राजस्थान कांग्रेस की निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जांच, 346 पार्षद और 32 विधायक शामिल
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 06, 2026, 11:54 IST
डॉ. सीपी जोशी कमेटी ने जांच की शुरुआत की है
राजस्थान कांग्रेस ने निकाय चुनावों में बगावत और क्रॉस वोटिंग की गहराई से जांच करने की योजना बनाई है। इस जांच में 346 पार्षदों और 32 विधायकों का समावेश होगा, जिसमें पूर्व नेताओं की भूमिका भी देखी जाएगी। विशेष रूप से पाली, अजमेर, भीलवाड़ा और कोटा नगर निगमों पर निगरानी की जाएगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- कांग्रेस ने निकाय चुनाव की क्रॉस वोटिंग की जांच शुरू की है
- 346 पार्षदों के साथ 32 विधायक भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं
- डॉ. सीपी जोशी कमेटी ने जांच की शुरुआत की है
- पाली, अजमेर, भीलवाड़ा और कोटा पर शुरुआती फोकस है
- संदिग्ध भूमिका मिलने पर नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है
निकाय चुनाव में अजमेर, पाली और भीलवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन और 113 निकायों में सामने आई बगावत व क्रॉस वोटिंग के बाद पार्टी ने मामले को गंभीरता से लिया है। इसी को लेकर डॉ. सीपी जोशी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने शनिवार से जांच शुरू कर दी है।
सबसे पहले बड़े निकाय चुनावों की जांच
कमेटी सबसे पहले पाली, अजमेर, भीलवाड़ा और कोटा के मेयर चुनाव की पड़ताल करेगी। इसके साथ ही बीकानेर में उपमहापौर और जोधपुर में महापौर चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग की भी जांच की जाएगी।
पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि इन चुनावों में पार्टी के पास पर्याप्त संख्या में पार्षद होने के बावजूद परिणाम पक्ष में नहीं आए। ऐसे में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी बगावत की वजह पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है।
32 विधायक और पूर्व नेता भी जांच के दायरे में
पाली, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर समेत कई जगहों पर क्रॉस वोटिंग के दौरान नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। यदि जांच में किसी नेता की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।
जिला अध्यक्ष और प्रभारी से भी पूछताछ
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि किन नेताओं या अन्य लोगों ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ माहौल बनाने या क्रॉस वोटिंग में भूमिका निभाई। पार्टी के अंदर ऐसी भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
पाली में पार्षदों के बाड़े से जुड़े सवाल
कमेटी यह पता करेगी कि जब अधिकांश पार्षद विधायक के साथ बताए जा रहे थे तो दूसरा गुट बड़ी संख्या में पार्षदों को अपने साथ कैसे ले गया। इसी दौरान विधायक के भाई के साथ मारपीट की घटना का भी जिक्र सामने आया है।
अब जांच कमेटी यह जानने की कोशिश करेगी कि पार्षदों को एक गुट से दूसरे गुट तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसमें पार्टी के किसी नेता या पदाधिकारी की कोई भूमिका थी।
बड़े नेताओं की भूमिका भी होगी साफ
जांच के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी। इसके आधार पर जिम्मेदार नेताओं और कार्यकर्ताओं पर संगठनात्मक कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ में नदी प्रदूषण के 30 हजार से ज्यादा मामले, रायपुर सबसे आगे, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
By Harrison Masih
राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली, NEET UG काउंसलिंग के राउंड-3 में निजी कॉलेजों की स्थिति ने चौंकाया
By Jyoti Mahender Bhardwaj
कर्मचारियों-पेंशनर्स के कैशलेस इलाज में नया पेंच! नॉन-इंपैनल्ड अस्पतालों की लिमिट 4 लाख से घटाकर 1.50 लाख करने का प्रस्ताव
By Amresh Kushwaha
पंचायत चुनाव: 2.27 लाख कर्मचारियों की लगेगी चुनाव ड्यूटी, उपसरपंच चुनाव के बाद ही लौट सकेंगे कर्मचारी
By Jageshwar prasad
एमपी में सरकारी नौकरी: एक लाख पदों पर होगी सीधी भर्ती, सीएम मोहन यादव ने किया एलान, इन पदों पर मिलेगी नौकरी
By Kaushiki
पुलिस अब रिक्रूटर और सरगना तक पहुंचेगी; साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की नई रणनीति
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान: धनतेरस के चलते पंचायत चुनाव की तारीखों में बड़ा बदलाव, जानें पूरा शेड्यूल
By Jageshwar prasad