रोडवेज एमडी और चीफ मैनेजर हाईकोर्ट में तलब, अदालती आदेश को नहीं माना

राजस्थान हाई कोर्ट ने आरएसआरटीसी के एमडी और जयपुर डिपो के चीफ मैनेजर को तलब किया है। यह आदेश अदालती आदेश की जानबूझकर अवमानना करने संबंधी याचिका पर दिए गए।

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Mukesh Sharma
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News In Short

  • आरएसआरटीसी एमडी और जयपुर डिपो के चीफ मैनेजर को हाई कोर्ट ने किया तलब
  • दोनों अधिकारियों ने अदालती आदेश की नहीं की पालना, तीन फरवरी को कोर्ट में होंगे हाजिर 
  • मामला याचिकाकर्ता फूलचंद गुर्जर को आरएसआरटीसी में करना था नियमित
  • 19 जनवरी, 2024 के आदेश से याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने से किया इनकार 

News In Detail

Jaipur: राजस्थान हाई कोर्ट ने अदालती आदेश की जानबूझकर अवमानन करने पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन (आरएसआरटीसी) के एमडी और जयपुर डिपो के चीफ मैनेजर को तीन फरवरी को अदालत में तलब किया है। जस्टिस सुदेश बंसल ने यह अंतरिम आदेश फूलचंद गुर्जर की याचिका पर दिए। 

नियमित करना था कर्मचारी को

हाई कोर्ट ने 12 सितंबर, 2018 को याचिकाकर्ता फूलचंद गुर्जर को आरएसआरटीसी में नियमित करने के आदेश दिए थे। आदेश के अनुरूप फूलचंद को 31 मार्च, 1995 की स्कीम के तहत नियमित किया जाना था। 31 जनवरी, 2020 के आदेश से डीबी ने और 7 अप्रेल,2021 के आदेश से सुप्रीम कोर्ट ने भी एसबी के आदेश को बहाल रखा। 

नहीं दी नियुक्ति दी

आरएसआरटीसी ने 19 जनवरी, 2024 के आदेश से याचिकाकर्ता केा नियुक्ति देने से इनकार कर दिया। इसके लिए कहा गया कि याचिकाकर्ता ने 14 मार्च, 2001 के बहाली के आदेश के बावजूद पदभार ग्रहण नहीं किया था। 

स्पष्ट हैं अदालती आदेश

कोर्ट ने कहा है कि 12 सितंबर,2018 के आदेश में साफ तौर पर लेबर कोर्ट के आदेश के अनुसार 20 फरवरी,1996 से सेवा में निरंतर मानते हुए 31 मार्च, 1995 की स्कीम के तहत नियमित करना है। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं ​है कि याचिकाकर्ता को लेबर कोर्ट के अवार्ड के अनुसार सेवा में निरंतर मानते हुए 31 मार्च, 1995 की स्कीम के तहत नियमित करना था।  

जानबूझकर नहीं मान रहे अदालती आदेश

अदालत ने कहा है कि स्पष्ट अदालती आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को नियमित नहीं करने के लिए आरएसआरटीसी के संबंधित अधिकारी और वर्तमान एमडी और जयपुर डिपो के चीफ मैनेजर भी अवमानना के दोषी है।

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