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Photograph: (the sootr)
News In Short
राजस्थान हाईकोर्ट ने रवि बिश्नोई को विंटेज स्कूटर के भौतिक सत्यापन पर राहत दी।
18 दिसंबर के नोटिस पर अंतरिम रोक, वर्ल्ड कप व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए आदेश।
बिश्नोई का स्कूटर रजिस्ट्रेशन नंबर RNY-0056 है, संबंधित नोटिस पर केस दर्ज किया गया।
बिश्नोई के वकील ने सत्यापन के लिए सवाई माधोपुर जाने में कठिनाई बताई।
मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
News In Detail
राजस्थान हाई कोर्ट ने क्रिकटर स्पिनर रवि विश्नोई को राहत दी है। सवाई माधोपुर जिला परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने उनके विंटेज स्कूटर के भौतिक सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया था। बिश्नोई ने वर्ल्ड कप में व्यस्तता का हवाला देते हुए उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी। कोर्ट ने देश के प्रति उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया हैं।
विंटेज स्कूटर का हैं मामला
रवि बिश्नोई के पास एक विंटेज स्कूटर है जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RNY-0056 है। इस स्कूटर से संबंधित एक नोटिस 18 दिसंबर 2025 को सवाई माधोपुर के जिला परिवहन अधिकारी द्वारा जारी किया गया था। इस नोटिस में बिश्नोई को स्कूटर का भौतिक सत्यापन करवाने के लिए सवाई माधोपुर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। बिश्नोई ने इस नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
टी-20 वर्ल्ड कप के कारण बिश्नोई की व्यस्तता
बिश्नोई के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि वह पेशेवर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं और इस समय 'आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप' में व्यस्त हैं। वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके लिए सवाई माधोपुर जाकर स्कूटर का भौतिक सत्यापन करवाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की यह मांग बिश्नोई के राष्ट्रीय कर्तव्यों में बाधा डाल सकती है।
कोर्ट का अंतरिम आदेश
जस्टिस कुलदीप माथुर ने मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट ने यह आदेश दिया कि टी-20 वर्ल्ड कप के कारण बिश्नोई को इस समय भौतिक सत्यापन के लिए सवाई माधोपुर जाने में कठिनाई होगी। इसके चलते, 18 दिसंबर 2025 को जारी नोटिस पर रोक लगा दी गई और विभाग को स्कूटर के रजिस्ट्रेशन के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
राज्य सरकार और परिवहन विभाग को नोटिस जारी
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और परिवहन विभाग को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब मांगा। कोर्ट ने रजिस्ट्री को यह निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में एएजी बी.एल. भाटी का नाम प्रतिवादियों के वकील के रूप में दर्ज किया जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद का समय नियत किया गया है।
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