सर्विस डेटा भरने में थोड़ी भी चूक हुई तो अटक जाएगा मार्च वेतन, जारी हुआ सभी कर्मचारियों के लिए यह 'अल्टीमेटम'

Ashish Bhardwaj | Feb 06, 2026, 13:30 IST
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Photograph: (the sootr)

राजस्थान में सर्विस डिटेल अपडेट में रत्तीभर चूक भी राज्य कर्मचारियों के मार्च का वेतन रोक सकती है। वित्त विभाग ने सर्विस डिटेल अपडेट को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सभी कर्मचारियों के लिए इस आदेश के बारे में जानना जरूरी है

News In Short

  • आईएफएमएस 3.0 पोर्टल पर सर्विस डिटेल्स अपडेट नहीं तो मार्च का नहीं मिलेगा वेतन
  • वित्त विभाग ने आईएफएमएस 3.0 पोर्टल को लेकर कर्मचारियों के लिए जारी किए आदेश
  • प्रत्येक कर्मचारी के लिए पोर्टल पर सर्विस डिटेल अपडेट करना या सत्यापित करना जरूरी
  • सर्विस डिटेल अपडेट में रत्ती भर चूक भी कर्मचारी को वेतन से कर सकती है वंचित
  • प्रदेश में प्रशासनिक सुधार और वित्तीय पारदर्शिता की दिशा में सरकार की बड़ी पहल

News In Detail

Jaipur: राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी और जरूरी खबर है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक सुधार और वित्तीय पारदर्शिता की दिशा में एक कड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने IFMS 3.0 (Integrated Financial Management System) पोर्टल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की 'सर्विस डिटेल्स' (Service Details) पोर्टल पर अपडेट या सत्यापित नहीं होंगी, उनका मार्च 2026 (देय अप्रैल 2026) का वेतन बिल सिस्टम द्वारा जेनरेट नहीं किया जाएगा।

रत्ती भर चूक भी जेब पर पड़ेगी भारी

​इसका सीधा मतलब यह है कि अगर डेटा में रत्ती भर भी चूक रही, तो अगले महीने संबंधित कर्मचारी की जेब खाली रह सकती है। सरकार के इस फरमान ने प्रशासनिक गलियारों और कर्मचारी संगठनों के बीच हलचल तेज कर दी है।

इसलिए लिया गया यह सख्त फैसला?

​दरअसल, सरकार का लक्ष्य पूरी तरह से पेपरलेस और पारदर्शी वेतन प्रणाली लागू करना है। पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि IFMS 3.0 पोर्टल पर कई कर्मचारियों का डेटा या तो गलत फीड है या फिर अधूरा है।

​अनियमित भुगतान: डेटा विसंगति के कारण कई बार गलत वेतन या भत्तों का भुगतान हो जाता है।

​सिस्टम वैलिडेशन: पोर्टल अब पूरी तरह 'ऑटोमेशन' पर काम कर रहा है। अगर डेटा नियमों के अनुसार नहीं होगा, तो सिस्टम खुद ही बिल रोक देगा।

​जवाबदेही: अब तक डेटा सुधार की प्रक्रिया कछुआ चाल से चल रही थी, जिसे रफ्तार देने के लिए विभाग ने 'नो डेटा, नो सैलरी' का रास्ता अपनाया है।

​इन 4 बिंदुओं पर अटकी है कर्मचारियों की 'सैलरी'

​आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल नाम या पदनाम भर देना काफी नहीं है। सिस्टम निम्नलिखित जानकारियों का सटीक मिलान करेगा:

​Service Cadre: कर्मचारी किस सेवा संवर्ग (जैसे- राज्य सेवा, अधीनस्थ सेवा आदि) का है।

​Service Category / Sub-Category: सेवा की श्रेणी और उप-श्रेणी का सही चुनाव।

​Designation: वर्तमान पदनाम, जो सर्विस कैडर के नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

​Pay Level: सातवें वेतनमान के अनुसार सही पे-लेवल और वर्तमान बेसिक सैलरी का मिलान।

​यदि इनमें से एक भी जानकारी पोर्टल पर गलत पाई गई, तो System Validation फेल हो जाएगा और कर्मचारी का नाम सैलरी लिस्ट से स्वतः ही बाहर हो जाएगा।

​डीडीओ की बढ़ी मुश्किलें, सिर पर आई जिम्मेदारी

वित्त विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया की सीधी जिम्मेदारी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) पर डाल दी है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी का वेतन डेटा सत्यापन न होने के कारण रुकता है, तो उसके लिए संबंधित DDO और विभागाध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। DDO को अब युद्ध स्तर पर अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों के सर्विस प्रोफाइल की जांच करनी होगी।



​मार्च की डेडलाइन: समय रहते करें ये सुधार

​सरकार ने कर्मचारियों को संभलने के लिए फरवरी 2026 तक का समय दिया है। चूंकि मार्च का वेतन अप्रैल में देय होता है, इसलिए फरवरी के अंत तक सभी सुधार पोर्टल पर 'फ्रीज' हो जाने चाहिए।

​कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह

​स्वयं जांचें विवरण: कर्मचारी अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से IFMS 3.0 पर लॉगिन कर अपना प्रोफाइल चेक करें।

​DDO से संपर्क: यदि सर्विस बुक और पोर्टल के डेटा में कोई अंतर है, तो तुरंत अपने आहरण-वितरण अधिकारी को लिखित में सूचित करें।

​दस्तावेजों का मिलान: पदोन्नति (Promotion) या एसीपी (ACP) लगने के बाद अगर पे-लेवल अपडेट नहीं हुआ है, तो उसे अभी ठीक करवाएं।

​'डिजिटल अनुशासन' की ओर बढ़ता कदम

​वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान सरकार का यह कदम दूरगामी परिणाम देगा। इससे न केवल फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी, बल्कि रिटायरमेंट के समय पेंशन प्रकरणों के निपटारे में भी आसानी होगी। अक्सर देखा जाता है कि रिटायरमेंट के वक्त डेटा गलत होने के कारण कर्मचारियों को महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं, IFMS 3.0 की यह 'सफाई' उस समस्या को जड़ से खत्म कर देगी

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