राजस्थान में डॉग बाइट के बढ़ते मामले और निराश्रित पशुओं से सड़क हादसे, हाईकोर्ट ने कहा सड़कें आमजन के लिए असुरक्षित

Gyan Chand Patni | Aug 02, 2025, 17:22 IST
Share
stray animal rajasthan
stray animal rajasthan

राजस्थान में डॉग डॉग बाइट और निराश्रित पशुओं से सड़क हादसों पर जोधपुर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। कहा सड़कें आमजन के लिए असुरक्षित बन चुकी हैं। हादसों से जुड़े आंकड़े उजागर नहीं किए जा रहे।

राजस्थान में निराश्रित पशुओं और बढ़ते डॉग बाइट के मामलों को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है।

अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि राज्य में सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग अब आमजन के लिए असुरक्षित हो गए हैं। कोर्ट की यह टिप्पणी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर था, जिसमें इन घटनाओं की गंभीरता को उजागर किया गया था।

राजस्थान सड़क सुरक्षा के मामले में खास ध्यान दे तो हालात सुधर सकते हैं। निराश्रित पशु हादसे की वजह बन रहे हैं।

निराश्रित पशुओं से बढ़ते सड़क हादसे

हाईकोर्ट ने कहा कि निराश्रित पशुओं के कारण सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कई सड़क दुर्घटनाएं इस कारण हो रही हैं, लेकिन राज्य सरकार और नगर निगम इस स्थिति की गंभीरता को कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं। यह आरोप लगाया गया कि आंकड़ों को जानबूझकर घटाया जा रहा है ताकि सरकार की लापरवाही छुपी रहे। राजस्थान में डॉग बाइट और निराश्रित पशुओं से सड़क हादसे ​चिंताजनक हैं।

जनजाति शिक्षा के प्रति यह कैसा रवैया! अस्तित्व के संकट से जूझ रही राजस्थान की गोविन्द गुरु ट्राइबल यूनिवर्सिटी

गणित में पिछड़ रहे राजस्थान के बच्चे, 8वीं कक्षा के 10 में 4 छात्र ही कर पाते हैं भाग

बढ़ते डॉग बाइट के मामले

राजस्थान में डॉग बाइट के मामलों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 तक 3,32,000 से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए थे, जबकि जनवरी 2025 में ही 15,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं।

अदालत ने 2018 में राज्य सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस साल 185 से अधिक लोगों की मौत निराश्रित पशुओं से हुई दुर्घटनाओं में हुई थी, लेकिन उसके बाद से इस पर समेकित रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।

राजस्थान नगरीय निकाय परिसीमन का काम हुआ पूरा, अब राज्य में दस हजार से ज्यादा हो गए हैं वार्ड

Rajasthan News | राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हो गया बड़ा फर्जीवाड़ा जांच के आदेश !

राज्य सरकार और नगर निगम की भूमिका

अधिवक्ता आयुष गहलोत ने अदालत को बताया कि कई बार अभियान चलाए गए हैं, लेकिन पशु-प्रेमियों द्वारा उनका विरोध किया जाता है। राज्य सरकार ने 2022 में राजस्थान रोड सेफ्टी बिल का मसौदा तैयार किया था, जिसमें निराश्रित पशुओं से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए कई प्रावधान किए गए थे।

न्यायमित्र नियुक्त किए

कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगरीय विकास विभाग, परिवहन विभाग और विभिन्न नगर निगमों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, अदालत ने न्यायमित्र नियुक्त किए हैं। उन्हें इस मामले पर विस्तृत अध्ययन करने और अदालत की सहायता करने का निर्देश दिया गया है।

FAQ

  1. 1. जोधपुर हाईकोर्ट ने डॉग बाइट्स और निराश्रित पशुओं से सड़क हादसों पर क्या टिप्पणी की?
    उत्तर: जोधपुर हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्थान में बढ़ते डॉग बाइट्स और निराश्रित पशुओं से सड़क हादसों के कारण सड़कें अब आमजन के लिए असुरक्षित हो गई हैं। सरकार और नगर निगम इस स्थिति को कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं।
  2. 2. राज्य सरकार ने डॉग बाइट्स और सड़क हादसों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
    उत्तर: राज्य सरकार ने 2022 में राजस्थान रोड सेफ्टी बिल का मसौदा तैयार किया था, जिसमें निराश्रित पशुओं से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए कई प्रावधान किए गए थे।
  3. 3. हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
    उत्तर: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों और नगर निगमों को नोटिस जारी किया है और इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को न्यायमित्र नियुक्त किया है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • राजस्थान
  • डॉग बाइट
  • सड़क सुरक्षा
  • निराश्रित पशु हादसे
  • राजस्थान सड़क सुरक्षा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा