सरिस्का में नए साम्राज्य की तलाश में जुटे युवा बाघ, 58 बाघों के साथ ऑल टाइम हाई पर पहुंचा कुनबा
Jageshwar prasad | Oct 22, 2026, 12:18 IST
सरिस्का में 58 बाघों के साथ ऑल टाइम हाई पर पहुंचा कुनबा
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से खुशखबरी आई है। यहां बाघों की संख्या 58 तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले तीन सालों में यहां 31 शावकों ने जन्म लिया है। इनमें से 30 अभी जीवित हैं। सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि वर्तमान में सरिस्का में 11 बाघ, 17 बाघिन और 30 शावक हैं।
अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve) ने खुशहाली की राह पकड़ ली है। पिछले तीन सालों में यहां बाघों के 31 शावकों ने जन्म लिया है। इनमें से 30 शावक अभी सरिस्का में मौजूद हैं। कई शावक अब दो साल से ज्यादा उम्र के हो चुके हैं।
ये शावक अपनी बाघिन मां से अलग होकर नई टेरिटरी की तलाश में जुट गए हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक (CCF – Chief Conservator of Forests) संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का में अभी 58 टाइगर हैं। यह संख्या सरिस्का के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा है।
2005 में
सरिस्का टाइगर रिजर्व का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2000 से पहले यहां बाघों की अच्छी मौजूदगी थी। इसके बाद शिकारियों ने यहां अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे बाघों का सफाया होता गया।
इसी का नतीजा रहा कि साल 2005 में सरकार को सरिस्का को बाघ विहीन घोषित करना पड़ा। लेकिन यह काला अध्याय ज्यादा समय तक नहीं रहा। साल 2007-08 में भारत के पहले बाघ पुनर्वास ने यहां उम्मीद जगाई।
इस दौरान रणथंभौर से बाघ और बाघिनों को सरिस्का लाया गया। धीरे-धीरे हालात बदलने लगे। अब सरिस्का में बाघों की संख्या 58 तक पहुंच गई है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
सरिस्का के लिए पिछले तीन साल बाघों की संख्या बढ़ाने की दृष्टि से बहुत अहम रहे हैं। इस दौरान यहां 31 शावक पैदा हुए। इनमें से 30 शावक अभी मौजूद हैं। बाघिन एसटी-17 का एक शावक बाद में लापता हो गया था।
इस कारण उसे बाघों की संख्या से हटा दिया गया। साल 2024 में 13 शावकों ने जन्म लिया। साल 2025 में 9 शावक पैदा हुए। साल 2026 में अब तक 9 शावकों ने जन्म लिया है। सरिस्का में अभी 11 बाघ, 17 बाघिन और 30 शावक हैं।
सरिस्का में पिछले कुछ सालों में बाघों के लिए अनुकूल वातावरण मिला है। इसी का नतीजा है कि बाघिन एसटी-26 पहली बार मां बनी। इस बाघिन ने इसी साल 17 अक्टूबर को दो शावकों को जन्म दिया।
इससे पहले मई 2026 में बाघिन एसटी-17 और एसटी-22 के दो शावक दिखाई दिए थे। इसके चलते सरिस्का में टाइगर की संख्या 56 तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाघिन एसटी-26 के साथ दो शावक कैमरा ट्रैप में दिखे। इसके बाद संख्या बढ़कर 58 हो गई।
सरिस्का में वर्तमान में बाघों के 30 शावक हैं। इनमें करीब 13 शावकों की उम्र दो साल से ज्यादा होने वाली है। ये शावक वयस्क होने की दहलीज पर हैं। ये अब अपनी मां से अलग होकर नई टेरिटरी की तलाश में जुटे हैं।
इनमें बाघिन एसटी-12 के चार शावक, बाघिन एसटी-27 के दो शावक, बाघिन एसटी-22 के 4 शावक और बाघिन एसटी-17 के तीन शावक शामिल हैं। इन सभी की उम्र दो साल पूरी होने को है। इस कारण सरिस्का प्रशासन इन शावकों का जल्द ही नामकरण करेगा।
सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का में युवा बाघ-बाघिन की पर्याप्त संख्या है। इससे नए शावकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। सरिस्का प्रशासन की ओर से टाइगर की बेहतर मॉनिटरिंग बड़ा कारण रही है।
वनकर्मियों की लगातार मॉनिटरिंग के चलते सरिस्का शिकारियों की पहुंच से दूर रहा है। इससे बाघों को जंगल में स्वच्छंद विचरण का माहौल मिला। टाइगर के कुनबे में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। वर्तमान में सरिस्का में टाइगर की संख्या 58 है, जो ऑल टाइम हाई (All Time High) है।
ये शावक अपनी बाघिन मां से अलग होकर नई टेरिटरी की तलाश में जुट गए हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक (CCF – Chief Conservator of Forests) संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का में अभी 58 टाइगर हैं। यह संख्या सरिस्का के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा है।
2005 में बाघ विहीन हुआ था सरिस्का
इसी का नतीजा रहा कि साल 2005 में सरकार को सरिस्का को बाघ विहीन घोषित करना पड़ा। लेकिन यह काला अध्याय ज्यादा समय तक नहीं रहा। साल 2007-08 में भारत के पहले बाघ पुनर्वास ने यहां उम्मीद जगाई।
इस दौरान रणथंभौर से बाघ और बाघिनों को सरिस्का लाया गया। धीरे-धीरे हालात बदलने लगे। अब सरिस्का में बाघों की संख्या 58 तक पहुंच गई है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
तीन साल में बढ़ा बाघों का कुनबा
इस कारण उसे बाघों की संख्या से हटा दिया गया। साल 2024 में 13 शावकों ने जन्म लिया। साल 2025 में 9 शावक पैदा हुए। साल 2026 में अब तक 9 शावकों ने जन्म लिया है। सरिस्का में अभी 11 बाघ, 17 बाघिन और 30 शावक हैं।
एसटी-26 पहली बार बनी मां
इससे पहले मई 2026 में बाघिन एसटी-17 और एसटी-22 के दो शावक दिखाई दिए थे। इसके चलते सरिस्का में टाइगर की संख्या 56 तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाघिन एसटी-26 के साथ दो शावक कैमरा ट्रैप में दिखे। इसके बाद संख्या बढ़कर 58 हो गई।
13 शावक जल्द होंगे वयस्क
इनमें बाघिन एसटी-12 के चार शावक, बाघिन एसटी-27 के दो शावक, बाघिन एसटी-22 के 4 शावक और बाघिन एसटी-17 के तीन शावक शामिल हैं। इन सभी की उम्र दो साल पूरी होने को है। इस कारण सरिस्का प्रशासन इन शावकों का जल्द ही नामकरण करेगा।
बेहतर मॉनिटरिंग बनी कारण
वनकर्मियों की लगातार मॉनिटरिंग के चलते सरिस्का शिकारियों की पहुंच से दूर रहा है। इससे बाघों को जंगल में स्वच्छंद विचरण का माहौल मिला। टाइगर के कुनबे में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। वर्तमान में सरिस्का में टाइगर की संख्या 58 है, जो ऑल टाइम हाई (All Time High) है।
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