ईडी को चकमा दे फरार जयपुर के भूमाफिया दुबई-सिंगापुर में करते थे इन्वेस्ट, जानें कैसे आएंगे शिकंजे में

Nitin Kumar Bhal | Sept 06, 2025, 09:45 IST
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Photograph: (TheSootr)

जयपुर में प्रॉपर्टी व्यवसायी ज्ञानचंद अग्रवाल, जुगलकिशोर डेरेवाला और अन्य व्यवसायियों के ठिकानों पर ईडी ने छापे मारे। जांच में दुबई, सिंगापुर, और अफ्रीका में संपत्तियां पाई गईं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 3 सितंबर 2025 को राजस्थान में जयपुर के प्रमुख प्रॉपर्टी व्यवसायियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने शहर के प्रमुख व्यवसायी ज्ञानचंद अग्रवाल, उनके सहयोगी जुगलकिशोर डेरेवाला, बद्रीनारायण शर्मा उर्फ बदरी बागड़ा, ग्रैंड उनियारा होटल के मालिक दलपत सिंह, प्रभुलाल चोपड़ा और जेकेडी ग्रुप के 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। इस छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। दस्तावेज की जांच में सामने आया है कि इन व्यवसायियों ने दुबई, सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग और अफ्रीका में चल-अचल संपत्तियां अर्जित कर रखी हैं। इन संपत्तियों के संचालन के लिए फर्जी कंपनियां खड़ी कीं।

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दुबई, सिंगापुर, और अफ्रीका में संपत्तियां

ईडी द्वारा की गई छापेमारी में जो जानकारी सामने आई, उसके अनुसार, इन व्यवसायियों ने दुबई, सिंगापुर, हॉन्ग कॉन्ग और अफ्रीका में बड़े पैमाने पर चल और अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। इन संपत्तियों के संचालन के लिए इन लोगों ने फर्जी कंपनियां भी स्थापित की थीं, ताकि इन संपत्तियों से जुड़े लेन-देन को छुपाया जा सके। दस्तावेज की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन संपत्तियों के माध्यम से हानिकारक वित्तीय गतिविधियां चल रही थीं, जो पहले कभी उजागर नहीं हुईं।

सूत्रों के अनुसार अब इस मामले में और गहरी जांच की जाएगी। विशेषकर, विदेशों में संपत्तियों के संबंध में जांच की दिशा को और बढ़ाया जाएगा। इस जांच में यह देखा जाएगा कि इन संपत्तियों को कैसे खरीदा गया, इनके संचालन के लिए किन कंपनियों का सहारा लिया गया, और इन संपत्तियों के लेन-देन में किन लोगों का हाथ था। ईडी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति या समूह देश के कानून से बचकर न भाग सके और ऐसे वित्तीय अपराधों की जांच को सही तरीके से किया जा सके।

जयपुर में फर्जी कंपनियों का खुलासा

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इन व्यवसायियों ने इन संपत्तियों के लिए कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों की मालिकाना हक को छुपाना था। इन कंपनियों के माध्यम से उन्होंने संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की और वित्तीय लेन-देन किया। इस कालेधन को सफेद करने के लिए इन फर्जी कंपनियों का सहारा लिया गया। यह एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है।

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ज्ञानचंद अग्रवाल और बद्री बागड़ा फरार, गिरफ्तारी नोटिस

प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के दौरान, ज्ञानचंद अग्रवाल, बद्री बागड़ा और अन्य कई प्रमुख व्यक्ति अपने ठिकानों पर नहीं मिले। इसके बाद, इन व्यवसायियों को फरार माना गया है और इनके खिलाफ समन जारी करने की तैयारी की जा रही है। ईडी ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी का नोटिस भी जारी किया है।

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ईडी क्या है?

  • ईडी का मतलब

    • प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक जाँच एजेंसी है।
    • इसका गठन आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) तथा विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से निपटने के लिए किया गया था।
  • ईडी के मुख्य कार्य

    • आर्थिक अपराधों की जाँच:
      ईडी मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों की जाँच करता है।
    • संपत्तियों का पता लगाना और कुर्की:
      ईडी अपराध से जुड़ी संपत्तियों का पता लगाता है और उन्हें अस्थायी रूप से संलग्न या ज़ब्त कर सकता है।
    • मुकदमा चलाना:
      ईडी अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करता है और उन्हें दंडित करने का प्रयास करता है।
    • भगोड़ा आर्थिक अपराधियों पर कार्रवाई:
      यह उन आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को कुर्क करता है जो देश से भाग गए हैं।
    • नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना:
      ईडी यह सुनिश्चित करता है कि भारत के आर्थिक और विदेशी मुद्रा कानून ठीक से लागू हों।

श्यामनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है ज्ञानचंद अग्रवाल

ज्ञानचंद अग्रवाल के खिलाफ पुलिस ने पहले ही गिरफ्तारी के नोटिस जारी कर रखे हैं। जयपुर शहर के विभिन्न थानों में उनके खिलाफ 200 से अधिक जमीन से संबंधित धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। श्यामनगर थाना पुलिस ने भी उनके खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली है। ये मामले जयपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे मानसरोवर, भांकरोटा, शिप्रापथ, श्याम नगर में दर्ज हैं। इससे पहले, फरवरी 2023 में आयकर विभाग ने भी अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की थी।

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9 लाख की बरामदगी

जयपुर में भूमाफिया पर ईडी की कार्रवाई में ज्ञानचंद अग्रवाल के घर से 9 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की गई। यह नकदी उनके द्वारा किए गए अवैध लेन-देन और धोखाधड़ी के संकेत देती है।

FAQ

  1. 1. जयपुर में ईडी द्वारा की गई छापेमारी में कौन से व्यवसायी शामिल थे?
    ईडी ने जयपुर के प्रमुख प्रॉपर्टी व्यवसायियों जैसे ज्ञानचंद अग्रवाल, जुगलकिशोर डेरेवाला, बद्रीनारायण शर्मा उर्फ बदरी बागड़ा, दलपत सिंह और प्रभुलाल चोपड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की।
  2. 2. जयपुर में ईडी की छापेमारी में कौन से देश में संपत्तियां मिलीं?
    ईडी की जांच में दुबई, सिंगापुर, हॉन्ग कॉन्ग और अफ्रीका में संपत्तियां मिलीं, जिनका संचालन फर्जी कंपनियों द्वारा किया जा रहा था।
  3. 3. जयपुर के भूमाफिया ज्ञानचंद अग्रवाल के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं?
    ज्ञानचंद अग्रवाल के खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों में 200 से अधिक भूमि धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। श्यामनगर थाना पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली है।
  4. 4. क्या जयपुर का भूमाफिया ज्ञानचंद अग्रवाल फरार हैं?
    हां, ईडी की छापेमारी के दौरान ज्ञानचंद अग्रवाल अपने ठिकाने पर नहीं मिले और उन्हें फरार माना गया। ईडी ने उनके खिलाफ समन जारी करने की तैयारी की है।
  5. 5. जयपुर के भूमाफिया ज्ञानचंद अग्रवाल के के घर ईडी ने छापेमारी में क्या बरामद किया?
    ईडी ने ज्ञानचंद अग्रवाल के घर से 9 लाख रुपए की नकदी बरामद की है, जो अवैध वित्तीय गतिविधियों का संकेत देती है।

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