त्योहारों पर मावा-पनीर में मिलावट का खतरा, राजस्थान में 41% नमूने फेल; स्टोरेज से डिलीवरी तक निगरानी
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 22, 2026, 12:17 IST
त्योहारों पर मावा-पनीर की सख्त जांच
त्योहारों में मावा-पनीर की बढ़ती मांग के बीच FSSAI ने स्टोरेज, परिवहन और डिलीवरी के नियमों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में जनवरी से अगस्त तक जांचे गए 233 मावा नमूनों में से 96 मिलावटी पाए गए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना, खाद्य सामग्री की जब्ती और संबंधित कानून के तहत कैद तक की कार्रवाई हो सकती है।
त्योहारी सीजन में मावा और पनीर की मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोरी का खतरा भी बढ़ जाता है। खाद्य पदार्थों का सही तरीके से रखरखाव नहीं होने पर लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। इसे देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मावा-पनीर कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब स्टोरेज से लेकर डिलीवरी तक निर्धारित तापमान और साफ-सफाई के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सामग्री जब्त करने, उसे नष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई करने का प्रावधान है।
प्रदेश में जनवरी से अगस्त तक मावा के 233 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 96 नमूने मिलावटी पाए गए। यानी जांच किए गए नमूनों में करीब 41 प्रतिशत नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह आंकड़ा त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की जरूरत को सामने लाता है। मावा मिठाइयों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता में गड़बड़ी होने पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं।
FSSAI, नई दिल्ली ने राजस्थान के आयुक्त (फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल) सहित सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। मावा और पनीर जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर रखना होगा। इसके साथ ही परिवहन और डिलीवरी के दौरान भी स्वच्छता के मानकों का ध्यान रखना जरूरी होगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई कर सकेंगे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच में तय मानकों और तापमान नियंत्रण से जुड़ी लापरवाही सामने आने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, खाद्य सामग्री की जब्ती और संबंधित प्रावधानों के तहत छह महीने तक की कैद शामिल हो सकती है। अधिकारियों को नियमों के अनुसार खराब या असुरक्षित खाद्य सामग्री को जब्त करने और नष्ट कराने का अधिकार भी है। इन निर्देशों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. एसएस शर्मा, डॉ. सुधीर महर्षि और फिजिशियन डॉ. पुनीत सक्सेना के अनुसार, मावा, पनीर और मांस जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों का उचित तापमान पर रखरखाव जरूरी है। स्टोरेज या परिवहन के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने पर हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता खराब होने और उनके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित या खराब मावा-पनीर खाने से उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में पाचन तंत्र पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ खाद्य पदार्थ की बाहरी बनावट देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाना पर्याप्त नहीं है। कारोबारियों को स्टोरेज और परिवहन के दौरान तापमान बनाए रखने के साथ साफ-सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। उपभोक्ताओं को भी विश्वसनीय दुकानों से खाद्य पदार्थ खरीदने और उनकी गुणवत्ता जांचने की सलाह दी जाती है।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मावा-पनीर खरीदते समय उसकी ताजगी, गंध, रंग और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखे या अस्वच्छ परिस्थितियों में बिक रहे खाद्य पदार्थों से बचना बेहतर है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और नियमों की सख्त पालना से मिलावटखोरी पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी में अब मावा-पनीर के स्टोरेज, परिवहन और बिक्री से जुड़े नियमों की पालना अहम रहेगी। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि मिलावटी या खराब खाद्य सामग्री से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।
राजस्थान में मावा के 233 नमूनों में 96 मिलावटी मिले
मावा-पनीर कारोबारियों पर सख्ती
नियम तोड़े तो जुर्माना, जब्ती और कैद तक का प्रावधान
गलत तापमान पर रखने से बढ़ता है बैक्टीरिया का खतरा
मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थों से सेहत पर असर
त्योहारों में खरीदारी करते समय बरतें सावधानी
आगे क्या?
छत्तीसगढ़ में RSS की नई रणनीति, दो संभाग, दो प्रचारक, मोहन भागवत के प्रवास से बढ़ी हलचल
By Arun Tiwari
मेधावी छात्र लैपटॉप योजना: 17 साल में तकनीक बदली, कीमतें बढ़ीं, लेकिन छात्रों के हाथ आज भी वही 25 हजार
By Aman Vaishnav
तीसरे चरण के 17 जिलों के टिकट 22 अक्टूबर को होंगे फाइनल, बेटे का टिकट होल्ड होने पर राजेंद्र राठौड़ नाराज
By Jageshwar prasad
एमपी में साल के आखिर तक 21 हजार से ज्यादा कर्मचारी होंगे रिटायर, सरकारी विभागों में बढ़ सकता है काम का बोझ
By Sourabh Bhatnagar
सरिस्का में नए साम्राज्य की तलाश में जुटे युवा बाघ, 58 बाघों के साथ ऑल टाइम हाई पर पहुंचा कुनबा
By Jageshwar prasad
राजस्थान पंचायत चुनाव: वोटिंग के बाद बाड़ेबंदी, 20 नवंबर तक नतीजों का इंतजार; प्रतापगढ़ में 2 की मौत
By Ashish Bhardwaj
रीवा में पुजारी ने भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति पर लगाए आरोप, कहा- 11 हजार रुपए दक्षिणा तय थी, मिले सिर्फ 500 रुपए
By Aman Vaishnav