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Photograph: (the sootr)
Jaipur. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के लगभग 20 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। इन शहरों में हवा का स्तर खराब से लेकर बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। राजधानी जयपुर का AQI 218 दर्ज हुआ, जो लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
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भिवाड़ी सबसे गंभीर
सबसे गंभीर स्थिति भिवाड़ी की है, जहां AQI 304 मापा गया। यह स्तर उन शहरों में गिना जाता है, जहां लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहना फेफड़ों और दिल के लिए जोखिम भरा हो सकता है। भिवाड़ी के समान ही कोटा (285), जालोर (284), सीकर (274) और झालावाड़ (271) भी चिंताजनक स्थिति में हैं।
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राज्य के लिए खतरे की घंटी
भिवाड़ी एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और हरियाणा सीमा के नजदीक स्थित है। यहां फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली-NCR जैसे अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों से हवा का बहाव भी भिवाड़ी की वायु को प्रभावित करता है।
राजस्थान के 20 सबसे प्रदूषित शहर
भिवाड़ी का AQI 304 रहा, बहुत खराब श्रेणी है। वहीं कोटा का 285, जालोर का 284, सीकर का 274, झालावाड़ का 271, झुंझुनूं का 263, टोंक का 263, डूंगरपुर का 249, पाली का 242, जैसलमेर का 239, चूरू का 235, नागौर का 230, सिरोही का 222, बूंदी का 219, जयपुर का 218, श्रीगंगानगर का 216, जोधपुर का 214, बीकानेर का 213, चित्तौड़गढ़ का 203 और राजसमंद का AQI 201 रहा। भिवाड़ी के अलावा सभी शहरों का AQI खराब श्रेणी में रहा।
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हवा इतनी खराब क्यों हो रही है?
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की जहरीली हवा राजस्थान तक पहुंच रही है, जिससे AQI तेजी से बढ़ रहा है। भिवाड़ी, कोटा और पाली जैसे शहर बड़े औद्योगिक हब हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं ने वायु गुणवत्ता पर सीधा असर डाला है। ठंड में हवा का रुकना और तापमान गिरना प्रदूषक तत्वों को हवा की निचली परत में रोक देता है। कई शहरों में बड़े निर्माण और ग्रामीण इलाकों में पराली जलने से भी AQI पर असर होता है।
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AQI के स्तर का मतलब
0-50 यानी अच्छा, कोई खतरा नहीं। 51-100 यानी संतोषजनक, हल्की परेशानी। 101-200 यानी मध्यम, संवेदनशील लोगों को खतरा। 201-300 यानी खराब, फेफड़ों और दिल पर असर। 301-400 यानी बहुत खराब, लंबी बीमारी की संभावना। 401-500 यानी गंभीर, स्वास्थ्य आपातकाल।
खराब हवा का स्वास्थ्य पर असर?
डॉक्टरों का कहना है कि खराब AQI में फेफड़े कमजोर होते हैं और पुरानी बीमारियां बढ़ सकती हैं। वहीं अस्थमा, हृदय रोग और सीनियर सिटीजन के लिए यह हवा बेहद हानिकारक है। स्वस्थ लोगों को भी एक्सरसाइज और बाहर देर तक रहने से बचने की सलाह दी जाती है।
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