री पेश की।
- रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी पर मुकदमा दर्ज किया गया।
- एसओजी ने 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां एमपी की प्राइवेट यूनिवर्सिटी से जुड़ी पाई।
- एसओजी फर्जी डिग्री गोरखधंधे में आगे भी जारी कर सकता है नए खुलासे।
News In Detail
राजस्थान में पीटीआई भर्ती 2022 में हुए फर्जीवाड़े की जड़ें मध्य प्रदेश के निजी यूनिवर्सिटीज तक गहरी जमी है। एसओजी ने ऐसे दो चयनित अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने न सिर्फ परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठा कर नौकरी हथियाई, बल्कि मध्यप्रदेश के दो निजी विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्री भी हासिल की। इसमें रवींद्र नाथ विश्वविद्यालय और श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी पर भी नए मामले दर्ज किए गए हैं।
डमी कैंडिडेट से पास की गई परीक्षा
एसओजी के डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि अनिल पाटीदार और रिडमल राम देवासी ने अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास की। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र की उपस्थिति पत्र और हस्ताक्षरों का मिलान किया गया, लेकिन पाया गया कि परीक्षा केंद्र में किए गए हस्ताक्षर और वर्तमान हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे थे। इसका मतलब यह था कि अभ्यर्थियों ने खुद परीक्षा नहीं दी थी, बल्कि डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास कराई थी।
फर्जी डिग्री का खेल
जांच में यह भी पता चला कि अनिल पाटीदार ने जेएस यूनिवर्सिटी की बीपीएड डिग्री का जिक्र अपने आवेदन पत्र में किया था। दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसने रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल की दो साल की बीपीएड डिग्री पेश की। हकीकत में यह कोर्स एक साल का था। इसमें बैकडेट डिग्री जारी की गई थी। जो फर्जी थी और उसी के आधार पर उसने पीटीआई भर्ती में चयन हासिल किया। इस विश्वविद्यालय को भी आरोपी बनाया है।
सत्य साईं विश्वविद्यालय पर दर्ज एफआईआर
जांच में यह भी सामने आया कि दूसरे अभ्य​र्थी रिड़मल राम देवासी ने मध्य प्रदेश की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी से फर्जी तरीके से बैकडेट में डिग्री हासिल की थी। उन्होंने डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास कर फर्जी डिग्री के आधार पर चयन करा लिया। इस विश्वविद्यालय को भी एसओजी ने आरोपी बना लिया है।
अब तक की जांच में 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी से जुड़ी पाई गई हैं। इनमें से 40 अभ्यर्थियों ने आवेदन में किसी और विश्वविद्यालय की डिग्री की जानकारी दी। लेकिन दस्तावेज सत्यापन के समय उन्होंने श्रीसत्य साईं विश्वविद्यालय की डिग्री पेश की।
बांट रहा थे बैकडेट में डिग्री
एसओजी के भोपाल सर्च अभियान में प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि एमपी के निजी विश्वविद्यालय ऐसे छ़ात्रों को बैक डेट में डिग्री बांट रही थी, जो पढ़ने के लिए यूनिवर्सिटी में कभी नहीं पहुंचे। डिग्री पाने के लिए यूनिवर्सिटी संबंधित छ़ात्र से मोटी राशि वसूलती थी। बताया जाता है कि यूनिवर्सिटी लंबे समय से फर्जी डिग्री बांटने का गोरखधंधा चला रहे हैं।
एसओजी को ऐसे हुआ शक
बताया जाता है कि फर्जी डिग्री के खेल में सत्य साई यूनिवर्सिटी और आरकेडीएफ पर तब संदेह हुआ, जब राजस्थान पीटीआई भर्ती 2022 में चयनित हुए 67 अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन में इसी यूनिवर्सिटी की बीपीएड डिग्री पेश की। दरअसल, जब अभ्यर्थियों ने भर्ती का ऑनलाइन फॉर्म भरा था, तब डिग्री लेने की लोकेशन कुछ और दर्शाई थी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी की डिग्रियां पेश की गईं। इसके बाद यह मामला जांच के लिए एसओजी को दे दिया गया।
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