पंचायत चुनाव से पहले 322 पूर्व जनप्रतिनिधियों पर रोक,सूची सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजी गई
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 09, 2026, 16:55 IST
पूर्व मंत्री जाहिदा खान के बेटे-बेटी भी सूची में
राजस्थान पंचायत चुनाव 322 जनप्रतिनिधि बैन का मामला सामने आया है। 322 पूर्व सरपंच, उपसरपंच, पंच और प्रधान इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। पंचायती राज विभाग ने इनकी सूची तैयार कर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी। विभाग ने 5 साल के लिए चुनाव लड़ने से रोकने की सिफारिश की थी।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में 322 पूर्व सरपंच, उपसरपंच, पंच और प्रधान इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
- पंचायती राज विभाग ने 5 साल के लिए रोक की सिफारिश की थी।
- सूची में पूर्व मंत्री जाहिदा खान के बेटे साजिद खान और बेटी शहनाज खान के नाम हैं।
- विभाग ने 7 अक्टूबर 2026 को सूची आयोग को भेजी।
- आयोग ने सूची सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेज दी है।
पंचायती राज विभाग ने इनकी सूची तैयार करके राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी थी। विभाग ने पूर्व सरपंच प्रधान चुनाव लड़ने पर रोक के लिए 5 साल की सिफारिश की थी। सोर्स के अनुसार इसके बाद आयोग ने रोक लगा दी।
पंचायती राज विभाग अयोग्य जनप्रतिनिधि सूची कैसे बनी?
आयोग के निर्देश पर विभाग ने सभी संभागीय आयुक्तों को चिट्ठी लिखकर ब्योरा मांगा। फिर 7 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज विभाग अयोग्य जनप्रतिनिधि सूची आयोग को भेज दी गई। सवाल यह है कि इस सूची में कौन से चर्चित नाम हैं?
राज्य निर्वाचन आयोग 5 साल चुनाव बैन पर सचिव ने क्या कहा?
पंचायती राज विभाग के सचिव जोगाराम के अनुसार संभागीय आयुक्त उन जनप्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराता है, जिनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता के मामले चल रहे हों।
जाहिदा खान बेटा बेटी चुनाव बैन : सूची में कौन हैं?
साजिद खान पूर्व पहाड़ी प्रधान पर क्या आरोप थे?
एफएफसी योजना में ग्रेवल सड़क (कच्ची सड़क) की मंजूरी नहीं थी। आरोप है कि फिर भी ग्रेवल सड़क की स्वीकृति निकालकर 5 लाख रुपए का भुगतान किया गया। दूसरा आरोप था कि पहाड़ी पंचायत समिति में प्रधान अवैध खनन करवा रहे हैं। भरतपुर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा ने खोह थाने में साजिद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, सत्ता परिवर्तन के बाद फरवरी 2024 में भजनलाल सरकार ने अनियमितता के आरोपों के चलते साजिद को प्रधान पद से निलंबित कर दिया था। इन आरोपों पर साजिद का पक्ष सोर्स में नहीं है।
शहनाज खान पूर्व कामां प्रधान पर क्या आरोप थे?
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38(4) की शक्तियों के तहत विभाग ने 6 मार्च 2024 को शहनाज को प्रधान पद से निलंबित किया था। अगस्त 2025 में विभाग ने कामां पंचायत समिति (वार्ड संख्या 13) की उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी थी। इन आरोपों पर शहनाज का पक्ष सोर्स में नहीं है।
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 अयोग्यता में क्या प्रावधान है?
अब आगे क्या?
यह खबर क्यों जरूरी है:
पंचायत चुनाव गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया है। उम्मीदवारों की पात्रता सीधे मतदाताओं से जुड़ी है। सरकारी फंड में गड़बड़ी के आरोपों पर रोक लगने से जवाबदेही का संदेश जाता है। साथ ही यह जानना जरूरी है कि कार्रवाई किस आधार पर हुई और आरोपितों का पक्ष क्या है। जब नाम चर्चित परिवार से जुड़े हों, तब तथ्य और आरोप का फर्क साफ रखना और जरूरी हो जाता है। मतदाता को यह पता होना चाहिए कि कौन चुनाव लड़ सकता है और कौन नहीं।
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