भर्ती में महिला अभ्यथियों के छाती की माप पर हाई कोर्ट की आपत्ति, कहा- यह है गरिमा के खिलाफ
thesootr Desk | Jan 06, 2026, 16:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने महिला वनरक्षक अभ्यर्थियों के लिए छाती माप को मानदंड बनाने पर आपत्ति जताई और नई प्रक्रिया पर विचार करने के लिए निर्देश दिए।
Jodhpur. राजस्थान हाई कोर्ट ने वन विभाग भर्ती में महिला अभ्यथियों के छाती की माप पर हाई कोर्ट की आपत्ति जताते हुए वनरक्षक पदों की भर्ती में महिला अभ्यर्थियों के लिए फिजिकल टेस्ट में छाती के माप को एक मापदंड के तौर पर गलत ठहराया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यह पूरी तरह से मनमाना और अपमानजनक है। यह तरीका संविधान के तहत प्रदत्त गरिमा और निजता के अधिकार को ठेस पहुंचाता है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को फेफड़ों की क्षमता का आकलन करने के लिए वैकल्पिक तरीके के इस्तेमाल पर जानकारों से राय लेने के निर्देश दिए हैं।
प्रमोशन में आरक्षण: HC में 2025 के नियमों पर उठे सवाल, बढ़ी तारीख
जस्टिस दिनेश मेहता की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, वन सचिव और कर्मिक विभाग के सचिव को ऐसे मानदंड का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने फिजिकल जांच परीक्षा पास करने के बावजूद छाती माप के मानदंड पर उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली तीन महिला कैंडिडेट की अर्जी पर फैसला करते हुए यह बात कही। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में दखल नहीं दिया, लेकिन कहा महिला उम्मीदवारों के लिए छाती माप की जरूरत के बारे में कुछ सोचना जरूरी है। चाहे वह वनरक्षक भर्ती का पद हो या वनपाल या कोई अन्य पद।
5 नहीं, 7 प्रतिशत पानी भी देंगे; राजस्थान डिजिफेस्ट में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने कहा कि इस तरह की शर्त देश के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत प्रदत्त, महिला की गरिमा और निजता के हक पर हमला है। अर्जी देने वालों ने हाईकोर्ट से कहा कि उनकी माप पात्रता से अधिक है। इस पर हाईकोर्ट ने एम्स के मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी।
weather update: कोहरे की चपेट में एमपी, राजस्थान में कड़ाके की सर्दी, छत्तीसगढ़ में कोहरा-शीतलहर का डबल अटैक
रिपोर्ट में कहा गया कि दो उम्मीदवारों की छाती की माप ‘सामान्य स्थिति’ में पात्रता से कम थी, जबकि एक की छाती की माप ‘विस्तारित स्थिति’ से कम थी। इस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने उनकी अर्जियां खारिज कर दीं और उन्हें फेल करने के भर्ती एजेंसी के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन इस तरीके को लेकर आपत्ति जताई।
राजस्थान में ईवीएम से ही होंगे पंचायत चुनाव, खास रंग की मंगवाई मशीन
रिपोर्ट में बताया गया कि दो महिला उम्मीदवारों की छाती माप ‘सामान्य स्थिति’ में पात्रता से कम थी, जबकि एक महिला की छाती माप ‘विस्तारित स्थिति’ में कम थी। इस रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट ने इन महिला उम्मीदवारों की अर्जियां खारिज कर दीं और भर्ती एजेंसी के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन छाती माप के इस तरीके पर आपत्ति जताई।
राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश की एक कॉपी मुख्य सचिव, वन विभाग सचिव और कार्मिक विभाग के सचिव को इस मानदंड पर फिर से सोचने के लिए भेजी है।
मुख्य बिंदू :
प्रमोशन में आरक्षण: HC में 2025 के नियमों पर उठे सवाल, बढ़ी तारीख
मापइंड को दोबारा आकलन हो
5 नहीं, 7 प्रतिशत पानी भी देंगे; राजस्थान डिजिफेस्ट में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
गरिमा और निजता के हक पर हमला
weather update: कोहरे की चपेट में एमपी, राजस्थान में कड़ाके की सर्दी, छत्तीसगढ़ में कोहरा-शीतलहर का डबल अटैक
अर्जियां खारिज, पर तरीके पर आपत्ति जताई
राजस्थान में ईवीएम से ही होंगे पंचायत चुनाव, खास रंग की मंगवाई मशीन
महिला अभ्यर्थियों के अधिकार पर हमला हाई कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मानदंड देश के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत महिलाओं के गरिमा और निजता के अधिकार पर हमला है। अर्जी देने वाली महिला उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट से कहा था कि उनकी शारीरिक माप पात्रता से अधिक थी। कोर्ट ने एम्स (AIIMS) के मेडिकल बोर्ड से इस बारे में रिपोर्ट मांगी थी।
रिपोर्ट के आधार पर फैसला
हाईकोर्ट का आदेश भेजा गया
मुख्य बिंदू :
- हाई कोर्ट ने छाती माप को मानदंड बनाने पर आपत्ति जताई और अधिकारियों को वैकल्पिक तरीके से माप लेने की सलाह दी।
- महिला अभ्यर्थियों ने छाती माप को एक अव्यक्त और अपमानजनक मानदंड बताया और इसे चुनौती दी।
- हाई कोर्ट ने इस मानदंड पर पुनर्विचार करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को आदेश दिया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की संभावना है।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava