विधायक की गुंडागर्दी का शिकार बने एईएन हर्षाधिपति का प्रमोशन, 'इंसाफ' अभी भी दूर

Nitin Kumar Bhal | Jul 23, 2025, 16:09 IST
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Harshadhipati
Photograph: (The Sootr)

राजस्थान में तत्कालीन विधायक मलिंगा द्वारा किए गए हमले का शिकार बने AEN हर्षाधिपति को JVVNL ने XEN पद पर प्रमोट किया है। इससे पहले उनका केस जयपुर ट्रांसफर किया गया।

राजस्थान के धौलपुर जिले (Dholpur District) में बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा (Girraj Singh Malinga) द्वारा किए गए हमले का शिकार बने जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (Jaipur Vidyut Vitran Nigam Limited) के एईएन हर्षाधिपति (Harshadhipati) को प्रमोशन दिया गया है। यह प्रमोशन रिव्यू डीपीसी (Review DPC) की सिफारिशों के आधार पर दिया गया है, और आरती डोगरा के निर्देश पर यह प्रक्रिया पूरी की गई। हर्षाधिपति को सहायक अभियंता (Assistant Engineer) से अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) के पद पर पदोन्नति दी गई है।

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हर्षाधिपति का इलाज कहां चला?

28 मार्च 2022 में हुए इस हमले के बाद हर्षाधिपति को गंभीर चोटें आई थीं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital, Jaipur) में लगभगदो साल तक भर्ती रहने के बाद, हर्षाधिपति अब घर पर इलाज करवा रहे हैं। इस हमले में उनका एक पैर लगभग पूरी तरह से खराब हो गया था, जिससे उन्हें विशेष योग्यजन (Specially Abled) कैटेगरी में शामिल किया गया। हर्षाधिपति की चिकित्सकों की रिपोर्ट (Doctor's Report) के आधार पर उन्हें प्रमोशन दिया गया है।

केस भी ट्रांसफर जयपुर

पहले धौलपुर की एससी-एसटी कोर्ट (SC-ST Court, Dholpur) में एईएन हर्षाधिपति से मारपीट का केस चल रहा था, लेकिन अब हाईकोर्ट (High Court) ने इस केस को जयपुर ट्रांसफर (Transfer to Jaipur) कर दिया है। हर्षाधिपति ने मलिंगा के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पीड़ित के एडवोकेट (Victim's Advocate) अखिल सिमलोट (Akhil Simlot) और मालती (Malti) ने याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि मलिंगा एक बाहुबली (Bahubali) है, और उनके खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। जमानत मिलने के बाद मलिंगा ने विजय जुलूस (Victory Parade) निकाला था, जो एक शक्ति प्रदर्शन था।

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हर्षाधिपति मामले में कोर्ट ने जयपुर पुलिस कमिश्नर को क्या निर्देश दिए?

जयपुर में केस ट्रांसफर करने के दौरान, जयपुर पुलिस कमिश्नर (Jaipur Police Commissioner) को गवाहों और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, धौलपुर एसपी (Dholpur SP) को गवाहों को समन भेजने और नोटिस तामील कराने में सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस केस की गंभीरता को देखते हुए एसआई (SI) और दो एएसआई (ASI) को केस ऑफिसर स्कीम के तहत नियुक्त किया गया है, जो इस प्रकरण में सहायक की भूमिका निभाएंगे।

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यह है पूरा मामला

28 मार्च 2022 को गिर्राज मलिंगा स्थानीय लोगों की शिकायत पर बाड़ी डिस्कॉम ऑफिस (Badi Discom Office) गए थे, जहां उन्होंने और उनके समर्थकों ने एईएन हर्षाधिपति और जेईएन नितिन गुलाटी (JEN Nitin Gulati) के साथ मारपीट की। इस हमले में हर्षाधिपति को 22 फ्रैक्चर (22 Fractures) आए थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मलिंगा को नहीं पकड़ा गया। कुछ दिन बाद, मलिंगा ने खुद को सरेंडर कर दिया और जेल में कुछ महीने बिताए। बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

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FAQ

  1. 1. हर्षाधिपति को प्रमोशन क्यों दिया गया?
    हर्षाधिपति को रिव्यू डीपीसी (Review DPC) के आधार पर अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) के पद पर प्रमोशन दिया गया है।
  2. 2. हर्षाधिपति के केस को धौलपुर से जयपुर क्यों ट्रांसफर किया गया?
    हाईकोर्ट (High Court) ने इस केस को जयपुर ट्रांसफर (Transfer to Jaipur) किया, क्योंकि गिर्राज मलिंगा (Girraj Malinga) के खिलाफ गंभीर आरोप थे और धौलपुर में गवाहों और पीड़ितों की जान को खतरा था।
  3. 3. हर्षाधिपति मामले में गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
    जयपुर पुलिस कमिश्नर (Jaipur Police Commissioner) को गवाहों और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं, और इस केस को केस ऑफिसर स्कीम (Case Officer Scheme) के तहत ट्रैक किया जाएगा।

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